कच्ची शराब ने बिगाड़ दी हालत —खैराबाद के अनिसपुर में एक व्यक्ति जिंदगी और मौत के बीच

कच्ची शराब पीने से बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाते परिजन, खैराबाद के अनिसपुर गांव की घटना।
विवेक शुक्ला की रिपोर्ट
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कच्ची शराब पीने से सीतापुर जनपद के खैराबाद थाना क्षेत्र के अनिसपुर गांव में एक व्यक्ति की हालत गंभीर हो गई। कच्ची शराब के अत्यधिक सेवन के बाद जब उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई, तो परिजनों ने उसे पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से डॉक्टरों ने हालत नाज़ुक देखते हुए लखनऊ रेफर कर दिया। यह घटना ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब के खतरनाक प्रभाव और सामाजिक तनावों की भयावह तस्वीर पेश करती है।

घरेलू विवाद के बाद कच्ची शराब का सेवन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनिसपुर गांव निवासी विष्णु नामक व्यक्ति का अपनी पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के बाद मानसिक तनाव की स्थिति में उसने गांव में ही बन रही कच्ची शराब का सेवन कर लिया। बताया जा रहा है कि उसने सामान्य मात्रा से कहीं अधिक शराब पी ली, जिससे कुछ ही समय में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।

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घंटों अचेत रहने पर परिजनों में मचा हड़कंप

शराब पीने के बाद विष्णु देर तक होश में नहीं आया। जब शाम तक उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, तो पत्नी और परिजनों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद उसकी हालत को गंभीर बताया।

डॉक्टरों ने लखनऊ किया रेफर

जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने बताया कि कच्ची शराब के कारण शरीर के आंतरिक अंगों पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए उसे लखनऊ रेफर कर दिया। फिलहाल उसका इलाज जारी है और चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

कच्ची शराब क्यों बनती है जानलेवा?

विशेषज्ञों के अनुसार, कच्ची शराब में मिलाए जाने वाले रसायन और विषैले तत्व मानव शरीर के लिए अत्यंत घातक होते हैं। यह लीवर, किडनी और तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाती है। कई मामलों में थोड़ी-सी मात्रा भी बेहोशी, अंग विफलता और मृत्यु का कारण बन जाती है।

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पुलिस बोली—जानकारी मिलने पर होगी कार्रवाई

खैराबाद थाना अध्यक्ष ने बताया कि मामले की पूरी जानकारी एकत्र की जा रही है। अवैध शराब निर्माण और बिक्री से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ग्रामीण इलाकों में बढ़ता कच्ची शराब का खतरा

ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची शराब सस्ती और आसानी से उपलब्ध होने के कारण तेजी से फैल रही है। जागरूकता की कमी, बेरोजगारी और घरेलू तनाव लोगों को नशे की ओर धकेल रहे हैं। यह समस्या अब केवल कानून-व्यवस्था नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुकी है।

समाज और प्रशासन के लिए चेतावनी

यह घटना समाज और प्रशासन दोनों के लिए चेतावनी है कि अवैध शराब पर प्रभावी नियंत्रण और नशा-मुक्ति अभियानों को गंभीरता से लागू किया जाए। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं और भी भयावह रूप ले सकती हैं।

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FAQ

कच्ची शराब पीने से क्या खतरे होते हैं?

कच्ची शराब में विषैले रसायन होते हैं, जो लीवर, किडनी और दिमाग को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।

ऐसी स्थिति में तुरंत क्या करना चाहिए?

बेहोशी या तबीयत बिगड़ने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए और डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

अवैध शराब की सूचना कहां दें?

स्थानीय थाना या आबकारी विभाग को सूचना देकर अवैध शराब पर रोक लगाने में सहयोग किया जा सकता है।

हरदोई के वरिष्ठ पत्रकार ऑखिलेश ‘दादा’ लेखन करते हुए, संतुलित पत्रकारिता और मार्गदर्शन का प्रतीकात्मक दृश्य।
लेखन में डूबे ऑखिलेश ‘दादा’—जिन्होंने ख़बरों से आगे जाकर पत्रकारिता को दिशा दी।

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