देवरिया के एक गांव में रविवार शाम ट्रांसफॉर्मर पर क्या हुआ?

देवरिया जिले के ग्रामीण इलाके में शाम के समय ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ा व्यक्ति और नीचे जमा ग्रामीणों की भीड़ का दृश्य।

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

 

रविवार की शाम थी। दिन ढल रहा था और गांव की रफ्तार धीरे-धीरे सुस्त पड़ने लगी थी। जूनियर हाईस्कूल के पास लगे ट्रांसफॉर्मर के नीचे कुछ लोग खड़े थे। ऊपर एक व्यक्ति चढ़ा हुआ था—काम सामान्य लग रहा था। तभी कुछ ऐसा घटा कि आवाज़ें थम गईं, निगाहें ऊपर टिक गईं और कोई आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा सका।

शुरुआत में किसी को अंदेशा नहीं था

ग्रामीणों के लिए यह रोज़मर्रा का दृश्य था। बिजली से जुड़ी छोटी दिक्कतें अक्सर आती रहती हैं और उन्हें ठीक करने के लिए संविदा कर्मी बुलाए जाते हैं। शाम का वक्त था, बच्चे खेल रहे थे, लोग अपने घरों की ओर लौट रहे थे। ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ा व्यक्ति भी उसी सामान्य क्रम का हिस्सा दिख रहा था।

ऊपर मौजूद व्यक्ति की पहचान बाद में साफ हुई

कुछ समय बाद पता चला कि वह धरहरा गांव का रहने वाला मुख्तार साहनी था। उम्र करीब तीस वर्ष। फरियावडीह विद्युत उपकेंद्र से जुड़ा संविदा लाइनमैन। वह किसी के घर में बिजली का तार जोड़ने आया था और काम करते हुए ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ा था।

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वह क्षण जब सब कुछ थम गया

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही काम आगे बढ़ा, ट्रांसफॉर्मर में अचानक बिजली की सप्लाई शुरू हो गई। अगले ही पल ऊपर का दृश्य बदल गया। लोग समझने की कोशिश करते रहे कि आखिर हुआ क्या है, लेकिन हालात ने किसी को पास जाने नहीं दिया।

नीचे बढ़ती भीड़, ऊपर ठहरा हुआ दृश्य

घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग जुटते चले गए। नीचे सवाल थे, ऊपर सन्नाटा। जो व्यक्ति मुख्तार को काम के लिए साथ लाया था, वह मौके पर नहीं दिखा। लोग ऊपर देखते रहे, लेकिन कोई कदम आगे नहीं बढ़ा सका।

सूचना पुलिस तक पहुंची, इंतज़ार शुरू हुआ

किसी ने लार थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन बिजली सप्लाई और विभागीय प्रक्रिया के बिना आगे बढ़ना संभव नहीं था। इसी बीच बिजली विभाग से संपर्क की कोशिशें चलती रहीं।

वह तीन घंटे जो गांव के लिए भारी पड़े

शाम से रात होने लगी। समय खिंचता गया। करीब तीन घंटे तक वही दृश्य ऊपर स्थिर रहा। नीचे खड़े लोग खामोशी और बेचैनी के बीच इंतज़ार करते रहे। किसी के पास जल्द समाधान की जानकारी नहीं थी।

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अधिकारियों की मौजूदगी से स्थिति बदली

देर शाम नायब तहसीलदार और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। आवश्यक सुरक्षा प्रक्रिया अपनाई गई, सप्लाई बंद कराई गई और तब जाकर ऊपर का दृश्य बदला।

अंत में रह गई औपचारिकताएं और सवाल

शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। गांव में शोक का माहौल है। बातचीत में अब सवाल ज्यादा हैं—काम की प्रकृति, समय और प्रक्रिया को लेकर। जवाब तलाशे जा रहे हैं।

घटना किस इलाके में हुई?

लार थाना क्षेत्र के मझवलिया नंबर तीन गांव में।

ऊपर मौजूद व्यक्ति कौन था?

धरहरा गांव का निवासी मुख्तार साहनी, संविदा लाइनमैन।

कितनी देर तक स्थिति बनी रही?

करीब तीन घंटे तक।

आगे क्या प्रक्रिया हुई?

अधिकारियों की मौजूदगी में सप्लाई बंद कर शव उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत बूथ स्तर पर बैठक करते भाजपा प्रवासी कार्यकर्ता और पदाधिकारी।
देवरिया के भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दूसरे चरण के दौरान बूथ स्तर पर मतदाता सूची से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते भाजपा प्रवासी कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी।

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