
✍️ कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही समाजवादी पार्टी ने संगठनात्मक मजबूती और लोकतांत्रिक सतर्कता को लेकर बड़ा संकेत दे दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नववर्ष की शुभकामनाएं देने पहुंचे पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि आने वाले समय की राजनीतिक लड़ाई बूथ स्तर पर ही तय होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करें, मतदाता सूची पर पैनी नजर रखें और किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत उजागर करें।
बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने का आह्वान
अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र की असली परीक्षा मतदान केंद्र पर होती है। यदि बूथ मजबूत है, कार्यकर्ता जागरूक है और मतदाता सूची दुरुस्त है, तो किसी भी साजिश को नाकाम किया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन मतदाताओं के नाम सूची में छूट गए हैं, उन्हें हर हाल में जोड़ा जाना चाहिए। यह केवल राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक कर्तव्य भी है।
मतदाता सूची और आंकड़ों पर उठे गंभीर सवाल
सपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें चार करोड़ वोट कटने की बात कही गई थी। अखिलेश यादव ने इसे बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि ऐसे बयान प्रशासनिक तंत्र को गलत संदेश देते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य निर्वाचन आयोग और भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों में अंतर दिखाई दे रहा है, तो फिर एसआईआर प्रक्रिया की विश्वसनीयता कैसे तय की जाएगी।
उन्होंने दो टूक कहा कि यदि मतदाताओं की संख्या के आंकड़े अलग-अलग होंगे, तो आम नागरिक का भरोसा लोकतांत्रिक संस्थाओं से उठना स्वाभाविक है। इस स्थिति में चुनाव आयोग, प्रशासन और तकनीकी सहयोग देने वाली कंपनियों को अपनी निष्पक्षता और पारदर्शिता साबित करनी होगी।
मैपिंग एप और तकनीकी एजेंसियों की भूमिका
अखिलेश यादव ने मैपिंग एप और चुनाव आयोग की तकनीकी मदद करने वाली एजेंसियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए होना चाहिए, न कि मतदाताओं को भ्रमित या वंचित करने के लिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी तकनीकी संस्थाएं पूरी निष्पक्षता से काम करेंगी, ताकि किसी भी तरह का संदेह न रहे।
भाजपा सरकार से हर वर्ग परेशान : अखिलेश यादव
अपने संबोधन में सपा अध्यक्ष ने मौजूदा भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश का हर वर्ग आज परेशान है। किसान अपनी उपज का उचित मूल्य न मिलने से हताश हैं, नौजवान रोजगार के अभाव में भटक रहे हैं और महिलाएं असुरक्षा की भावना से ग्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि सरकार केवल आंकड़ों और प्रचार में व्यस्त है, जबकि जमीन पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
नववर्ष पर सम्मान और सामाजिक संदेश
नववर्ष के अवसर पर सदर कैंट गुरुद्वारा साहिब की ओर से अखिलेश यादव को सरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान नरेंद्र सिंह छाबड़ा, नवल जीत सिंह नागपाल, सुरेंद्र सिंह छाबड़ा, आतम सिंह सोढ़ी और महेंद्र सिंह छाबड़ा द्वारा प्रदान किया गया। वहीं संडीला से आए अभिषेक दीक्षित ने उन्हें स्थानीय प्रसिद्ध लड्डू भेंट किए। यह दृश्य सामाजिक सौहार्द और विविधता में एकता का प्रतीक बना।
मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान और सुरक्षा व्यवस्था
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश पुलिस की सतर्कता की सराहना की। उन्होंने कहा कि माघ मेले के दौरान निर्माणाधीन मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान परिसर में पुलिस जिस तरह से मुस्तैदी से सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही है, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन भलीभांति जानता है कि नेताजी मुलायम सिंह यादव के प्रति जनता की कितनी गहरी आस्था रही है।
इसी आस्था के चलते लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, इसलिए सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं। अखिलेश यादव ने इसे लोकतंत्र और आस्था—दोनों के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया।
महत्वपूर्ण सवाल-जवाब (FAQs)
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से सबसे बड़ा आह्वान क्या किया?
उन्होंने बूथ स्तर पर पार्टी संगठन मजबूत करने और मतदाता सूची की सतर्क निगरानी करने का आह्वान किया।
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सपा की मुख्य चिंता क्या है?
राज्य और केंद्रीय निर्वाचन आयोग के आंकड़ों में अंतर और संभावित मतदाता वंचना को लेकर सपा ने चिंता जताई है।
भाजपा सरकार पर अखिलेश यादव का मुख्य आरोप क्या है?
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार से किसान, नौजवान और महिलाएं सभी परेशान हैं और जमीनी समस्याओं की अनदेखी हो रही है।
मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान को लेकर क्या कहा गया?
अखिलेश यादव ने वहां की सुरक्षा व्यवस्था के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की सराहना की और भारी श्रद्धालु संख्या की संभावना जताई।








