बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ कील् सामाजिक-आध्यात्मिक चेतना के केंद्र गिरौदपुरी धाम में भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा की प्रदेश स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक् वश लरहुई। यह बैठक न केवल संगठनात्मक दृष्टि से अहम रही, बल्कि सामाजिक संवाद, राजनीतिक प्रतिबद्धता और वैचारिक विस्तार की दिशा में भी इसे एक निर्णायक पड़ाव माना जा रहा है। बाबा गुरु घासीदास की पावन जन्मभूमि पर आयोजित इस परिचयात्मक बैठक में प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।
आध्यात्मिक भूमि पर संगठनात्मक संकल्प
बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करना, अनुसूचित जाति समाज के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा आगामी राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए ठोस रणनीति तैयार करना रहा। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि बैठक से पूर्व सभी पदाधिकारियों ने क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल के साथ गुरु घासीदास बाबा के मंदिर में मत्था टेका और प्रदेश की खुशहाली, सामाजिक समरसता तथा संगठन की मजबूती के लिए कामना की।
अजय जमवाल का संदेश : गांव-गांव संवाद ही संगठन की ताकत
बैठक को संबोधित करते हुए अजय जमवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अनुसूचित जाति मोर्चा के कार्यकर्ताओं को अब औपचारिक बैठकों से आगे बढ़कर गांव-गांव, घर-घर जाकर समाज के प्रत्येक व्यक्ति से सीधा संवाद करना होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं तभी सार्थक होंगी जब उनका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने पदाधिकारियों से संगठन के कामकाज की समीक्षा करते हुए जमीनी फीडबैक लेने पर विशेष जोर दिया।
अनुसूचित जाति समाज भाजपा की रीढ़ : डॉ. नवीन मार्कंडेय
भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कंडेय ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि अनुसूचित जाति समाज भारतीय जनता पार्टी की मजबूती का एक प्रमुख आधार है। उन्होंने कहा कि पार्टी की नीतियां सामाजिक न्याय, समान अवसर और सम्मानजनक जीवन के सिद्धांतों पर आधारित हैं। यही कारण है कि आज समाज का एक बड़ा वर्ग भाजपा के साथ मजबूती से खड़ा है।
प्रदेश नेतृत्व ने साझा की आगामी कार्ययोजना
बैठक की अध्यक्षता कर रहे अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सनम जांगड़े ने मोर्चा की आगामी योजनाओं, संगठन विस्तार और सामाजिक संपर्क अभियानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रशिक्षण शिविर, सामाजिक संवाद कार्यक्रम और संगठनात्मक समीक्षा बैठकों को और तेज किया जाएगा। प्रदेश महामंत्री चंद्र प्रकाश सूर्या और हरिनाथ खुटे ने भी संगठन विस्तार पर अपने विचार रखते हुए कार्यकर्ताओं से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
महिला नेतृत्व और जिला इकाइयों की सशक्त मौजूदगी
इस अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती कमला देवी पाटले, जिला अध्यक्ष आनंद यादव (बलौदाबाजार), जिला अध्यक्ष ज्योति पटेल (सारंगढ़-बिलाईगढ़), कुंती जांगड़े, बसंत बाघ और प्रियंका गुरु सहित कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। वक्ताओं ने समाज की एकजुटता, महिलाओं की भागीदारी और युवाओं को संगठन से जोड़ने पर विशेष बल दिया।
वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने बढ़ाया आयोजन का कद
गिरौदपुरी में आयोजित इस बैठक में राजेश्वर भार्गव, खेमराज बाकरे, अशोक कलसा और उमेश जीभेकर जैसे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और प्रभावशाली बनाया। इनके अलावा अरविंद प्रहरे, चंद्र कुमार पाटिल, सरजू, अजय, अनिल सोनवानी, चंदेश्वरी बांधे, गुरुदयाल पाटले, हितेश रात्रे और मिस्टर इंडिया सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी शामिल हुए।
जिला अध्यक्षों की रिपोर्ट और जमीनी फीडबैक
कार्यक्रम के दौरान मोरध्वज गिलहरे, शरद जाल, चंद्रशेखर सोनवानी, भारत जटवार, सावित्री अजगले, देवेंद्र खूटे, हिमांशु चौहान, नरेश टंडन और छोटेलाल भारद्वाज सहित सभी जिलों के जिला अध्यक्षों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इन रिपोर्टों के माध्यम से संगठन की जमीनी स्थिति, सामाजिक चुनौतियों और आगामी कार्यों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा हुई।
गिरौदपुरी धाम से गया बड़ा सामाजिक-राजनीतिक संदेश
पार्टी सूत्रों के अनुसार, गिरौदपुरी धाम जैसी आध्यात्मिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण भूमि पर बैठक आयोजित करने का उद्देश्य केवल संगठनात्मक नहीं था, बल्कि समाज की आस्था का सम्मान करते हुए एक बड़ा संदेश देना भी था। यह संदेश था—संगठन, समाज और संस्कृति के बीच संतुलन स्थापित कशशरते हुए आगे बढ़ना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: यह बैठक कहां आयोजित हुई?
यह बैठक छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले स्थित गिरौदपुरी धाम में आयोजित की गई।
प्रश्न 2: बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और अनुसूचित जाति समाज के बीच सीधा संवाद स्थापित करना।
प्रश्न 3: किन प्रमुख नेताओं ने बैठक को संबोधित किया?
अजय जमवाल, डॉ. नवीन मार्कंडेय और डॉ. सनम जांगड़े सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने बैठक को संबोधित किया।
प्रश्न 4: गिरौदपुरी धाम का चयन क्यों किया गया?
गिरौदपुरी धाम गुरु घासीदास बाबा की जन्मभूमि है और सामाजिक-आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है।










