भावुक हो उठीं वृंदावन में धर्मेंद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए : हेमा मालिनी ने ब्रजवासियों के लिए आयोजित की विशेष शोक सभा

📝 के के सिंह की रिपोर्ट

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ब्रज की पावन धरती पर सिनेमा के ‘ही-मैन’ को अंतिम प्रणाम—श्रद्धा, स्मृतियों और मौन प्रार्थनाओं के बीच गूंजा धर्मेंद्र का नाम।

बॉलीवुड अभिनेत्री और मथुरा से सांसद हेमा मालिनी ने अपने पति और हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की स्मृति में वृंदावन के छटीकरा रोड स्थित श्री कृष्ण जन्माष्टमी आश्रम में एक विशेष शोक सभा (प्रेयर मीट) का आयोजन किया। यह आयोजन खास तौर पर धर्मेंद्र के ब्रजवासी प्रशंसकों के लिए समर्पित था, जिनसे उनका गहरा भावनात्मक रिश्ता रहा।

शांत, संयमित और आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित इस प्रेयर मीट में फिल्म जगत और राजनीति से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हुईं। धर्मेंद्र के प्रशंसकों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। यह आयोजन केवल औपचारिक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि धर्मेंद्र के जीवन, व्यक्तित्व और ब्रज से उनके आत्मीय संबंधों का स्मरण बन गया।

🎥 प्रेयर मीट का वीडियो

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‘गदर’ के निर्देशक अनिल शर्मा भी हुए शामिल

वृंदावन में आयोजित इस शोक सभा में बॉलीवुड के जाने-माने निर्देशक अनिल शर्मा भी पहुंचे। उन्होंने धर्मेंद्र के साथ अपने लंबे फिल्मी सफर को याद करते हुए कहा कि वे न केवल एक महान अभिनेता थे, बल्कि एक संवेदनशील, अनुशासित और बेहद सादगीपूर्ण इंसान भी थे।

अनिल शर्मा ने बताया कि धर्मेंद्र को उर्दू शायरी से विशेष लगाव था। “परिस्थिति कैसी भी हो, वे उस पर कविता सुना सकते थे। मैंने उनसे कहा था कि उनकी उर्दू कविताओं की एक किताब आनी चाहिए। वे इस पर गंभीरता से सोच रहे थे और योजना भी बन चुकी थी,” उन्होंने कहा। दुर्भाग्यवश यह साहित्यिक सपना अधूरा रह गया, जिसका अफसोस उन्हें जीवनभर रहा।

ब्रज से धर्मेंद्र का गहरा आत्मीय रिश्ता

शोक सभा को संबोधित करते हुए हेमा मालिनी ने कहा कि धर्मेंद्र का वृंदावन और यहां के लोगों से गहरा नाता रहा है। “ब्रज की संस्कृति, यहां का अपनापन और भक्ति-भाव उन्हें बहुत प्रिय था। यहां उन्हें अपार स्नेह मिला,” उन्होंने कहा।

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उन्होंने बताया कि इसी कारण उन्होंने धर्मेंद्र के ब्रजवासी प्रशंसकों के लिए विशेष रूप से इस शोक सभा का आयोजन किया, ताकि वे सभी मिलकर उनके प्रिय कलाकार को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें। भावुक स्वर में हेमा मालिनी ने कहा, “धरम जी के जाने से एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं है।”

प्रशंसकों की आंखों में आंसू, हाथों में फूल

प्रेयर मीट में मौजूद ब्रजवासी प्रशंसकों और गणमान्य अतिथियों ने धर्मेंद्र की तस्वीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। सामूहिक प्रार्थना के दौरान सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस गहरे दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

कई प्रशंसक धर्मेंद्र की फिल्मों, उनके प्रसिद्ध संवादों और उनके सरल व्यक्तित्व को याद करते हुए भावुक नजर आए। ‘ही-मैन’ की छवि से परे, लोगों ने उन्हें एक जमीन से जुड़े और संवेदनशील इंसान के रूप में याद किया।

उर्दू शायरी और अधूरी किताब की कसक

धर्मेंद्र का उर्दू साहित्य से प्रेम उनके करीबी मित्रों और सहयोगियों के बीच हमेशा चर्चा का विषय रहा। वे शब्दों को केवल बोलते नहीं थे, उन्हें जीते थे। उनकी उर्दू कविताओं की प्रस्तावित किताब भले ही अधूरी रह गई हो, लेकिन यह उनकी रचनात्मक विरासत का अहम हिस्सा मानी जाती है।

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अब उनके सहयोगी और प्रशंसक इस अधूरे सपने को पूरा करने की दिशा में प्रयासरत हैं, ताकि धर्मेंद्र की साहित्यिक संवेदना आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सके।


📌 क्लिक करें और जानें — सवाल-जवाब

शोक सभा कहां आयोजित की गई?

यह शोक सभा वृंदावन के छटीकरा रोड स्थित श्री कृष्ण जन्माष्टमी आश्रम में आयोजित की गई।

इस शोक सभा का आयोजन किसने किया?

धर्मेंद्र की पत्नी और मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने इस विशेष प्रेयर मीट का आयोजन किया।

फिल्म जगत से कौन शामिल हुआ?

बॉलीवुड निर्देशक अनिल शर्मा सहित फिल्म और राजनीति जगत की कई हस्तियां शोक सभा में शामिल हुईं।

धर्मेंद्र की अधूरी इच्छा क्या थी?

वे अपनी उर्दू कविताओं की एक किताब प्रकाशित करना चाहते थे, लेकिन यह कार्य अधूरा रह गया।

ब्रज से धर्मेंद्र का रिश्ता क्यों खास था?

धर्मेंद्र को वृंदावन और ब्रजवासियों से विशेष लगाव था और यहां उन्हें अपार प्रेम मिला।

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