लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जिस नए साल के स्वागत की तैयारियों में लोग जुटे थे, उसी बीच मौसम ने अपनी बेईमानी दिखानी शुरू कर दी है। पछुआ हवाओं, घने कोहरे और पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश में ठंड का मिजाज और तीखा हो गया है। बीते 24 घंटों के भीतर 17 से अधिक जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, जबकि कानपुर में रात का तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जो प्रदेश में सबसे सर्द रात रही।
❄️ पछुआ हवाओं से बदला प्रदेश का मौसम
पछुआ हवाओं के सक्रिय होने से प्रदेश के कुछ हिस्सों में घने कोहरे से आंशिक राहत जरूर मिली, लेकिन इन हवाओं के साथ आई बर्फीली ठंड ने लोगों की कंपकंपी बढ़ा दी। खासकर सुबह और देर रात के समय ठिठुरन अपने चरम पर रही। कई जिलों में खुले आसमान के कारण दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन रात होते ही ओस और नमी ने ठंड को और तीखा कर दिया।
🌫️ 59 जिलों में कोहरे का अलर्ट, जनजीवन अस्त-व्यस्त
मौसम विभाग ने प्रदेश के 59 जिलों में घने से बहुत घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। कोहरे का असर इतना व्यापक रहा कि सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई ट्रेनों के संचालन में घंटों की देरी हुई, जबकि कुछ स्थानों पर उड़ानों पर भी असर पड़ा। नोएडा, गाजियाबाद और पश्चिमी यूपी के अन्य जिलों में सुबह के समय वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा।
🌧️ नए साल पर बारिश की संभावना, बढ़ेगा तापमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर अब उत्तर प्रदेश तक पहुंचने लगा है। इसके प्रभाव से एक जनवरी को उत्तर-पश्चिमी यूपी समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के कारण वायुमंडल में नमी बढ़ेगी, जिससे तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। हालांकि, यह राहत अस्थायी होगी।
📍 किन जिलों में रहेगा कोहरे का ज्यादा असर
मौसम विभाग के मुताबिक आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में घना से बहुत घना कोहरा छाने की संभावना है।
इसके अलावा कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, हरदोई और फर्रुखाबाद में भी घना कोहरा रहने का अनुमान है। वहीं कन्नौज, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, मुरादाबाद, रामपुर, संभल और बदायूं में भी दृश्यता बेहद कम रह सकती है।
🌡️ शीत दिवस की स्थिति में सुधार, पर सतर्कता जरूरी
वायुमंडलीय अस्थिरता के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में प्रभावी वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे शीत दिवस की स्थिति में कुछ हद तक सुधार देखने को मिला है। हालांकि मौसम विभाग ने साफ किया है कि 31 दिसंबर तक देर रात और सुबह के समय कोहरे का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य और यातायात दोनों को लेकर सतर्कता बेहद जरूरी है।
⚠️ नए साल के जश्न पर मौसम की मार
नए साल के जश्न की तैयारियों के बीच मौसम की यह करवट लोगों की चिंता बढ़ा रही है। खुले स्थानों पर होने वाले कार्यक्रमों, पर्यटन स्थलों और सड़क यात्राओं पर कोहरे और संभावित बारिश का असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखें।
❓ मौसम से जुड़े सवाल-जवाब
नए साल पर उत्तर प्रदेश में बारिश होगी क्या?
मौसम विभाग के अनुसार एक जनवरी को पश्चिमी यूपी समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
कोहरे का सबसे ज्यादा असर किन जिलों में रहेगा?
पूर्वांचल, तराई क्षेत्र और मध्य यूपी के कई जिलों में घना से बहुत घना कोहरा छाने का अनुमान है।
क्या बारिश से ठंड कम होगी?
बारिश के बाद तापमान में 3 से 5 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे अस्थायी राहत मिलेगी।
यात्रा करने वालों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
घने कोहरे के कारण दृश्यता कम रहेगी, इसलिए वाहन धीमी गति से चलाएं और अनावश्यक यात्रा से बचें।










