देवरिया जिले के लिए आज का दिन केवल एक खेल समाचार नहीं, बल्कि सपनों की जीत और संघर्ष की सफलता का प्रतीक बन गया है। खुखुन्दू थाना क्षेत्र के ग्राम गुलाली परसिया निवासी युवा क्रिकेटर नमन तिवारी का चयन आईपीएल 2026 के लिए हो जाना, वह भी एक करोड़ रुपये की बोली पर, इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।
जैसे ही यह खबर सामने आई कि लखनऊ सुपर जायंट्स फ्रेंचाइजी ने नमन तिवारी को अपनी टीम में शामिल किया है, पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया। ढोल-नगाड़ों की थाप, मिठाइयों का वितरण और सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़—यह सब किसी अंतरराष्ट्रीय जीत से कम नहीं था।
ग्रामीण परिवेश से राष्ट्रीय मंच तक का सफर
नमन तिवारी का सफर किसी चमक-दमक वाले क्रिकेट अकादमी से नहीं, बल्कि पूर्वांचल के एक साधारण गांव से शुरू हुआ। सीमित संसाधन, मैदानों की कमी और आधुनिक सुविधाओं का अभाव—इन सबके बावजूद नमन ने क्रिकेट को सिर्फ शौक नहीं, बल्कि जुनून बनाया।
गांव की कच्ची पिच, स्कूल के बाद घंटों का अभ्यास और परिवार का नैतिक समर्थन—इन्हीं साधनों के सहारे नमन ने अपने खेल को तराशा। शिक्षा के साथ-साथ क्रिकेट को संतुलित ढंग से आगे बढ़ाना उनके जीवन की सबसे बड़ी चुनौती थी, जिसे उन्होंने अनुशासन और आत्मविश्वास से पार किया।
घरेलू क्रिकेट और टी-20 में दमदार प्रदर्शन
स्थानीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद नमन ने जिला और फिर प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाई। घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट और टी-20 मुकाबलों में उनकी निरंतरता ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।
एक बाएं हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज होने के साथ-साथ नमन उपयोगी निचले क्रम के बल्लेबाज भी हैं। दबाव में विकेट निकालने की क्षमता और डेथ ओवर्स में नियंत्रण उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। इन्हीं खूबियों ने आईपीएल फ्रेंचाइजी को प्रभावित किया।
एक करोड़ की बोली: सपनों को मिली उड़ान
आईपीएल 2026 की नीलामी के दौरान जब लखनऊ सुपर जायंट्स ने नमन तिवारी पर एक करोड़ रुपये की बोली लगाई, तो यह सिर्फ आर्थिक उपलब्धि नहीं थी, बल्कि छोटे शहरों से आने वाले खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत संदेश भी था।
यह चयन दर्शाता है कि आईपीएल अब केवल बड़े शहरों और नामी अकादमियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह भारत के गांव-गांव में छिपी प्रतिभा को भी मंच दे रहा है।
परिवार की भूमिका: पिता LIC एजेंट, बेटा IPL खिलाड़ी
नमन तिवारी का जन्म 8 नवंबर 2005 को हुआ। उनके पिता सूर्यनाथ तिवारी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में अभिकर्ता हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले नमन के लिए क्रिकेट का सफर आसान नहीं था, लेकिन पिता ने कभी उनके सपनों को बोझ नहीं माना।
परिवार ने सीमित आय में भी नमन के अभ्यास, किट और यात्रा का इंतजाम किया। यही भरोसा आज एक ऐतिहासिक उपलब्धि में बदल गया।
आदर्श जसप्रीत बुमराह, सीख मैदान से और मानसिकता से
नमन तिवारी अपने क्रिकेट आदर्श जसप्रीत बुमराह को मानते हैं। उनकी गेंदबाजी के वीडियो देखकर नमन ने लाइन-लेंथ, विविधता और मानसिक मजबूती को समझा।
नेशनल क्रिकेट अकादमी में कई मौकों पर बुमराह से हुई मुलाकातों ने नमन को यह सिखाया कि एक तेज गेंदबाज के लिए केवल गति नहीं, बल्कि सोच और धैर्य भी उतना ही जरूरी है।
देवरिया में जश्न, युवाओं में नई उम्मीद
नमन की सफलता ने देवरिया जिले के खेल माहौल में नई ऊर्जा भर दी है। गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक लोग इसे अपनी जीत मान रहे हैं। स्थानीय कोच, खिलाड़ी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन नमन को शुभकामनाएं दे रहे हैं।
यह उपलब्धि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो छोटे कस्बों और गांवों से बड़े सपने देखते हैं।
भविष्य की राह: भारतीय टीम का सपना
नमन तिवारी का लक्ष्य केवल आईपीएल तक सीमित नहीं है। उनका सपना है कि वह एक दिन भारतीय टीम की जर्सी पहनें और देश का प्रतिनिधित्व करें। उनका मानना है कि आईपीएल उनके लिए सीखने का सबसे बड़ा मंच होगा।
अगर मेहनत और अनुशासन इसी तरह जारी रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब देवरिया का यह बेटा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी अपनी पहचान बनाएगा।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नमन तिवारी का चयन किस टीम में हुआ है?
नमन तिवारी का चयन आईपीएल 2026 के लिए लखनऊ सुपर जायंट्स टीम में हुआ है।
नमन तिवारी किस तरह के खिलाड़ी हैं?
वह बाएं हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज और उपयोगी बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं।
नमन तिवारी किस जिले से आते हैं?
नमन तिवारी उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के खुखुन्दू थाना क्षेत्र के ग्राम गुलाली परसिया के निवासी हैं।
उनके क्रिकेट आदर्श कौन हैं?
नमन तिवारी भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को अपना आदर्श मानते हैं।









