पहाड़ी नगर पालिका बिजली चोरी मामला : स्ट्रीट लाइट व हाई मास्क लाइट जलाने पर करीब 2 लाख का जुर्माना

अवैध बिजली कनेक्शन से स्ट्रीट लाइट और हाई मास्क लाइट जलाने का मामला।

हिमांशु मोदी की रिपोर्ट
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सरकारी दफ्तरों से आम नागरिकों तक बिजली चोरी पर कार्रवाई की बातें आम हैं, लेकिन जब नियमों की अनदेखी खुद नगर पालिका करे—तो सवाल सिर्फ जुर्माने का नहीं, प्रशासनिक जवाबदेही का बन जाता है।

पहाड़ी नगर पालिका बिजली चोरी मामला राजस्थान के डीग जिले में स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर कमजोरियों को उजागर करता है। स्ट्रीट लाइट और हाई मास्क लाइट जैसी सार्वजनिक सुविधाओं को अवैध विद्युत कनेक्शन के जरिए संचालित किए जाने का यह मामला नियमों की अनदेखी के साथ-साथ प्रशासनिक लापरवाही का दस्तावेज़ बन गया है। बिजली विभाग द्वारा करीब दो लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने के बाद यह प्रकरण पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है।

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बिजली विभाग की जांच में कैसे खुला पूरा मामला

बिजली विभाग के अनुसार, पिछले तीन महीनों से पहाड़ी कस्बे में स्ट्रीट लाइट और हाई मास्क लाइटें नियमित रूप से जल रही थीं, जबकि उनके लिए किसी भी प्रकार के वैध विद्युत कनेक्शन का रिकॉर्ड विभाग के पास मौजूद नहीं था।

निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि नगर पालिका द्वारा सीधे लाइन से अवैध रूप से कनेक्शन जोड़कर लाइटें चलाई जा रही थीं।
यह न केवल बिजली अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि सरकारी संस्था द्वारा की गई बिजली चोरी का स्पष्ट उदाहरण भी है।

डिमांड नोटिस, भुगतान में लापरवाही और पहली कटौती

मामले के उजागर होने के बाद बिजली विभाग ने पहाड़ी नगर पालिका को डिमांड नोटिस जारी किया, जिसमें तीन महीनों के बिजली उपयोग की निर्धारित राशि जमा करने के निर्देश दिए गए।

निर्धारित समयसीमा के भीतर भुगतान न होने पर दिसंबर माह में सभी अवैध कनेक्शन काट दिए गए। लेकिन इसके बावजूद नगर पालिका ने नियमों की अनदेखी जारी रखी।

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चोरी-छुपे दोबारा जोड़े गए कनेक्शन

सूत्रों के अनुसार, कनेक्शन कटने के बाद भी नगर पालिका द्वारा चोरी-छुपे दोबारा लाइन जोड़ ली गई। यह कदम विभागीय कार्रवाई को खुली चुनौती देने जैसा था।

मामले की जानकारी मिलने पर 10 जनवरी को बिजली विभाग ने फिर से मौके पर पहुंचकर सभी अवैध कनेक्शन काट दिए।

तीन महीने के उपयोग पर 1,91,160 रुपये का जुर्माना

लगातार नियम उल्लंघन को देखते हुए 19 जनवरी को
बिजली विभाग ने अंतिम कार्रवाई करते हुए नगर पालिका पर 1 लाख 91 हजार 160 रुपये का जुर्माना लगाया।

अधिशासी अधिकारी की अनभिज्ञता ने बढ़ाए सवाल

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजकुमार अधिकारी पर मामले की जानकारी से अनभिज्ञता जताई।
उन्होंने कहा कि लाइट लगाने का कार्य अक्टूबर में शुरू हुआ था, लेकिन वे यह नहीं बता सके कि बिजली कैसे और किस अनुमति से जलाई गई।

प्रशासनिक जवाबदेही और सार्वजनिक धन का सवाल

पहाड़ी नगर पालिका बिजली चोरी मामला यह सवाल उठाता है कि जब सरकारी संस्थाएं ही नियमों का पालन नहीं करेंगी, तो आम नागरिकों से ईमानदारी की अपेक्षा कैसे की जा सकती है।
यह मामला केवल जुर्माने तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे स्थानीय प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पहाड़ी नगर पालिका पर कितना जुर्माना लगाया गया?

नगर पालिका पर 1,91,160 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

किस कारण बिजली कनेक्शन काटे गए?

अवैध कनेक्शन और भुगतान न करने के कारण कनेक्शन काटे गए।

क्या दोबारा अवैध कनेक्शन जोड़े गए थे?

हाँ, चोरी-छुपे दोबारा कनेक्शन जोड़ने की पुष्टि हुई थी।

अधिशासी अधिकारी ने क्या प्रतिक्रिया दी?

उन्होंने मामले की जानकारी न होने की बात कही।


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