मौसम का खेल खतरनाक ; बाराबंकी–हरदोई बने प्रदेश के सबसे ठंड प्रभावित इलाके

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाके में घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच अलाव तापते लोग, सर्द पछुआ और शीत लहर का असर

अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट

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उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ते ही पहाड़ों से उतरती सर्द पछुआ हवाओं ने पूरे प्रदेश में ठंड का असर तेज कर दिया है। बीते 24 घंटों में कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया, जिससे गलन बढ़ी और जनजीवन प्रभावित हुआ। दिन के समय 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने धूप की मौजूदगी के बावजूद राहत नहीं दी। मौसम विज्ञानियों के अनुसार अगले तीन दिनों तक यही हालात बने रहने की संभावना है और दिन–रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।

प्रदेश में ठंड का नया चरण, गलन और कोहरे का डबल अटैक

मौसम के इस बदले मिज़ाज के पीछे सबसे बड़ा कारण पश्चिमी विक्षोभ का कमजोर होना और उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली सर्द पछुआ हवाएं हैं। जैसे ही विक्षोभ का असर कम हुआ, वैसे ही वातावरण में नमी और ठंडी हवाओं का संतुलन बिगड़ गया। परिणामस्वरूप रात के तापमान में तेज गिरावट शुरू हो गई। सुबह के समय घना कोहरा छाने से दृश्यता कई इलाकों में शून्य के करीब पहुंच गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पर भी असर पड़ा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति शीत लहर की ओर इशारा कर रही है, जो जनवरी के पहले पखवाड़े में और तीव्र हो सकती है।

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बाराबंकी और हरदोई सबसे ठंडे, बरेली में दिन रहा सबसे सर्द

शुक्रवार को प्रदेश में ठंड का केंद्र बाराबंकी और हरदोई रहे, जहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से काफी नीचे है और इसी कारण इन जिलों में शीत दिवस की स्थिति बनने लगी है। वहीं दिन के तापमान की बात करें तो बरेली में अधिकतम तापमान मात्र 13.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो इस मौसम का अब तक का सबसे ठंडा दिन माना जा रहा है। इन आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि ठंड अब केवल रात तक सीमित नहीं रही, बल्कि दिन में भी अपना असर दिखा रही है।

कोहरे ने रोकी रफ्तार, कई जिलों में दृश्यता शून्य

घने कोहरे की वजह से कानपुर, आगरा, गोरखपुर, अमेठी सहित कई जिलों में सुबह के समय दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई। हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई और कई स्थानों पर ट्रेनें भी देरी से चलीं। विशेषज्ञों का मानना है कि कोहरे और ठंडी हवाओं का यह संयोजन स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और सांस के रोगियों के लिए। ऐसे में सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी है।

34 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने शनिवार के लिए तराई और पूर्वी–दक्षिणी उत्तर प्रदेश के 34 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में सुबह और देर रात दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना है। प्रभावित जिलों में बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं। प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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इन जिलों में शीत दिवस की प्रबल संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ और बाराबंकी में शीत दिवस की स्थिति बन सकती है। शीत दिवस के दौरान दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला जाता है और सूर्य की किरणें भी पर्याप्त गर्मी नहीं दे पातीं। ऐसे हालात में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

उत्तर प्रदेश में शीतलहर के दौरान अलाव के पास हाथ सेंकते लोग, कड़ाके की ठंड से बचाव का दृश्य
शीतलहर की चपेट में उत्तर प्रदेश, ठंड से राहत पाने के लिए अलाव का सहारा लेते लोग

अगले तीन दिन और बढ़ेगी ठंड, पारा गिरेगा

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और सर्द पछुआ के असर से अब रातों में पारा और तेजी से गिरेगा। अगले तीन दिनों में दिन और रात दोनों के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसका सीधा असर कृषि, यातायात और आम जनजीवन पर पड़ेगा। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए और नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के लिए पहले से तैयारी रखने की सलाह दी गई है।

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ठंड में कैसे रखें खुद को सुरक्षित

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कड़ाके की ठंड में गर्म कपड़े पहनना, सुबह और देर रात अनावश्यक बाहर निकलने से बचना और कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय फॉग लाइट का उपयोग करना जरूरी है। बुजुर्गों और बच्चों को खास तौर पर ठंडी हवाओं से बचाने की आवश्यकता है। साथ ही गर्म पेय पदार्थों का सेवन और संतुलित आहार शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने में मदद करता है।

प्रश्न 1: बाराबंकी और हरदोई में ठंड सबसे ज्यादा क्यों है?

इन जिलों में तराई क्षेत्र का प्रभाव और सर्द पछुआ हवाओं की सीधी टक्कर के कारण तापमान तेजी से गिरा है, जिससे यहां ठंड अधिक महसूस की जा रही है।

प्रश्न 2: शीत दिवस का क्या मतलब होता है?

जब दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला जाए और धूप का असर कम हो जाए, तो उसे शीत दिवस कहा जाता है।

प्रश्न 3: कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय क्या सावधानी रखें?

कोहरे में धीमी गति रखें, फॉग लाइट का उपयोग करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

प्रश्न 4: क्या अगले सप्ताह ठंड और बढ़ेगी?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक ठंड में और बढ़ोतरी की संभावना है, खासकर रात के तापमान में।

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