लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव मानी जाने वाली मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर प्रशासन इस बार किसी भी प्रकार की चूक नहीं चाहता। इसी उद्देश्य के तहत सीतापुर मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण अभियान को गंभीरता से लागू किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार को सुरक्षित करने का संवैधानिक दायित्व है।
डी.जे. इंटर कॉलेज खैराबाद में कार्यों की गहन समीक्षा
निरीक्षण की शुरुआत खैराबाद स्थित डी.जे. इंटर कॉलेज से हुई, जहां जिलाधिकारी ने फार्म-6 (नए मतदाता पंजीकरण) और फार्म-8 (संशोधन/स्थानांतरण) से जुड़े कार्यों की स्थिति जानी। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से आवेदन प्राप्ति, सत्यापन और निस्तारण की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी आवेदन समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से निस्तारित किए जाएं। किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से सूची से बाहर न रहे, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम कट गया है तो उसे इसकी जानकारी देना बीएलओ का दायित्व है।
नाम कटने वाले मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क अनिवार्य
डीएम ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटे हैं, उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जाए। उन्हें यह बताया जाए कि किस कारण उनका नाम हटा और वे किन दस्तावेजों के साथ पुनः फार्म-6 या फार्म-8 भर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सीतापुर मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य नाम काटना नहीं, बल्कि योग्य मतदाताओं को सूची में जोड़ना है। यदि कोई भी पात्र नागरिक वोट देने से वंचित रह जाता है, तो यह सीधे-सीधे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करता है।
अनुपस्थित बीएलओ पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार वसुंधरा त्रिपाठी को स्पष्ट निर्देश दिए कि जो भी बीएलओ अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर उपस्थित नहीं पाए जाएं, उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि बीएलओ चुनावी व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। यदि यही कड़ी कमजोर होगी, तो पूरी प्रक्रिया प्रभावित होगी। इसलिए दूरभाष के माध्यम से नियमित संपर्क बनाए रखें और स्वयं भी फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें।
उच्च प्राथमिक विद्यालय अहमदपुर जट में भी निरीक्षण
इसके बाद जिलाधिकारी विकास क्षेत्र सिधौली स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय अहमदपुर जट पहुंचे। यहां भी उन्होंने फार्म-6 और फार्म-8 के माध्यम से हो रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। तहसीलदार मुकेश कुमार से बातचीत करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि सभी बीएलओ के कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सिर्फ कागजी रिपोर्ट से संतुष्ट न रहें, बल्कि वास्तविक स्थिति जानने के लिए स्वयं भी फील्ड विजिट करें। मतदाता सूची के शुद्धिकरण में जमीनी स्तर की सक्रियता ही सफलता की कुंजी है।
लोकतंत्र की मजबूती से जुड़ा है मतदाता पुनरीक्षण
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अभिन्न अंग है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में होना उसका संवैधानिक अधिकार है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीतापुर मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण अभियान को केवल प्रशासनिक लक्ष्य न समझा जाए, बल्कि इसे नागरिक सहभागिता का अभियान बनाया जाए। इसके लिए गांव-गांव, मोहल्ला-मोहल्ला जागरूकता आवश्यक है।
निरीक्षण के बाद प्रशासनिक अमले में दिखी सक्रियता
जिलाधिकारी के अचानक निरीक्षण से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों में सक्रियता स्पष्ट रूप से देखी गई। कई केंद्रों पर व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त किया गया और बीएलओ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रशासन का मानना है कि समय रहते यदि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बना लिया गया, तो आगामी चुनावों में किसी भी प्रकार के विवाद और शिकायतों से बचा जा सकेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सीतापुर मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का उद्देश्य योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ना, त्रुटियों को सुधारना और मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध एवं अद्यतन बनाना है।
फार्म-6 और फार्म-8 किस लिए होते हैं?
फार्म-6 नए मतदाता पंजीकरण के लिए तथा फार्म-8 नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन के लिए उपयोग किया जाता है।
यदि किसी मतदाता का नाम कट गया हो तो क्या करें?
ऐसे मतदाता संबंधित बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ पुनः आवेदन कर सकते हैं।










