भीषण ठंड में मानवता की गर्माहट
उतरौला तहसील क्षेत्र के विकास खंड गैड़ास बुजुर्ग अंतर्गत सहियापुर और नारायनपुर मोड़ पर आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि जब समाज का कोई वर्ग पीड़ा में होता है, तब संवेदनशील प्रयास उसकी सबसे बड़ी ढाल बनते हैं। कंपकंपाती ठंड के बीच QR फाउंडेशन की इस पहल ने उन चेहरों पर मुस्कान लौटा दी, जो लंबे समय से उपेक्षा और अभाव के आदी हो चुके थे।
QR फाउंडेशन की सामाजिक जिम्मेदारी
QR foundation द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल कंबल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक सरोकार, सेवा भाव और निरंतर मानवीय दायित्व का उदाहरण बनकर सामने आया। अत्यंत ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं और गरीब परिवार कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे, जो इस बात का प्रमाण है कि जरूरतमंदों के लिए यह पहल कितनी महत्वपूर्ण थी।

गरिमामय उपस्थिति और कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैड़ास बुजुर्ग के चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर शोएब मलिक उपस्थित रहे। उनके साथ प्रधान नारायनपुर बरकत अली तथा विशिष्ट अतिथि डॉक्टर शहंशाह आलम ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। फाउंडेशन के अध्यक्ष नदीम काजी ने अतिथियों को शॉल उड़ाकर सम्मानित किया, जिसके बाद कंबल वितरण का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
जब सेवा बनी सबसे बड़ा संदेश
डॉक्टर शोएब मलिक ने स्वयं बुजुर्गों को कंबल ओढ़ाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इस कड़ाके की ठंड में जब कई लोग जरूरतमंदों से बात तक करना पसंद नहीं करते, तब QR फाउंडेशन जैसे संगठन समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। प्रधान बरकत अली ने भी फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह सहयोग गरीबों के लिए किसी जीवनदान से कम नहीं है।
लगातार सक्रिय सामाजिक भूमिका
फाउंडेशन के सहयोगी डॉक्टर शहंशाह आलम ने बताया कि संस्था केवल ठंड के मौसम में ही नहीं, बल्कि बाढ़, आपदा और अन्य संकटों के समय भी पीड़ितों की सहायता करती रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंबल वितरण कार्यक्रम आगे भी निरंतर जारी रहेगा और गरीब परिवारों की मदद QR फाउंडेशन का मूल उद्देश्य है।
“मानवता ही सबसे बड़ा धर्म” — नदीम काजी
QR फाउंडेशन के अध्यक्ष और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष नदीम काजी ने भावुक शब्दों में कहा, “मानवता ही सबसे बड़ा सेवा कार्य है। जरूरतमंदों की मदद करना सच्ची इंसानियत है। हर व्यक्ति में ईश्वर का अंश है, इसलिए किसी दुखी की सहायता करना सबसे बड़ी नेकी है।” उनके इन शब्दों ने कार्यक्रम में मौजूद कई बुजुर्गों और महिलाओं की आंखें नम कर दीं।
स्थानीय जनता की सराहना
स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की खुले दिल से प्रशंसा की। लोगों का कहना था कि ठंड के इस मौसम में कंबल जैसा सहयोग गरीब परिवारों के लिए जीवन रक्षक साबित होता है। नदीम काजी की टीम लगातार विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहकर जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचा रही है, जो समाज के लिए सकारात्मक संदेश है।
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख लोग
इस अवसर पर डॉक्टर अशोक वर्मा, गुड्डू उर्फ शाहिद कुरैशी, इरशाद कुरैशी, अजमत चौधरी, प्रधान सहियापुर गोपीनाथ वर्मा, नजमुद्दीन चौधरी, बब्बू भाई, मैनुद्दीन उर्फ मजू कुरैशी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस सेवा कार्य को समाज के लिए आवश्यक बताया।
सेवा से संकल्प तक
यह कंबल वितरण कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक है जिसमें समाज के अंतिम व्यक्ति तक राहत पहुंचाने का संकल्प छिपा है। QR फाउंडेशन की यह पहल बताती है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो सीमित संसाधनों में भी बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
QR फाउंडेशन किस उद्देश्य से कार्य करता है?
QR फाउंडेशन गरीब, जरूरतमंद और आपदा पीड़ित परिवारों की सहायता के उद्देश्य से सामाजिक सेवा कार्य करता है।
कंबल वितरण कार्यक्रम कहां आयोजित किया गया?
यह कार्यक्रम उतरौला तहसील क्षेत्र के गैड़ास बुजुर्ग विकास खंड अंतर्गत सहियापुर और नारायनपुर मोड़ पर आयोजित हुआ।
क्या ऐसे कार्यक्रम आगे भी होंगे?
हां, QR फाउंडेशन ने स्पष्ट किया है कि जरूरतमंदों की मदद के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे।









