आजमगढ़ की एकता सिंह को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान

आजमगढ़ की डॉ. एकता सिंह, विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में Certificate of Excellence से सम्मानित।

जगदंबा उपाध्याय की रिपोर्ट
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नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित “विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026” के दौरान आजमगढ़ जिले की डॉ. एकता सिंह को Certificate of Excellence से सम्मानित किया गया—यह उपलब्धि आजमगढ़ मंडल ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

आजमगढ़। प्रतिभा, प्रतिबद्धता और दूरदृष्टि—इन तीनों का संगम जब किसी व्यक्तित्व में दिखाई देता है, तब उसकी उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं रहती, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन जाती है। आजमगढ़ जिले की डॉ. एकता सिंह के साथ यही हुआ है। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 09 से 12 जनवरी 2026 तक आयोजित “विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026” में उन्हें Certificate of Excellence से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें Pathbreaker – Special Attendee के रूप में उनके उल्लेखनीय योगदान, नेतृत्व क्षमता और ‘विकसित भारत’ के विज़न के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए प्रदान किया गया।

राष्ट्रीय मंच पर आजमगढ़ की पहचान

यह संवाद कार्यक्रम देश के उन चुनिंदा मंचों में शामिल है, जहां युवा वैज्ञानिकों, नीति विशेषज्ञों, सामाजिक नवाचारकर्ताओं और उभरते नेतृत्व को एक साथ लाकर राष्ट्र निर्माण की दिशा तय की जाती है। ऐसे मंच पर आजमगढ़ की एक बेटी का सम्मानित होना इस बात का प्रमाण है कि छोटे शहरों और जिलों से निकलकर भी वैश्विक सोच और राष्ट्रीय दृष्टि के साथ काम किया जा सकता है। डॉ. एकता सिंह की उपस्थिति ने आजमगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय मानचित्र पर और सशक्त किया।

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सम्मान के मायने: Certificate of Excellence

Certificate of Excellence केवल एक प्रशस्ति-पत्र नहीं, बल्कि उस यात्रा की स्वीकृति है जिसमें दूरदर्शी रणनीति, सतत परिश्रम और सामाजिक सरोकारों के प्रति जिम्मेदारी शामिल होती है। सम्मान-पत्र में डॉ. एकता सिंह की दूरदृष्टि रणनीति, अनुशासन, नेतृत्व कौशल और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता की विशेष रूप से सराहना की गई। यह प्रमाणित करता है कि उनके प्रयास नीतिगत सोच और जमीनी क्रियान्वयन—दोनों स्तरों पर प्रभावी रहे हैं।

Pathbreaker – Special Attendee: क्यों खास?

Pathbreaker – Special Attendee की श्रेणी उन प्रतिभागियों के लिए आरक्षित होती है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में नई राहें बनाई हों। इस श्रेणी में चयन यह दर्शाता है कि डॉ. एकता सिंह ने परंपरागत सीमाओं से आगे बढ़कर नवाचार, नेतृत्व और सामाजिक विकास को जोड़ने का कार्य किया है। यही कारण है कि उनके योगदान को राष्ट्रीय मंच पर अलग पहचान मिली।

“विकसित भारत” के विज़न से जुड़ी भूमिका

“विकसित भारत 2047” का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समावेशी विकास, तकनीकी नवाचार, युवा सशक्तिकरण और सामाजिक संतुलन शामिल है। डॉ. एकता सिंह का कार्य इन्हीं स्तंभों पर केंद्रित रहा है। उनके प्रयास यह दिखाते हैं कि जब युवा नेतृत्व नीति, विज्ञान और समाज को एक साथ जोड़ता है, तब परिवर्तन की गति तेज होती है।

आजमगढ़ से नई दिल्ली तक की प्रेरक यात्रा

आजमगढ़ जैसे जिले से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना आसान नहीं होता। इसके लिए निरंतर सीख, साहसिक निर्णय और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना आवश्यक होती है। डॉ. एकता सिंह की यात्रा यह संदेश देती है कि संसाधनों की सीमाएं प्रतिभा की उड़ान नहीं रोक सकतीं। यह उपलब्धि उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने क्षेत्र से आगे बढ़कर देश के लिए कुछ करना चाहते हैं।

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युवा नेतृत्व और नवाचार का संगम

कार्यक्रम में देशभर से चयनित युवा वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और नवाचारकर्ता शामिल हुए। यहां विचार-विमर्श, नीति संवाद और समाधान-उन्मुख चर्चाएं हुईं। डॉ. एकता सिंह ने इस मंच पर युवा नेतृत्व की भूमिका को रेखांकित करते हुए नवाचार और सामाजिक विकास के बीच सेतु बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका दृष्टिकोण यह था कि समाधान तभी टिकाऊ होंगे, जब वे समाज की वास्तविक जरूरतों से जुड़े हों।

समाज और क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण

यह सम्मान केवल डॉ. एकता सिंह की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि आजमगढ़ मंडल और पूरे समाज के लिए गर्व का क्षण है। यह सफलता बताती है कि स्थानीय प्रतिभाएं वैश्विक और राष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बना सकती हैं। इससे क्षेत्र के युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे शिक्षा, शोध, नीति और सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में आगे आने के लिए प्रेरित होंगे।

भविष्य की दिशा: 2047 की ओर कदम

“विकसित भारत 2047” के संकल्प को साकार करने के लिए ऐसे ही नेतृत्व की आवश्यकता है, जो विचार और कर्म—दोनों में संतुलन रखे। डॉ. एकता सिंह का सम्मान इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह संकेत है कि युवा नेतृत्व अब केवल दर्शक नहीं, बल्कि परिवर्तन के वाहक बन रहे हैं।

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प्रेरणा का संदेश

डॉ. एकता सिंह की उपलब्धि यह सिखाती है कि सफलता का मार्ग स्पष्ट दृष्टि, निरंतर परिश्रम और सामाजिक सरोकारों से होकर गुजरता है। आजमगढ़ की यह बेटी उन सभी युवाओं के लिए उदाहरण है, जो अपने सपनों को राष्ट्रीय उद्देश्य से जोड़ना चाहते हैं। यह सम्मान आने वाले वर्षों में और बड़े योगदान की भूमिका तैयार करता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

डॉ. एकता सिंह को यह सम्मान किस कार्यक्रम में मिला?

उन्हें नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित “विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026” में सम्मानित किया गया।

Certificate of Excellence क्यों दिया गया?

यह सम्मान उनके उल्लेखनीय योगदान, नेतृत्व क्षमता और ‘विकसित भारत’ के विज़न के प्रति प्रतिबद्धता के लिए दिया गया।

Pathbreaker – Special Attendee का क्या अर्थ है?

यह श्रेणी उन प्रतिभागियों के लिए होती है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में नई राहें बनाई हों और नवाचार के जरिए प्रभाव डाला हो।

इस उपलब्धि का आजमगढ़ के युवाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

इससे युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे राष्ट्रीय स्तर पर योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे।

“विकसित भारत 2047” के लक्ष्य में यह सम्मान कैसे सहायक है?

यह युवा नेतृत्व को आगे लाकर नीति, नवाचार और सामाजिक विकास को जोड़ने में सहायक सिद्ध होता है।

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