
शनिवार देर शाम कमलापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिधौली–बिसवां रोड पर कायमऊ से आगे भरथापुर मोड़ के पास मोबाइल टावर के सामने दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों पर सवार लोग उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। कुछ ही देर में मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एम्बुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कसमण्डा भेजा।
टक्कर की भयावहता और शुरुआती राहत
हादसे के समय सड़क पर हल्की आवाजाही थी, लेकिन अचानक हुई आमने-सामने की टक्कर ने अफरा-तफरी मचा दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों बाइकों की रफ्तार तेज थी, जिससे संतुलन बिगड़ा और टक्कर टल नहीं सकी। दुर्घटना के बाद कुछ देर तक सड़क पर यातायात बाधित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और घायल यात्रियों को प्राथमिक सहायता दिलाई।
सीएचसी कसमण्डा में चिकित्सीय परीक्षण
सीएचसी कसमण्डा में डॉक्टर कामरान अबुल हसन और डॉक्टर मुदित दीक्षित ने सभी घायलों का तत्काल चिकित्सीय परीक्षण किया। जांच के दौरान पवन (22) पुत्र रामपाल निवासी भदेशिया थाना रामपुर कलां को मृत घोषित कर दिया गया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और अस्पताल परिसर में शोक का माहौल बन गया। चिकित्सकों के अनुसार पवन को सिर और छाती में गंभीर चोटें आई थीं, जिससे उसकी जान नहीं बच सकी।
गंभीर घायलों को जिला अस्पताल रेफर
हादसे में घायल रितू मौर्या (18) निवासी धरावा थाना अटरिया तथा नितिन (16) पुत्र शंकर निवासी भदेशिया थाना रामपुर कलां की हालत गंभीर पाई गई। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल सीतापुर रेफर कर दिया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि दोनों को कई जगह चोटें आई हैं और फिलहाल उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।
चौथे घायल की हालत में सुधार
चौथे घायल रामू यादव (35) पुत्र देशराज निवासी शाहपुर थाना सदना को प्राथमिक उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिजनों ने राहत की सांस ली, लेकिन घटना की भयावहता ने सभी को झकझोर कर रख दिया।
पुलिस कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही कमलापुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइकों को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल
यह सीतापुर सड़क हादसा ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर करता है। संकरे मोड़, अपर्याप्त स्ट्रीट लाइट, और हेलमेट व यातायात नियमों की अनदेखी ऐसे हादसों को बढ़ावा देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते रफ्तार नियंत्रण, संकेतक और निगरानी बढ़ाई जाए, तो इस तरह की घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
युवक पवन की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजन पोस्टमॉर्टम की औपचारिकताओं के बाद अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए हैं। वहीं, गंभीर घायलों के परिजन अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। यह हादसा एक बार फिर बताता है कि सड़क पर एक पल की चूक कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सीतापुर सड़क हादसा कहां हुआ?
यह हादसा कमलापुर थाना क्षेत्र में सिधौली–बिसवां रोड पर भरथापुर मोड़ के पास हुआ।
हादसे में कितने लोग घायल हुए?
इस दुर्घटना में कुल चार लोग घायल हुए थे, जिनमें से एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई।
गंभीर घायलों का इलाज कहां चल रहा है?
गंभीर रूप से घायल दो लोगों का इलाज जिला अस्पताल सीतापुर में डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है, दोनों बाइकों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।










