
आज शाम सीतापुर में अचानक अंधेरा छा जाएगा—लेकिन घबराने की जरूरत नहीं। यह प्रशासनिक मॉक ड्रिल है, जिसमें पूरे शहर में कुछ मिनटों के लिए ब्लैकआउट रहेगा।
सीतापुर में आज शाम आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा तैयारियों को परखने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। इस अभ्यास के तहत पूरे शहर में लगभग 10 मिनट का पूर्ण ब्लैकआउट किया जाएगा। निर्धारित समय के दौरान घरों, दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थलों की सभी बत्तियां बंद रखी जाएंगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल अभ्यास है और इसे किसी भी प्रकार की वास्तविक आपात स्थिति या खतरे से जोड़कर न देखा जाए। मॉक ड्रिल का उद्देश्य यह जांचना है कि किसी आकस्मिक परिस्थिति—जैसे युद्धकालीन स्थिति, हवाई हमला, आतंकी खतरा या बड़ी प्राकृतिक आपदा—के समय प्रशासन और आम नागरिक कितनी तत्परता और समन्वय के साथ प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
⏱️ कितने समय तक रहेगा ब्लैकआउट?
प्रशासन के अनुसार मॉक ड्रिल के दौरान लगभग 10 मिनट तक पूरे शहर में ब्लैकआउट रहेगा। इस अवधि में नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे सभी निर्देशों का पालन करते हुए सहयोग करें।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य क्या है?
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपात स्थितियों में तैयारियों का वास्तविक परीक्षण करना होता है। इसके जरिए यह आकलन किया जाता है कि रोशनी बंद करने की प्रक्रिया कितनी तेजी से लागू होती है, सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल कैसा है और आम नागरिक निर्देशों को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
ब्लैकआउट के दौरान नागरिक क्या करें?
- घर, दुकान और प्रतिष्ठान की सभी बाहरी व आंतरिक लाइटें बंद रखें
- इन्वर्टर या जनरेटर की रोशनी बाहर से दिखाई न दे
- वाहन चलाना आवश्यक हो तो हेडलाइट बंद या डिम रखें
- मोबाइल फ्लैश/टॉर्च का अनावश्यक प्रयोग न करें
- शांत रहें और घबराएं नहीं
किन बातों से बचना जरूरी है?
- ब्लैकआउट को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं
- सोशल मीडिया पर भ्रामक या डराने वाले संदेश साझा न करें
- बिना जरूरत पुलिस या आपात सेवाओं को कॉल न करें
मॉक ड्रिल के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा और सिविल डिफेंस की टीमें पूरी तरह अलर्ट रहेंगी। अभ्यास समाप्त होते ही स्थिति सामान्य कर दी जाएगी।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इसे सामूहिक सुरक्षा अभ्यास के रूप में लें और पूरा सहयोग करें, ताकि भविष्य में किसी भी वास्तविक संकट के समय जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।








