उत्तर प्रदेश में अपराध, राजनीति और अवैध संपत्ति के गठजोड़ के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। फतेहपुर और अयोध्या जिलों में समाजवादी पार्टी से जुड़े दो कुख्यात गैंगस्टर नेताओं की करोड़ों रुपये की संपत्तियों को कुर्क किए जाने से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। यह कार्रवाई न केवल कानून के शिकंजे को दर्शाती है, बल्कि यह भी उजागर करती है कि किस तरह ड्राइवर, नौकर और रिश्तेदारों के नाम पर बेनामी संपत्तियों का जाल खड़ा किया गया था।
फतेहपुर में गैंगस्टर हाजी रजा की करोड़ों की संपत्ति कुर्क
फतेहपुर जिले में गैंगस्टर एक्ट के तहत नामजद और समाजवादी पार्टी से जुड़े हाजी रजा पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी 25 से 30 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। हाजी रजा के खिलाफ एक दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें जमीन कब्जा, अवैध प्लाटिंग, धमकी और संगठित अपराध से जुड़े आरोप शामिल हैं।
प्रशासन ने यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के अंतर्गत की है। जिलाधिकारी रवींद्र सिंह के स्पष्ट आदेश पर पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने सदर कोतवाली क्षेत्र में स्थित कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई कर हाजी रजा के अवैध साम्राज्य पर करारा प्रहार किया।
ड्राइवर, नौकर और भाई के नाम पर खड़ी की गई बेनामी संपत्ति
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि हाजी रजा ने अपनी अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों को अपने ड्राइवरों, घरेलू नौकरों और यहां तक कि अपने भाई के नाम पर दर्ज करा रखा था। इन लोगों की आय और सामाजिक स्थिति इतनी नहीं थी कि वे करोड़ों की जमीन और प्लाटिंग प्रोजेक्ट खड़े कर सकें, लेकिन कागजों में वही संपत्ति के मालिक बने हुए थे।
नसीरपुर, पीरनपुर, शेखपुर और बिसौली क्षेत्रों में कई बीघे जमीन पर अवैध प्लाटिंग का काम चल रहा था। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जमीनों को सील किया और कुर्की की नोटिस चस्पा की। इस कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और अवैध प्लाट खरीदने वालों में भी चिंता बढ़ गई।
डीएम के निर्देश पर चली कार्रवाई, प्रशासन सख्त
जिलाधिकारी रवींद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि अपराध से अर्जित संपत्ति चाहे किसी के भी नाम पर क्यों न हो, कानून के तहत उसे जब्त किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि गैंगस्टर एक्ट का उद्देश्य केवल आरोपी को जेल भेजना नहीं, बल्कि उसके आर्थिक नेटवर्क को भी पूरी तरह तोड़ना है।
इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि अब राजनीतिक रसूख या नाम बदलकर संपत्ति छिपाने से कोई बच नहीं पाएगा। जिला प्रशासन की इस सख्ती को सरकार की ‘अपराध पर जीरो टॉलरेंस’ नीति के तौर पर देखा जा रहा है।
अयोध्या में सपा नेता राजा मान सिंह की करोड़ों की जमीन कुर्क
इसी क्रम में अयोध्या जिले में भी बड़ी कार्रवाई देखने को मिली, जहां गैंगस्टर एक्ट के आरोपी और समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता राजा मान सिंह की करोड़ों रुपये की कीमती जमीन को प्रशासन ने कुर्क कर लिया। यह जमीन पूरा कलंदर थाना क्षेत्र के सरियावा गांव में स्थित बताई जा रही है।
राजा मान सिंह पर जमीन के नाम पर फ्रॉड कर लोगों से पैसे हड़पने और अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप हैं। पुलिस जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्की की कार्रवाई को अंजाम दिया।
राम जन्मभूमि थाना पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई
कुर्की की यह कार्रवाई थाना राम जन्मभूमि की पुलिस द्वारा सोहावल एसडीएम की मौजूदगी में की गई। क्षेत्राधिकार अयोध्या आशुतोष तिवारी और थाना प्रभारी अभिमन्यु शुक्ला स्वयं मौके पर मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जमीन पर कब्जा लेकर सरकारी सील लगाई गई।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और राजा मान सिंह से जुड़े अन्य संपत्ति दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है। यदि और अवैध संपत्तियां सामने आती हैं, तो उन पर भी इसी तरह की कार्रवाई होगी।
राजनीति और अपराध के गठजोड़ पर बड़ा प्रहार
फतेहपुर और अयोध्या में हुई इन दोनों कार्रवाइयों को राजनीति और संगठित अपराध के गठजोड़ पर सीधा हमला माना जा रहा है। लंबे समय से यह आरोप लगता रहा है कि कुछ राजनीतिक चेहरे अपने रसूख का इस्तेमाल कर अवैध कारोबार और जमीन माफियागिरी को बढ़ावा देते हैं।
इन कार्रवाइयों के बाद यह स्पष्ट संकेत गया है कि प्रशासन अब नाम, पार्टी या प्रभाव नहीं देखेगा, बल्कि कानून के तहत निष्पक्ष कार्रवाई करेगा। आम जनता में भी इस कार्रवाई को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
पाठकों के सवाल
हाजी रजा पर किस कानून के तहत कार्रवाई हुई?
हाजी रजा पर गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कार्रवाई करते हुए उसकी करोड़ों की संपत्ति कुर्क की गई।
कितनी संपत्ति कुर्क की गई है?
फतेहपुर में हाजी रजा की लगभग 25 से 30 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क की गई है।
राजा मान सिंह पर क्या आरोप हैं?
राजा मान सिंह पर जमीन फ्रॉड, अवैध कब्जा और लोगों से पैसे के गबन के आरोप हैं।
क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?
प्रशासन के अनुसार जांच जारी है और अन्य अवैध संपत्तियों पर भी आगे कुर्की की कार्रवाई संभव है।










