संभल हिंसा मामला : ASP अनुज चौधरी पर FIR का कोर्ट आदेश, वर्दी की शान पर सवाल

संभल हिंसा के दौरान पुलिस वर्दी में ASP अनुज चौधरी, शाही जामा मस्जिद क्षेत्र में कार्रवाई और प्रमोशन से जुड़ी तस्वीरें

ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट
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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में तैनात एडिशनल एसपी अनुज चौधरी एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। संभल हिंसा मामले में CJM कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश ने न केवल पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है, बल्कि एक ऐसे अधिकारी की सार्वजनिक छवि पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं, जिन्हें कभी ‘कड़क और निर्भीक अफसर’ के रूप में देखा जाता था।

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में तैनात एडिशनल एसपी अनुज चौधरी का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह कोई बयान या सोशल मीडिया पोस्ट नहीं, बल्कि संभल हिंसा से जुड़ा कोर्ट का सख्त आदेश है। संभल की CJM अदालत ने अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि 24 नवंबर, 2024 को संभल के शाही जामा मस्जिद इलाके में हुई हिंसा के दौरान पुलिस फायरिंग में एक किशोर आलम को गोली लगी थी।

क्या है पूरा मामला

24 नवंबर, 2024 को संभल में शाही जामा मस्जिद क्षेत्र में सर्वे के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए थे। हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई, पथराव हुआ और हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। इसी दौरान फायरिंग की घटना सामने आई। आरोप है कि इस फायरिंग में आलम नाम के एक किशोर को गोली लगी।

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आलम के पिता यामीन ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि उनका बेटा मस्जिद परिसर में बिस्किट बेचने गया था। जैसे ही वह वहां पहुंचा, पुलिस ने बिना किसी उकसावे के उसे गोली मार दी। यामीन ने उस वक्त संभल में CO रहे अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की थी।

कोर्ट का आदेश और उसका संदेश

कई महीनों की सुनवाई के बाद CJM कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया। यह आदेश केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि पुलिस की जवाबदेही को लेकर एक बड़ा संदेश भी माना जा रहा है। अदालत का रुख यह दर्शाता है कि वर्दी पहनने वाला भी कानून से ऊपर नहीं है।

कौन हैं अनुज चौधरी

अनुज चौधरी का जन्म 5 अगस्त 1980 को मुजफ्फरनगर जिले के बधेरी गांव में हुआ था। वह सामान्य पुलिस अधिकारी नहीं हैं। 2004 के एथेंस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पहलवान अनुज चौधरी को अर्जुन अवॉर्ड सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। खेल के मैदान से निकलकर वर्दी पहनने तक का उनका सफर हमेशा चर्चा में रहा है।

उन्होंने स्पोर्ट्स कोटे से उत्तर प्रदेश पुलिस में प्रवेश किया। वर्ष 2003 में इंस्पेक्टर बने और 2012 में CO के पद पर पदोन्नत हुए। करीब 13 वर्षों तक CO रहने के बाद 2025 में उन्हें एडिशनल एसपी बनाया गया। मौजूदा समय में उनकी तैनाती फिरोजाबाद में है।

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संभल: जहां शान भी मिली और दाग भी

संभल अनुज चौधरी के करियर का टर्निंग प्वाइंट रहा है। 16 दिसंबर 2023 को उनकी तैनाती संभल में हुई थी। यहीं से वह राज्य स्तर पर पहचाने जाने लगे। लेकिन यही संभल आज उनकी वर्दी पर सबसे बड़ा दाग बनकर उभरा है। 2024 की हिंसा और अब कोर्ट का FIR आदेश—दोनों ने उनके करियर को गहरे सवालों के घेरे में ला दिया है।

विवादित बयान और राजनीतिक घमासान

संभल में तैनाती के दौरान अनुज चौधरी अपने बयानों को लेकर भी विवादों में रहे। “होली साल में एक बार आती है और जुम्मा साल में 52 बार” वाला बयान आज भी विपक्ष को याद है। इस बयान को लेकर पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और सेवा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था।

हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सार्वजनिक मंच से अनुज चौधरी का समर्थन करते हुए उन्हें ‘पहलवान’ बताया था। इसके बाद यह मुद्दा पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका था।

सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़

अनुज चौधरी की सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त मौजूदगी है। इंस्टाग्राम पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं। वर्कआउट रील्स, मंदिरों में पूजा, हनुमान जी की मूर्ति पर सिंदूर लगाते वीडियो—उनकी प्रोफाइल धार्मिक और सख्त छवि को और मजबूत करती है।

संभल हिंसा के कुछ ही दिनों बाद मस्जिद के पास एक बंद पड़े मंदिर को खोलने और वर्दी में पूजा करते हुए उनकी तस्वीरें भी खूब वायरल हुई थीं।

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रामपुर में आजम खान से टकराव

2023 में रामपुर में तैनाती के दौरान अनुज चौधरी का सपा नेता आजम खान से तीखा टकराव हुआ था। शिकायत लेकर पहुंचे समर्थकों की भीड़ को रोकने पर दोनों के बीच बहस हो गई। आजम खान द्वारा ‘अखिलेश यादव के अहसान’ की बात कहे जाने पर अनुज चौधरी का जवाब—“अर्जुन अवॉर्ड किसी के अहसान से नहीं मिलता”—काफी चर्चा में रहा।

अब आगे क्या

CJM कोर्ट का FIR आदेश अनुज चौधरी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। जांच की दिशा, पुलिस विभाग की आंतरिक कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया—इन सभी पर अब निगाहें टिकी हैं। सवाल यह भी है कि क्या यह मामला उनके करियर की दिशा बदल देगा या फिर वह इससे भी बाहर निकल पाएंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

संभल हिंसा मामले में कोर्ट ने क्या आदेश दिया है?

CJM कोर्ट ने अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

अनुज चौधरी पर क्या आरोप हैं?

आरोप है कि संभल हिंसा के दौरान पुलिस फायरिंग में किशोर आलम को गोली लगी थी।

अनुज चौधरी पहले किन कारणों से चर्चा में रहे हैं?

विवादित बयान, सोशल मीडिया गतिविधियां और आजम खान से टकराव के कारण।

क्या यह मामला उनके करियर को प्रभावित करेगा?

जांच के नतीजों पर निर्भर करेगा, लेकिन फिलहाल यह उनके लिए बड़ा झटका है।

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