सीतापुर सड़क हादसा मंगलवार शाम उस वक्त जानलेवा साबित हुआ, जब अटरिया थाना क्षेत्र के कोदरिया गांव के पास गन्ना लेकर जा रहा एक ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर खेत में पलट गया। इस भीषण दुर्घटना में ट्रैक्टर चालक किसान की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
मंगलवार दोपहर करीब चार बजे अटरिया थाना क्षेत्र के ग्राम चंदौली निवासी किसान सरवन गौतम पुत्र नत्था अपने ट्रैक्टर पर गन्ना लादकर गन्ना कटाई केंद्र की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह कोदरिया गांव के पास पहुंचे, अचानक ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ गया। तेज झटका लगते ही ट्रैक्टर सड़क से उतरकर खेत में जा गिरा और पलट गया। भारी ट्रैक्टर के नीचे दबने से सरवन गौतम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
मौके पर मची अफरा-तफरी, ग्रामीणों ने दी सूचना
हादसा होते ही आसपास के खेतों और सड़क पर मौजूद ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर को सीधा करने और चालक को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही अटरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम
थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने की प्रक्रिया पूरी की गई है। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
किसान सरवन गौतम की मौत की खबर जैसे ही उनके गांव चंदौली पहुंची, पूरे परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार, सरवन गौतम मेहनती किसान थे और परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार पर आर्थिक और मानसिक संकट गहरा गया है।
ग्रामीण सड़कों पर बढ़ते हादसे, उठते सवाल
यह सीतापुर सड़क हादसा ग्रामीण इलाकों में बढ़ती दुर्घटनाओं की ओर इशारा करता है। संकरी सड़कें, गड्ढे, ओवरलोड वाहन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़कों की स्थिति बेहतर होती और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के लिए स्पष्ट नियमों का पालन कराया जाता, तो शायद इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था।
गन्ना ढुलाई के दौरान जोखिम
गन्ना कटाई के मौसम में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही तेज हो जाती है। कई बार गन्ने का अधिक भार, असंतुलित लोडिंग और खराब सड़कें दुर्घटना की आशंका बढ़ा देती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गन्ना ढुलाई के लिए निर्धारित वजन सीमा और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन जरूरी है।
प्रशासन से सुरक्षा उपायों की मांग
हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत कराई जाए और ट्रैक्टर चालकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि हेलमेट, रिफ्लेक्टर और ओवरलोडिंग पर रोक जैसे कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के सीतापुर सड़क हादसा दोहराए न जाएं।
शोक में डूबा गांव
कोदरिया और चंदौली गांवों में इस हादसे के बाद शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने मृतक किसान के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग भी उठाई है। लोगों का कहना है कि किसान पहले ही आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में इस तरह की दुर्घटनाएं परिवार को पूरी तरह तोड़ देती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सीतापुर सड़क हादसा कहां हुआ?
यह हादसा अटरिया थाना क्षेत्र के कोदरिया गांव के पास हुआ, जहां गन्ना लदा ट्रैक्टर पलट गया।
हादसे में मृतक कौन थे?
मृतक की पहचान किसान सरवन गौतम पुत्र नत्था, निवासी ग्राम चंदौली, थाना अटरिया के रूप में हुई है।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है।
ग्रामीणों की मुख्य मांग क्या है?
ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, ओवरलोडिंग पर रोक और ट्रैक्टर चालकों के लिए सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की जा रही है।










