ग्रामीण विकास को विकसित भारत की बुनियाद बताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि जब तक गांव आत्मनिर्भर और सशक्त नहीं होंगे, तब तक देश का समग्र विकास संभव नहीं है। मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर पकहां घाट में आयोजित सामाजिक समरसता सहभोज कार्यक्रम से उन्होंने सरकार की गांव-केंद्रित विकास नीति, सामाजिक एकता और 2047 के विज़न को स्पष्ट शब्दों में रखा।
बघौचघाट क्षेत्र के अंतर्गत पथरदेवा विधानसभा के गांव पकहां घाट में आयोजित यह कार्यक्रम केवल धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सरकार की उस विकास दृष्टि का सार्वजनिक मंच बना, जिसमें गांव, किसान, श्रमिक और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को नीति निर्माण के केंद्र में रखा गया है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मोदी–योगी सरकार असंभव को संभव बनाने की कार्यसंस्कृति के साथ काम कर रही है और ग्रामीण भारत को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विकसित भारत 2047 और गांवों की निर्णायक भूमिका
कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसकी नींव गांवों में ही रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास योजनाओं पर सवा लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जा रही है, ताकि सड़क, आवास, बिजली, पेयजल, कृषि और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं हर गांव तक सुनिश्चित की जा सकें।
उन्होंने कहा कि आज गांव केवल कृषि उत्पादन के केंद्र नहीं रह गए हैं, बल्कि वे आत्मनिर्भर भारत की प्रयोगशाला बनते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त प्रशासनिक इच्छाशक्ति ने गांवों में विकास की गति को नई दिशा दी है।
मकर संक्रांति: सामाजिक समरसता और एकता का पर्व
मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर आयोजित सामाजिक समरसता सहभोज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि यह पर्व केवल ऋतु परिवर्तन का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और समरसता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है और यही शक्ति राष्ट्र को आगे बढ़ाती है।
भगवान चतुर्भुज महाराज मंदिर परिसर में आयोजित सामाजिक समरसता भोज एवं किसान मेले में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, महिलाएं और युवा मौजूद रहे। इस अवसर पर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, कृषि नवाचारों और ग्रामीण उत्थान से जुड़ी नीतियों की जानकारी भी साझा की गई।
पकहां घाट पर बनेगा उत्तर प्रदेश द्वार
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने घोषणा की कि यूपी–बिहार सीमा पर स्थित पकहां घाट पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लगभग 1.40 लाख रुपये की लागत से उत्तर प्रदेश द्वार का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह द्वार बिहार से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने वाले लोगों को सकारात्मक और सम्मानजनक अनुभूति कराएगा।
मंत्री ने कहा कि यह केवल एक संरचना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की पहचान और आत्मगौरव का प्रतीक होगा। सीमावर्ती क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुसहर समाज के लिए आवास योजना की घोषणा
कृषि मंत्री ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में मुसहर समाज के जरूरतमंद परिवारों को सवा लाख रुपये की लागत से आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्वदेशी, स्वावलंबन और सनातन संस्कृति
अपने संबोधन में कृषि मंत्री ने स्वावलंबी भारत के निर्माण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि देश में निर्मित वस्तुओं का उपयोग करना केवल आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्य है। उन्होंने सनातन संस्कृति के गौरव और मूल्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर सीडीओ राजेश कुमार सिंह, प्रधान संघ अध्यक्ष मुरारी मोहन शाही, मंडल अध्यक्ष हरीश शाही, चेयरमैन क्रांति सिंह, गंगा सिंह कुशवाहा, डॉ. सत्य प्रकाश मणि सहित अनेक जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अवधेश सिंह ने किया।
पकहां घाट में आयोजित यह सामाजिक समरसता सहभोज कार्यक्रम यह स्पष्ट करता है कि ग्रामीण विकास केवल नीतिगत शब्द नहीं, बल्कि सरकार की ठोस प्राथमिकता है। गांवों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाकर ही विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है और यही संदेश कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के संबोधन का केंद्रीय भाव रहा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्रामीण विकास को सरकार इतनी प्राथमिकता क्यों दे रही है?
क्योंकि गांव देश की अर्थव्यवस्था, कृषि और सामाजिक संरचना की नींव हैं। गांवों के बिना विकसित भारत की कल्पना अधूरी है।
उत्तर प्रदेश द्वार का निर्माण कहां किया जाएगा?
यूपी–बिहार सीमा पर स्थित पकहां घाट पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश द्वार का निर्माण कराया जाएगा।
मुसहर समाज के लिए कौन-सी योजना घोषित की गई है?
मुसहर समाज के जरूरतमंद परिवारों को सवा लाख रुपये की लागत से आवास उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है।








