महिला सशक्तिकरण फेज 0.5 : भीषण शीतलहर में बेराउर गाँव की महिलाओं के लिए संबल बनी समाजसेवी पहल

राजापुर क्षेत्र के बेराउर गांव में महिला सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत चौपाल लगाकर महिलाओं को कंबल वितरित करते जनप्रतिनिधि और समाजसेवी

संजय सिंह राणा की रिपोर्ट
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मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी महिला सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत, समाजसेवी संस्था इंटरनेशनल पायनियर्स क्लब द्वारा राजापुर क्षेत्र के बेराउर गाँव में शीतलहर राहत एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का दूसरा चरण आयोजित किया गया। चौपाल के माध्यम से 200 से अधिक महिलाओं को कंबल वितरित कर न केवल ठंड से राहत दी गई, बल्कि शिक्षा, स्वच्छता और नशामुक्ति जैसे विषयों पर जागरूकता भी फैलाई गई।

■ शीतलहर में राहत: ज़रूरतमंद महिलाओं तक सीधी पहुँच

उत्तर भारत में जारी भीषण शीतलहर के बीच ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएँ सबसे अधिक प्रभावित होती हैं। बेराउर जैसे सुदूरवर्ती गाँवों में ठंड से बचाव के संसाधन सीमित होते हैं। ऐसे समय में कंबल वितरण केवल एक सामग्री सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता का प्रमाण बन जाता है। चौपाल लगाकर महिलाओं को एकत्र करना, उनकी समस्याएँ सुनना और उसी मंच से राहत पहुँचाना—इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता रही।

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■ मुख्य अतिथियों का संदेश: सेवा, शिक्षा और संयम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद आर. के. सिंह पटेल ने आयोजक संस्था की सराहना करते हुए कहा कि इंटरनेशनल पायनियर्स क्लब विगत 27 वर्षों से निःस्वार्थ भाव से जनकल्याण के कार्य कर रहा है। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, स्वच्छता और नशामुक्त जीवनशैली पर विशेष बल दिया। उनके अनुसार, समाज का वास्तविक सशक्तिकरण तभी संभव है जब महिलाएँ और बच्चे सुरक्षित, शिक्षित और जागरूक हों।

■ “जरूरतमंदों के साथ खड़े रहना ही सच्ची राजनीति”

पूर्व सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा ने कंबल वितरण को पुनीत कार्य बताते हुए कहा कि ठंड के मौसम में इस प्रकार की सहायता सीधे जीवन रक्षा से जुड़ी होती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के साथ वे हर समय खड़े रहेंगे। उनके वक्तव्य ने कार्यक्रम को मानवीय संवेदना की गहराई प्रदान की।

■ संस्था का संकल्प: 27 वर्षों की निरंतर सेवा

संस्था अध्यक्ष केशव शिवहरे ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पायनियर्स क्लब विगत 27 वर्षों से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आपदा राहत के क्षेत्र में कार्यरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्था का उद्देश्य केवल तात्कालिक सहायता नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सामाजिक बदलाव है। यही कारण है कि हर कार्यक्रम में जनजागरूकता को अनिवार्य रूप से जोड़ा जाता है।

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■ सरकारी योजनाओं की जानकारी: लाभ उठाने का आह्वान

भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटार्य ने सरकार द्वारा संचालित आवास, शिक्षा, खाद्यान्न और स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे इन योजनाओं का लाभ लें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि शीतकालीन राहत के साथ-साथ सरकारी योजनाएँ सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार हैं।

■ समाजसेवा की मिसाल: दूरदराज़ तक पहुँच

जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव ने कहा कि पायनियर्स क्लब ने समाजसेवा के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई है। कड़ाके की ठंड में कंबल वितरण हो या प्रचंड गर्मी में सार्वजनिक स्थलों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था—संस्था हर मौसम में जनहित को प्राथमिकता देती है। यह निरंतरता ही किसी संस्था की विश्वसनीयता तय करती है।

■ सम्मान, सहयोग और सामूहिक सहभागिता

कार्यक्रम के दौरान विशेष सहयोगियों को शाल एवं कामतानाथ जी का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। संचालन एवं आभार ज्ञापन शिवशंकर सिंह (एडवोकेट, पूर्व जिला पंचायत सदस्य) द्वारा किया गया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, समाजसेवी और बड़ी संख्या में लाभार्थी महिलाएँ उपस्थित रहीं, जिससे कार्यक्रम एक सामूहिक सामाजिक उत्सव में परिवर्तित हो गया।

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■ महिला सशक्तिकरण का व्यावहारिक मॉडल

यह कार्यक्रम दर्शाता है कि महिला सशक्तिकरण केवल नीतियों और घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयासों से आकार लेता है। चौपाल, संवाद और प्रत्यक्ष सहायता—ये तीनों मिलकर एक ऐसा मॉडल प्रस्तुत करते हैं, जिसे अन्य क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है।

■ पाठकों के सवाल (क्लिक करें)

यह कार्यक्रम कहाँ आयोजित हुआ?

राजापुर क्षेत्र के अंतर्गत बेराउर गाँव में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कितनी महिलाओं को कंबल वितरित किए गए?

कार्यक्रम के दौरान 200 से अधिक जरूरतमंद महिलाओं को कंबल वितरित किए गए।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?

शीतलहर से राहत के साथ-साथ महिलाओं को शिक्षा, स्वच्छता और नशामुक्ति के प्रति जागरूक करना।

इंटरनेशनल पायनियर्स क्लब कब से कार्यरत है?

यह संस्था विगत 27 वर्षों से निरंतर सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रही है।

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चूल्ही गांव, चित्रकूट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कोल आदिवासी परिवारों को कंबल और आवश्यक खाद्यान्न सामग्री सौंपते समाजसेवी एवं अतिथि। फोटो समाचार दर्पण। समाचार पढने के लिए फोटो को क्लिक करें☝☝☝

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