
लखनऊ जिले के बन्थरा क्षेत्र में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और विभागीय मनमानी का मामला सामने आया है।
जल निगम के अधिकारियों द्वारा बिना किसी पूर्व अनुमति के लोक निर्माण विभाग (PWD) की RCC सड़क की खुदाई कर दी गई, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर पुलिस प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
मामला बन्थरा कस्बे के अंदर से गुजरने वाली उस RCC सड़क से जुड़ा है, जो आधिकारिक रूप से PWD विभाग के अधीन आती है।
दिनांक 30 दिसंबर 2025 को नगर पंचायत कार्यालय से जुड़े कुछ अधिकारी और जल निगम की टीम अचानक जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंचे और बिना किसी लिखित अनुमति के सड़क खुदाई का कार्य शुरू कर दिया।
200 मीटर सड़क खुदाई, भीड़ जुटते ही बदला रवैया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लगभग 200 मीटर लंबी RCC सड़क को तोड़ दिया गया। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई, बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा होने लगे।ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब सड़क PWD की है, तो बिना उसकी अनुमति खुदाई कैसे संभव है।

ग्रामीणों की संख्या बढ़ती देख जल निगम और नगर पंचायत के कुछ अधिकारी मौके से इधर-उधर होते नजर आए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि कार्य वैध होता तो अधिकारी मौके पर डटे रहते, लेकिन विरोध बढ़ते ही उनका रवैया बदल गया।
PWD अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लगाई फटकार
घटना की सूचना मिलते ही PWD विभाग के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने जल निगम कर्मियों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट शब्दों में पूछा कि PWD की सड़क खोदने से पहले विभागीय अनुमति क्यों नहीं ली गई।
PWD अधिकारियों ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि बिना अनुमति सड़क खुदाई न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।
सभासद ने भी जताई नाराजगी
घटनास्थल पर क्षेत्रीय सभासद भी पहुंचे। उन्होंने जल निगम अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि
मेरे मना करने के बावजूद भी मनमाने तरीके से सड़क खुदाई की गई। सभासद का कहना था कि क्षेत्र में जगह-जगह सड़कें खोद दी जाती हैं, लेकिन बाद में उनकी मरम्मत नहीं होती।
इसके कारण राहगीरों और वाहन चालकों को दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के आक्रोश के बीच पुलिस का हस्तक्षेप
ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता देख थाना बन्थरा पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा।
स्थिति को नियंत्रित करते हुए PWD विभाग ने तत्काल प्रभाव से खुदाई कार्य कर रही JCB मशीन को हटवा दिया।
PWD अधिकारियों ने जल निगम को स्पष्ट निर्देश दिए कि जितनी सड़क को क्षतिग्रस्त किया गया है, उसे तुरंत पूर्ववत बनाकर दिया जाए। अन्यथा विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायत से नगर पंचायत, लेकिन विकास आज भी सवालों में
स्थानीय लोगों ने बताया कि बन्थरा पहले ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता था, इसी कारण आज भी लोग इसे गांव ही कहते हैं।
हालांकि बीते तीन वर्षों से यह नगर पंचायत घोषित हो चुका है। लखनऊ-कानपुर हाईवे से सटा होने के बावजूद बन्थरा क्षेत्र आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित नजर आता है।
सूत्रों के अनुसार, नगर पंचायत बनने के बाद सरकार द्वारा करोड़ों रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया, लेकिन उसका वास्तविक लाभ जनता तक नहीं पहुंच पाया।
RTI के जवाब भी असंतोषजनक, जांच की उठी मांग
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पंचायत अधिकारियों से बार-बार सवाल पूछे गए, यहां तक कि सूचना के अधिकार के तहत जानकारी भी मांगी गई, लेकिन किसी भी स्तर पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
लोगों का कहना है कि यदि किसी ईमानदार और सक्षम अधिकारी द्वारा नगर पंचायत बन्थरा की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो कई गंभीर अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
जनता का भरोसा टूटा, जवाबदेही तय करने की मांग
जिस जनता ने विकास की उम्मीद में जनप्रतिनिधियों पर भरोसा जताया था, आज वही खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
न अच्छी सड़कें हैं, न नालियों की व्यवस्था और न ही अन्य बुनियादी सुविधाएं।
ग्रामीणों और कस्बावासियों की एक ही मांग है —
विकास कार्यों में पारदर्शिता हो,
दोषियों की जवाबदेही तय की जाए
और सरकारी धन का उपयोग वास्तव में जनता के हित में हो।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बन्थरा में सड़क खुदाई का विवाद क्यों हुआ?
जल निगम द्वारा बिना PWD की अनुमति के RCC सड़क की खुदाई किए जाने से विवाद हुआ।
क्या जल निगम के पास खुदाई की अनुमति थी?
PWD विभाग के अनुसार कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी।
पुलिस को क्यों बुलाना पड़ा?
ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को बुलाया गया।
अब आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?
PWD ने सड़क मरम्मत के निर्देश दिए हैं और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।










