आजमगढ़। शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर जब प्रयोग, नवाचार और जिज्ञासा से जुड़ती है, तब उसका प्रभाव बच्चों के व्यक्तित्व पर गहराई से पड़ता है। इसी सोच को साकार करता हुआ दृश्य आजमगढ़ जिले के महाराजपुर (अनवरगंज) क्षेत्र में देखने को मिला, जहां बाबा भैरवनाथ जी पब्लिक स्कूल परिसर में भव्य बाल मेला एवं विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस आयोजन ने न केवल बच्चों की रचनात्मकता को मंच दिया, बल्कि अभिभावकों और क्षेत्रवासियों के लिए भी शिक्षा के नए आयामों को समझने का अवसर प्रदान किया।
दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। विद्यालय के प्रबंधक श्री आलोक कुमार उपाध्याय, उपप्रबंधक श्री हेमन्त उपाध्याय “बादल” तथा श्री आशुतोष उपाध्याय ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विद्यालय प्रांगण श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह के वातावरण से भर उठा। सरस्वती वंदना के साथ बच्चों ने शिक्षा, ज्ञान और विज्ञान के महत्व को आत्मसात करने का संदेश प्रस्तुत किया।
बाल मेले में रचनात्मकता और कल्पनाशीलता का संगम
बाल मेले के अंतर्गत विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगे स्टॉल लगाए, जिनमें हस्तशिल्प, चित्रकला, सामान्य ज्ञान, गणितीय खेल, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान और लोकसंस्कृति से जुड़े विषयों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। बच्चों ने स्वयं तैयार किए गए चार्ट, मॉडल और कलात्मक वस्तुओं के माध्यम से यह दिखाया कि ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी भी प्रतिभा में किसी से कम नहीं हैं। अभिभावकों ने बच्चों की मेहनत और प्रस्तुति की खुले दिल से सराहना की।
विज्ञान प्रदर्शनी में प्रयोगों ने बटोरी प्रशंसा
विज्ञान प्रदर्शनी इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। विद्यार्थियों ने सोलर एनर्जी मॉडल, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, विद्युत परिपथ, पवन ऊर्जा, स्मार्ट सिटी अवधारणा और पर्यावरण संतुलन जैसे विषयों पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए। इन प्रयोगों को देखकर यह स्पष्ट हुआ कि बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित हो रही है। शिक्षकों ने प्रत्येक स्टॉल पर जाकर बच्चों से प्रश्न पूछे और उनके उत्तरों की प्रशंसा की, जिससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास और बढ़ा।
शिक्षकों और अतिथियों ने बढ़ाया बच्चों का मनोबल
बच्चों के उत्साहवर्धन हेतु विद्यालय परिवार के साथ-साथ अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। बाबा भैरवनाथ जी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य श्री बृजेश शर्मा ने बच्चों को प्रयोगात्मक शिक्षा का महत्व समझाया। वहीं प्रवेश उपाध्याय, अनिल जी, नीरज जी तथा बाबा भैरवनाथ जी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री रमाकर पाण्डेय ने शिक्षा को जीवन से जोड़ने पर बल दिया। कार्यक्रम में ममता पाण्डेय, श्री बजरंगी गौड़, श्री मनोज पाठक, संतोष मौर्य सहित कई शिक्षकगण मौजूद रहे।
ग्राम प्रधान और क्षेत्रवासियों की सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान श्री शिवानंद यादव सहित अनेक क्षेत्रवासी और अभिभावक शामिल हुए। श्री सत्यप्रकाश उपाध्याय, श्री राजेश उपाध्याय, श्री रामशबद यादव, कमलेश जी, विशाल उपाध्याय, निर्भय सिंह, बबलू सिंह, श्रवण जी और पप्पू यादव की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन की इस पहल को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
ग्रामीण शिक्षा में नवाचार की मिसाल बना आयोजन
यह बाल मेला और विज्ञान प्रदर्शनी इस बात का प्रमाण है कि यदि सही दिशा और मंच मिले तो ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय भी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं। इस आयोजन ने बच्चों में नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क, संवाद कौशल और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत किया। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
पाठकों के सवाल (FAQ)
बाल मेला और विज्ञान प्रदर्शनी का उद्देश्य क्या था?
बच्चों में रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच और आत्मविश्वास विकसित करना।
इस आयोजन में कौन-कौन से विषय शामिल थे?
विज्ञान, पर्यावरण, ऊर्जा संरक्षण, कला, सामान्य ज्ञान और सामाजिक विषय।
अभिभावकों की प्रतिक्रिया कैसी रही?
अभिभावकों ने बच्चों की प्रस्तुति और विद्यालय की पहल की सराहना की।











