संजय सिंह राणा की रिपोर्ट
चित्रकूट। बहुचर्चित कोषागार घोटाला अब नए तकनीकी सुरागों के बाद निर्णायक चरण में पहुँच चुका है।
एसआईटी ने 15 संदिग्ध खातों में भेजी गई लगभग 10 करोड़ रुपये की धनराशि से जुड़े सभी भुगतान प्रपत्र
अपने कब्जे में ले लिए हैं। लखनऊ सेंट्रल सर्वर से प्राप्त डेटा और बैंक स्टेटमेंट में बड़े पैमाने पर अंतर मिलने
के बाद जांच की दिशा तेज हो गई है।
जांच में अब तक क्या मिला?
- 15 खातों के भुगतान प्रपत्र और डाक-बही एसआईटी ने जब्त कर लिए।
- 5 खातों में लगभग 4 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड सर्वर डेटा से मेल नहीं खाता।
- 93 पेंशनरों से जुड़े लेन-देन की विस्तृत जांच जारी है।
- सर्वर रिकॉर्ड और बैंक स्टेटमेंट में स्पष्ट विरोधाभास मिला।
15 खातों में गड़बड़ी — जांच क्यों हुई तेज?
एसआईटी ने लखनऊ स्थित सेंट्रल सर्वर से प्राप्त भुगतान रिकॉर्ड का स्थानीय बैंक स्टेटमेंट से मिलान किया।
चौंकाने वाली बात यह रही कि 15 खातों में किए गए भुगतान की प्रविष्टियाँ बैंक रिकॉर्ड से मेल ही नहीं खाती थीं।
विशेषकर 5 खातों में लगभग 4 करोड़ रुपये का ब्योरा सर्वर विवरण से पूरी तरह अलग पाया गया।
जांच टीम ने इन सभी खातों के भुगतान प्रपत्र, वाउचर, फॉरवर्डिंग लेटर और डाक-बही अपने कब्जे में लेकर
दोबारा फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। टीम का मानना है कि रिकॉर्ड में यह अंतर महज तकनीकी त्रुटि नहीं
बल्कि संभवत: किसी सुनियोजित हस्तक्षेप का संकेत है।
एसआईटी की जांच — अगला चरण
- सर्वर और बैंक एंट्री का फॉरेंसिक मिलान।
- मनी-ट्रेल की पूरी ट्रैकिंग।
- कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच।
- संदिग्ध अधिकारियों–कर्मचारियों से दोबारा पूछताछ।
एसआईटी प्रभारी सीओ सिटी अरविंद वर्मा ने कहा कि जांच निर्णायक मोड़ पर है और
“कुछ ही दिनों में ठोस कार्रवाई की संभावना है।”
विकास सचान की जमानत पर सुनवाई टली
घोटाले के आरोपी एटीओ विकास सचान की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी,
मगर उनके अधिवक्ता शिवचंद्र सिंह द्वारा अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने पर
समय मांगा गया। अदालत ने अगली तारीख 12 दिसंबर तय कर दी है।
इसी मामले में एक अन्य आरोपी गौरेंद्र की जमानत पर भी बुधवार को सुनवाई होगी।
किस पर गिरेगी गाज?
सर्वर और बैंक रिकॉर्ड के बीच मिले गंभीर अंतर को देखते हुए एसआईटी कई वरिष्ठ अधिकारियों और
कर्मचारियों को नोटिस भेज सकती है। विभागीय स्रोतों के अनुसार, आने वाले दिनों में
निलंबन, गिरफ्तारी और आपराधिक मुकदमे जैसी कार्रवाई संभव है।
स्थानीय प्रभाव और जनता की चिंता
चित्रकूट के पेंशनधारक इस मामले को लेकर चिंतित हैं। विभाग ने आश्वासन दिया है कि लाभार्थियों की
पेंशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और सभी नियमित भुगतान जारी रहेंगे। प्रशासन ने सभी डेटा की
पारदर्शी जांच कराने का भरोसा दिया है।
निष्कर्ष — बड़ा खुलासा निकट?
चित्रकूट का कोषागार घोटाला अब एक गंभीर वित्तीय अनियमितता का रूप ले चुका है।
सर्वर और बैंक रिकॉर्ड के बीच बड़ा अंतर मिलने से जांच की दिशा बदल चुकी है।
एसआईटी की फॉरेंसिक रिपोर्ट और कोर्ट की अगली कार्रवाई इस घोटाले की वास्तविक तस्वीर को जल्द उजागर करेगी।
मुख्य तथ्य: 15 खातों में 10 करोड़ रुपये, 5 खातों में 4 करोड़ की विसंगति,
फॉरेंसिक जांच जारी, जमानत सुनवाई 12 दिसंबर को।
SamacharDarpan24 पर आगे भी हर अपडेट उपलब्ध कराया जाएगा।
संजय सिंह राणा









