एसडीएम के खिलाफ होमगार्डों का आरोप—उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की महसी तहसील से प्रशासनिक व्यवस्था को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां SDM आलोक प्रसाद (ट्रेनी IAS) की सुरक्षा में तैनात तीन होमगार्ड जवानों ने उन पर जातिसूचक अपशब्द कहने, शारीरिक उत्पीड़न कराने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। एसडीएम के खिलाफ होमगार्डों का आरोप अब लिखित शिकायत के रूप में सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
शिकायत पत्र से खुला पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, होमगार्ड विभाग की महसी कंपनी में तैनात आरक्षी राजाराम शुक्ला, रमाकांत मिश्र और राम कुमार तिवारी ने जिला होमगार्ड कमांडेंट को लिखित शिकायत सौंपते हुए SDM आलोक प्रसाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि 6 जनवरी को ड्यूटी के दौरान एक दिव्यांग व्यक्ति को SDM के पास लाने के मुद्दे पर विवाद हुआ, जिसके बाद कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। होमगार्ड जवानों का दावा है कि यह व्यवहार न सिर्फ अपमानजनक था बल्कि सेवा नियमों और मानवीय मूल्यों के भी खिलाफ है।
दौड़-उठक बैठक कराने और फोटो मंगाने का आरोप
तीनों होमगार्ड जवानों ने अपने शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि SDM आलोक प्रसाद ने अपने गनर और ड्राइवर को निर्देश दिया कि वे उन्हें दौड़ लगवाएं और उठक-बैठक कराएं, साथ ही इस पूरी प्रक्रिया की तस्वीरें भेजी जाएं। आरोप है कि इसके बाद उन्हें ड्यूटी स्थल से भगा दिया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई। एसडीएम के खिलाफ होमगार्डों का आरोप इस स्तर तक पहुंच गया कि जवानों ने इसे मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करार दिया है।
24 से 48 घंटे की लगातार ड्यूटी का दावा
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि SDM द्वारा ड्यूटी व्यवस्था में मनमानी की जा रही है। होमगार्डों का कहना है कि उनसे 24 से 48 घंटे तक लगातार ड्यूटी कराई जा रही है, जो नियमों के विरुद्ध है और उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। होमगार्ड रमाकांत मिश्र ने बताया कि इस संबंध में जिला कमांडेंट के साथ-साथ मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भी पत्र भेजा गया है।
न्याय न मिलने पर आत्मघाती कदम की चेतावनी
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि होमगार्ड रमाकांत मिश्र ने स्पष्ट कहा है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला और SDM के खिलाफ कार्रवाई, यहां तक कि निलंबन नहीं हुआ, तो वे आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे। एसडीएम के खिलाफ होमगार्डों का आरोप इस बयान के बाद और अधिक संवेदनशील हो गया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर जवानों की मानसिक स्थिति और कार्यस्थल की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है।
होमगार्ड कमांडेंट ने क्या कहा?
इस पूरे मामले पर जिला होमगार्ड कमांडेंट ताज रसूल ने बताया कि महसी में तैनात तीन होमगार्ड जवानों ने SDM आलोक प्रसाद के खिलाफ गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और अन्य आरोपों को लेकर शिकायती पत्र दिया है। यह पत्र जिलाधिकारी को अग्रसारित किया जाएगा और जांच समिति गठित करने का निर्णय जिलाधिकारी स्तर पर लिया जाएगा। प्रशासनिक जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
SDM आलोक प्रसाद ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं दूसरी ओर, SDM आलोक प्रसाद ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है। उनका कहना है कि एक दिव्यांग फरियादी जमीन पर घिसटते हुए उनके चैंबर में आया था और कुर्सी पर बैठते समय गिरते-गिरते बचा, जबकि तीनों होमगार्ड वहीं बैठे तमाशा देख रहे थे। इस पर उन्होंने केवल यह कहा कि आप लोगों में संवेदना नहीं है। SDM के अनुसार, इसके अलावा किसी भी प्रकार की अभद्र भाषा या धमकी देने का आरोप पूरी तरह गलत है।
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठते सवाल
एसडीएम के खिलाफ होमगार्डों का आरोप सामने आने के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि फील्ड लेवल पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ अधिकारियों का व्यवहार कैसा होना चाहिए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न सिर्फ प्रशासनिक अनुशासन बल्कि सामाजिक समरसता और कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चिंता का विषय होगा। वहीं यदि आरोप निराधार साबित होते हैं, तो जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता भी उतनी ही जरूरी होगी।
जांच पर टिकी सबकी निगाहें
फिलहाल पूरा मामला जिलाधिकारी स्तर की जांच पर निर्भर है। एसडीएम के खिलाफ होमगार्डों का आरोप प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन चुका है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और किस स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
होमगार्डों ने SDM पर क्या आरोप लगाए हैं?
होमगार्डों ने जातिसूचक अपशब्द कहने, शारीरिक उत्पीड़न कराने, जान से मारने की धमकी देने और नियमविरुद्ध लंबी ड्यूटी कराने के आरोप लगाए हैं।
SDM आलोक प्रसाद का पक्ष क्या है?
SDM ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि उन्होंने केवल संवेदनहीनता पर फटकार लगाई थी, किसी प्रकार की गाली या धमकी नहीं दी।
अब आगे क्या कार्रवाई होगी?
शिकायत पत्र जिलाधिकारी को भेजा गया है और जांच समिति गठित कर मामले की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।










