राजनीतिक घोषणाओं से आगे बढ़कर जब सरकार ज़मीन पर रोजगार सौंपती है, तब योजनाएँ भरोसे में बदलती हैं। युवा संबल मेला उसी भरोसे की तस्वीर बनकर सामने आया।
युवा संबल मेला केवल एक रोजगार आयोजन नहीं, बल्कि उस नीतिगत सोच का प्रतिबिंब है जिसमें युवाओं को प्रतीक्षा नहीं, प्रत्यक्ष अवसर देने पर ज़ोर दिया गया। भजनलाल शर्मा की पहल पर आयोजित इस मेले ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब प्रशासन, निजी क्षेत्र और कौशल एक मंच पर आते हैं, तो परिणाम सिर्फ आँकड़े नहीं बल्कि बदली हुई ज़िंदगियाँ होती हैं।
एमएसजे खेल मैदान बना रोजगार का केंद्र
भरतपुर के एमएसजे खेल मैदान में आयोजित युवा संबल मेले में सुबह से ही युवाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। अलग-अलग शैक्षणिक और तकनीकी पृष्ठभूमि वाले युवाओं ने यहां अपने भविष्य के लिए ठोस संभावनाएँ देखीं। एक ही परिसर में 44 से अधिक निजी कंपनियों की भागीदारी ने इस आयोजन को क्षेत्रीय स्तर पर अत्यंत प्रभावशाली बना दिया।
दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभ
मेले का शुभारंभ संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया एवं जिला कलेक्टर कमर चौधरी द्वारा माँ सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके बाद अधिकारियों ने विभिन्न विभागों और निजी कंपनियों की स्टॉलों का निरीक्षण कर युवाओं को दी जा रही सेवाओं और मार्गदर्शन की जानकारी ली।
1159 युवाओं को नियुक्ति पत्र, 5.80 लाख तक का पैकेज
युवा संबल मेले की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि एक ही दिन में लगभग 1159 युवाओं को विभिन्न पदों पर जॉब लेटर प्रदान किए गए। चयन आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, तकनीकी, सेवा और सुरक्षा क्षेत्रों में हुआ। अधिकतम वार्षिक पैकेज 5.80 लाख रुपये तक रहा, जिसने इस आयोजन की विश्वसनीयता को और मजबूत किया।
आईटीआई युवाओं को मिला सीधा अवसर
टीटागढ़ रेल सिस्टम लिमिटेड में चयनित नंगला चूरामन निवासी गोपेश कुमार और भरतपुर निवासी गौरव कुमार को मंच से जॉब लेटर सौंपे गए। दोनों युवाओं ने बताया कि आईटीआई के बाद लंबे समय से रोजगार की तलाश थी, लेकिन युवा संबल मेले ने बिना किसी मध्यस्थता के उन्हें सीधा अवसर दिया।
सरकारी योजनाओं का भी मिला लाभ
मेले में रोजगार के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया गया। पंजाब नेशनल बैंक राजनगर शाखा के माध्यम से प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत ज्योति पत्नी सुरेन्द्रपाल, श्रीमती जयश्री पत्नी योगेश कुमार और दिनेश चंद्र को 15-15 हजार रुपये के स्वीकृत चेक प्रदान किए गए।
युवा नीति का ज़मीनी रूप
युवा संबल मेला इस बात का प्रमाण है कि जब नीति केवल फाइलों में नहीं, मैदान में उतरती है, तो उसका प्रभाव सीधे समाज पर दिखता है। कौशल, अवसर और भरोसे के इस संगम ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ठोस आधार दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
युवा संबल मेला क्या है?
युवा संबल मेला युवाओं को एक ही मंच पर निजी कंपनियों और सरकारी योजनाओं से जोड़ने वाला रोजगार आयोजन है।
कितने युवाओं को नौकरी मिली?
इस मेले में लगभग 1159 युवाओं को विभिन्न पदों पर नियुक्ति पत्र दिए गए।
अधिकतम पैकेज कितना रहा?
अधिकतम वार्षिक पैकेज 5.80 लाख रुपये तक रहा।
क्या सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिला?
हाँ, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को ऋण चेक प्रदान किए गए।











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