
देवरिया जनपद के भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्र में चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान अब अपने निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। इस अभियान का लक्ष्य केवल प्रशासनिक औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करना है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग बूथों का प्रवासी नियुक्त किया गया है, जो जमीनी स्तर पर अभियान को गति दे रहे हैं।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का व्यापक उद्देश्य
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची अद्यतन, पारदर्शी और समावेशी हो। इसके अंतर्गत फॉर्म 6 के माध्यम से नए मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं, फॉर्म 7 से मृत या अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और फॉर्म 8 के जरिए नाम, पता अथवा अन्य विवरणों में सुधार किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से मतदाता सूची की विश्वसनीयता और शुद्धता सुनिश्चित होती है।
प्रवासी कार्यकर्ताओं की बूथ स्तर पर सक्रियता
प्रदेश नेतृत्व द्वारा नियुक्त प्रवासी कार्यकर्ता अपने-अपने बूथ क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर रहे हैं। वे घर-घर संपर्क कर पात्र नागरिकों को मतदाता बनने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस दौरान युवाओं, महिलाओं और पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का प्रयास है कि अधिक से अधिक नए मतदाता सूची में शामिल हों और कोई भी पात्र व्यक्ति छूट न जाए।
अजय कुमार दुबे का सख्त और स्पष्ट संदेश
भाजपा के जिला उपाध्यक्ष अजय कुमार दुबे ने रविवार को भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्र के भठवां तिवारी, बतरौली एवं भिंगारी बाजार के बूथों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दूसरे चरण में लगे प्रवासी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यह अभियान संगठन से अधिक लोकतंत्र के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।
अजय कुमार दुबे ने कहा कि जिन युवाओं की आयु एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूरी हो चुकी है, उनका नाम हर हाल में मतदाता सूची में जोड़ा जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने नवविवाहित बहुओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विवाह के बाद स्थान परिवर्तन के कारण अक्सर महिलाओं का नाम सूची से छूट जाता है, जिसे फॉर्म 6 के माध्यम से तुरंत ठीक किया जाना चाहिए।
“मतदान के दिन कोई यह न कहे कि नाम नहीं है”
अजय कुमार दुबे ने स्पष्ट कहा कि मतदान के दिन यह सुनने को न मिले कि किसी की उम्र पूरी हो गई थी, लेकिन नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं था। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रत्येक बूथ पर प्रवासी कार्यकर्ताओं की तैनाती की गई है। उनका कहना था कि मतदाता सूची जितनी मजबूत होगी, लोकतंत्र उतना ही सशक्त होगा।
लोकतंत्र की रीढ़ है सटीक मतदाता सूची
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। जिन नागरिकों का नाम सूची में होता है, वही मतदान प्रक्रिया में भाग ले पाते हैं। इसलिए यह अभियान केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि नागरिक अधिकारों से जुड़ा हुआ है। प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल होना ही इस अभियान की वास्तविक सफलता होगी।
स्थानीय कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
इस दौरान सुरेश तिवारी, विशंभर पांडेय, हृदया नंद गुप्ता, हृदय लाल शर्मा, आशा देवी, सुरेंद्र सिंह टुनटुन, अजीत शाही, राजीव शाही, परमहंस कुशवाहा, काशी शर्मा, चंदेश्वर प्रसाद, उमेश तिवारी, बबलू प्रजापति और विनोद कुशवाहा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग का संकल्प दोहराया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
फॉर्म 6 किसके लिए भरा जाता है?
फॉर्म 6 उन नागरिकों के लिए होता है जो पहली बार मतदाता बन रहे हैं या जिनका नाम अब तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है।
फॉर्म 7 का उपयोग कब होता है?
फॉर्म 7 का उपयोग मृत, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं का नाम सूची से हटाने के लिए किया जाता है।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान क्यों जरूरी है?
यह अभियान मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाता है, जिससे कोई भी पात्र नागरिक मतदान से वंचित न रहे।










