रोपन छपरा में ठाकुर भद्रसेन सिंह की 15वीं पुण्यतिथि सोमवार को देवरिया जनपद के लार विकास खंड अंतर्गत रोपन छपरा गांव में श्रद्धा, स्मरण और सामाजिक सरोकार के भाव के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में शिक्षा, अनुशासन, समय-प्रबंधन और सकारात्मक संगत जैसे विषयों पर सारगर्भित विचार रखे गए। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद एवं भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों को जीवन-दृष्टि देने वाला संबोधन किया।
संगत से बनता है व्यक्तित्व: मुख्य अतिथि
मुख्य अतिथि ने कहा कि व्यक्ति का जीवन उसकी संगत से प्रभावित होता है। गलत संगत मनुष्य को भटकाव की ओर ले जाती है, जबकि अच्छी संगत उसे सही दिशा और लक्ष्य देती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिसने अपने मन पर नियंत्रण पा लिया, वह किसी भी परिस्थिति में लक्ष्य हासिल कर सकता है। उनके अनुसार सफलता केवल साधनों से नहीं, बल्कि सोच, अनुशासन और आत्म-नियंत्रण से आती है।
चेतन-अचेतन मन और सफलता का सूत्र
अपने संबोधन में उन्होंने चेतन और अचेतन मन की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास और सकारात्मक चिंतन अचेतन मन को भी लक्ष्य के अनुरूप प्रशिक्षित करता है। हनुमान चालीसा की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास और धैर्य का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफल लोगों के साथ उठना-बैठना, उनसे सीखना और अनुशासन को दिनचर्या का हिस्सा बनाना जीवन को सही दिशा देता है।
विद्यार्थी जीवन: भविष्य की तैयारी
उन्होंने विद्यार्थी जीवन को “जीवन की तैयारी” बताते हुए कहा कि यही वह समय है जब आदतें, लक्ष्य और मूल्य तय होते हैं। यदि इस दौर में अनुशासन और परिश्रम की आदत पड़ जाए तो आगे का जीवन स्वतः सुव्यवस्थित होता चला जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, लक्ष्य निर्धारित करने और नियमित अभ्यास पर जोर दिया।
समय और अनुशासन पर विशेष जोर
समय के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि जो समय की कद्र करता है, वही आगे बढ़ता है। यदि कोई गरीब परिवार में जन्म लेता है तो यह उसकी गलती नहीं, लेकिन यदि वह जीवनभर गरीबी में ही रहता है तो इसके लिए उसे स्वयं आत्ममंथन करना चाहिए। समय को छोड़ देने से उसका बर्बाद होना तय है—और उसे बचाने कोई दूसरा नहीं आता।
कविताओं से आत्मविश्वास का संचार
कार्यक्रम के दौरान कविताओं के माध्यम से आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और लक्ष्य-निर्धारण का संदेश दिया गया। इन पंक्तियों ने बच्चों और अभिभावकों को प्रेरित किया, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह का वातावरण बना रहा। वक्ता ने कहा कि आत्म-विश्वास के बिना कोई भी प्रतिभा पूर्ण आकार नहीं ले पाती।
विज्ञान प्रदर्शनी और वाद-विवाद प्रतियोगिता
कार्यक्रम के दौरान कोलंबस इंटरनेशनल स्कूल, बीआर सेंट्रल एकेडमी, ओकेएम इंटर कॉलेज, लारी स्कूल सहित अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विज्ञान प्रदर्शनी और वाद-विवाद प्रतियोगिता में भाग लिया। विद्यार्थियों ने एसआईआर विषय पर पक्ष और विपक्ष में अपने विचार रखे, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। इस सहभागिता ने शैक्षिक संवाद को गांव के स्तर पर मजबूत किया।
स्वास्थ्य शिविर से सामाजिक सरोकार
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लार की ओर से आयोजित स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। यह पहल आयोजन को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ती दिखी, जहां स्मरण के साथ सेवा का भाव भी केंद्र में रहा।
स्थानीय सहभागिता और उपस्थिति
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान दीपेंद्र सिंह, संतोष साहनी, अखिलेश दुबे, अवधेश सिंह, श्याम बहादुर सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, शिक्षक और अभिभावक उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को प्रेरक और समाजोपयोगी बताया।
कुल मिलाकर, रोपन छपरा में ठाकुर भद्रसेन सिंह की 15वीं पुण्यतिथि केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि शिक्षा, अनुशासन, समय-प्रबंधन और सकारात्मक संगत के संदेशों के साथ समाज को दिशा देने वाला आयोजन सिद्ध हुआ।
प्रश्न: कार्यक्रम का मुख्य संदेश क्या रहा?
उत्तर: संगत, अनुशासन, समय का सदुपयोग और सकारात्मक सोच को जीवन की सफलता का आधार बताया गया।
प्रश्न: विद्यार्थियों के लिए क्या गतिविधियां रहीं?
उत्तर: विज्ञान प्रदर्शनी, वाद-विवाद प्रतियोगिता और प्रेरक संबोधन प्रमुख रहे।
प्रश्न: सामाजिक सरोकार कैसे जुड़े?
उत्तर: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लार द्वारा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।










