थरथराती पूस की रातें और कांपते दिन का तापमान

उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच अलाव तापते लोग, शीत दिवस से कांपता जनजीवन और सर्द मौसम का दृश्य

सर्वेश यादव की रिपोर्ट
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प्रदेश में ठंड और कोहरे का बढ़ता सितम, जनजीवन पर गहराता असर

उत्तर प्रदेश में इस समय मौसम का मिज़ाज अस्थिर और बेचैन करने वाला बना हुआ है। पूस के महीने की शुरुआत के साथ ही ठंड ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। कभी दिन में हल्की धूप राहत देती दिखती है, तो कभी पूरा दिन आसमान में छाई बदली ठंड को और गहरा कर देती है। बीते कुछ दिनों से प्रदेश के बड़े हिस्से में ऐसा ही मौसम देखने को मिल रहा है, जहां रातें सिहरन पैदा कर रही हैं और दिन भी कंपकंपी छुड़ा रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार यह ठंड और कोहरे का दौर अभी पूरी तरह खत्म होने वाला नहीं है।

बदली, धूप और ठंड का अजीब तालमेल

शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में सुबह से ही घनी बदली छाई रही। दोपहर के समय कुछ देर के लिए धूप जरूर निकली, लेकिन वह इतनी कमजोर रही कि ठंड से राहत नहीं दे सकी। धूप के बावजूद हवा में नमी और ठिठुरन बनी रही। यही कारण है कि लोगों को दोपहर में भी ऊनी कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। मौसम के इस उतार-चढ़ाव ने खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।

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शीत दिवस का असर, सूरज भी बना बेबस

प्रदेश के पूर्वी हिस्से में शीत दिवस की स्थिति ने हालात को और गंभीर बना दिया है। शीत दिवस का अर्थ है जब दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला जाए और सूरज अपनी गर्मी का असर न दिखा पाए। रविवार को कई जिलों में शीत दिवस का अलर्ट जारी किया गया, जिससे यह साफ है कि ठंड का असर केवल रात तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दिन के समय भी लोगों को परेशान करेगा।

घना से अत्यंत घना कोहरा: यातायात पर संकट

कोहरे ने प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी—दोनों हिस्सों में हालात मुश्किल बना दिए हैं। कई जगहों पर घना से अत्यंत घना कोहरा छाने की चेतावनी दी गई है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो जाने के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं, वहीं ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं। कोहरे के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है, जिसे लेकर प्रशासन और यातायात विभाग सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में ठंड का तीखा वार

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शीत दिवस के साथ-साथ घना से बहुत घना कोहरा छाने की संभावना जताई गई है। देवरिया, गोरखपुर, संतकबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और सीतापुर जैसे जिलों में ठंड और कोहरे का संयुक्त प्रभाव देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में तापमान में गिरावट से सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

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पश्चिमी यूपी में भी कोहरे का कहर

पश्चिमी उत्तर प्रदेश भी ठंड और कोहरे की गिरफ्त में है। सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं सहित आसपास के इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा छाने की संभावना जताई गई है। यहां सुबह और देर रात दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है, जिससे वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

मध्य और अवध क्षेत्र भी अछूता नहीं

प्रदेश का मध्य और अवध क्षेत्र भी इस ठंड और कोहरे के प्रभाव से बचा नहीं है। कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संतरविदास नगर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, बागपत, मेरठ, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा और औरैया जैसे जिलों में भी घना कोहरा छाने का अलर्ट जारी किया गया है।

30 दिसंबर के बाद क्या मिलेगी राहत?

मौसम विभाग का कहना है कि 30 दिसंबर के बाद शीत दिवस की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि ठंड पूरी तरह खत्म नहीं होगी। 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है, लेकिन सुबह और रात के समय घना कोहरा छा सकता है। यानी राहत आंशिक होगी, पूर्ण नहीं।

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जनजीवन पर असर और सतर्कता की ज़रूरत

ठंड और कोहरे का यह दौर सबसे ज्यादा दिहाड़ी मजदूरों, खेतों में काम करने वाले किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है। अस्पतालों में सर्दी-खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग ठंड से बचाव के पूरे इंतजाम करें, अनावश्यक रूप से सुबह और रात के समय बाहर निकलने से बचें और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।

महत्वपूर्ण सवाल-जवाब

प्रदेश में शीत दिवस क्या होता है?

जब दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला जाए और सूरज की गर्मी महसूस न हो, तो उसे शीत दिवस कहा जाता है।

घना और अत्यंत घना कोहरा किसे कहते हैं?

जब दृश्यता 200 मीटर से कम हो तो घना कोहरा और 50 मीटर से भी कम हो जाए तो अत्यंत घना कोहरा माना जाता है।

30 दिसंबर के बाद क्या ठंड खत्म हो जाएगी?

ठंड पूरी तरह खत्म नहीं होगी, लेकिन शीत दिवस की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है।

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