राजधानी में चर्चित धर्मांतरण और यौन शोषण प्रकरण में फरार चल रहे आरोपी डॉक्टर रमीज को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से पुलिस की रडार पर रहा यह आरोपी विशाखा कमेटी की जांच में भी दोषी पाया गया था। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही रमीज फरार था और पुलिस को उसकी तलाश में लगातार छापेमारी करनी पड़ रही थी। शुक्रवार को मिली पुख्ता इंटेलिजेंस सूचना के आधार पर नेपाल बॉर्डर के पास सक्रिय टीम ने उसे दबोच लिया।
नेपाल भागने की साजिश, बॉर्डर पार करते ही गिरफ्तारी
पुलिस पूछताछ में आरोपी डॉक्टर रमीज ने कबूल किया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद वह नेपाल भाग गया था। इस दौरान उसे कुछ स्थानीय और बाहरी लोगों से मदद भी मिली। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था और शुक्रवार को फिर से सुरक्षित स्थान की तलाश में था। इसी बीच इंटेलिजेंस यूनिट से सूचना मिली कि रमीज नेपाल बॉर्डर की ओर बढ़ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष टीम को अलर्ट किया गया और सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई।
जैसे ही आरोपी ने बॉर्डर पार करने की कोशिश की, पहले से मुस्तैद पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी पूरी तरह सतर्क था, लेकिन पुलिस की रणनीति के आगे उसकी एक न चली। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने कुछ समय तक गिरफ्तारी की जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
मोबाइल फोन से मिले अहम डिजिटल सबूत
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के पास से उसका मोबाइल फोन बरामद किया है, जो जांच के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। प्रारंभिक जांच में फोन से कई ऐसे डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जो मामले की गंभीरता को और पुख्ता करते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल में कई संपर्क, चैट और अन्य डिजिटल ट्रेल मौजूद हैं, जो धर्मांतरण नेटवर्क और यौन शोषण से जुड़े पहलुओं की ओर इशारा करते हैं।
हालांकि पूछताछ के दौरान रमीज अधिकांश सवालों पर चुप्पी साधे रहा। पुलिस का मानना है कि वह जानबूझकर जांच को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। इसके बावजूद शुरुआती साक्ष्य काफी मजबूत बताए जा रहे हैं।
50 हजार का इनामी, कुर्की की नोटिस पहले ही चस्पा
डॉक्टर रमीज की गिरफ्तारी पर पहले से ही 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस द्वारा उत्तराखंड के उधम नगर जिले के खटिमा स्थित उसके आवास पर कुर्की की नोटिस चस्पा की जा चुकी थी। इसके अलावा पीलीभीत के न्येरिया इलाके में स्थित उसके दूसरे मकान पर भी कानूनी नोटिस लगाए गए थे। लगातार दबाव और कानूनी शिकंजा कसने के बाद आरोपी के विकल्प सीमित हो गए थे।
फोन से डिलीट की गई चैट, फोरेंसिक जांच की तैयारी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपने मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण चैट और संदेश डिलीट कर दिए थे। माना जा रहा है कि ये चैट धर्मांतरण से जुड़े संपर्कों और घटनाक्रम से संबंधित हो सकती हैं। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों के जरिए डिलीट किया गया डेटा भी रिकवर किया जाएगा। इसके आधार पर आरोपी से दोबारा सघन पूछताछ की जाएगी और पूरे नेटवर्क की परतें खोली जाएंगी।
गोपनीय गिरफ्तारी, कड़ी सुरक्षा में कोर्ट पेशी
आरोपी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने गिरफ्तारी को पूरी तरह गोपनीय रखा। देर शाम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच डॉक्टर रमीज को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता और संभावित विरोध को देखते हुए यह कदम जरूरी था।
“मैं बेगुनाह हूं”, प्रेम प्रसंग का दावा
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुद को बेगुनाह बताया और कहा कि उसे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। रमीज ने यह स्वीकार किया कि पीड़िता के साथ उसका प्रेम प्रसंग था, लेकिन उसने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उसने अपने माता-पिता की गिरफ्तारी को भी गलत ठहराते हुए कहा कि इस पूरे मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी को जल्द ही पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि मामले से जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच की जा सके।
पुलिस का दावा: कोर्ट में सरेंडर करने वाला था आरोपी
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी को सिटी स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया। वह अपने किराए के कमरे से कुछ सामान निकालने आया था और इसके बाद कोर्ट में सरेंडर करने की योजना बना रहा था। इसी दौरान सर्विलांस और इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस टीम ने उसे धर दबोचा।
माता-पिता पहले ही जेल में, काजी और गवाहों की तलाश
इस मामले में पुलिस पहले ही आरोपी के पिता सलीमुद्दीन और मां खतीजा को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। दोनों पर भी धर्मांतरण में संलिप्तता के गंभीर आरोप हैं। पुलिस अब धर्मांतरण कराने वाले काजी और गवाहों की तलाश में जुटी है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस पूरे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
डॉक्टर रमीज की गिरफ्तारी कहां से हुई?
पुलिस ने उसे नेपाल बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया, जब वह देश से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था।
क्या आरोपी के खिलाफ इनाम घोषित था?
हां, डॉक्टर रमीज पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
मोबाइल फोन से क्या साक्ष्य मिले हैं?
फोन में कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
क्या आरोपी के माता-पिता भी गिरफ्तार हैं?
हां, आरोपी के माता-पिता पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं।










