हरियाणा के पानीपत में 32 वर्षीय पूनम द्वारा सुंदर बच्चों की हत्या के सनसनीखेज मामले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। अब जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है— पूनम का कनेक्शन उत्तर प्रदेश के शामली जिले से भी जुड़ा मिला। परिजनों के अनुसार, पूनम अक्सर अपने परिवारवालों से कहती थी कि उस पर साये का असर है और उसे किसी तांत्रिक के पास ले जाने की जरूरत है। इसी बात पर विश्वास करके ससुराल वाले उसे शामली के उत्तर कैराना स्थित एक तांत्रिक के पास ले गए थे।
तांत्रिक ने पूछताछ में किया बड़ा खुलासा
पुलिस ने पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए तांत्रिक को पूछताछ के लिए बुलाया। तांत्रिक ने बताया कि पूनम को ससुराल वाले उसके पास सिर्फ एक बार ही लेकर आए, जबकि आमतौर पर जो लोग ‘साया’ का दावा करते हैं वे 3–4 बार वापस आते हैं। लेकिन पूनम कभी दोबारा नहीं आई। इसी बयान ने पुलिस के संदेह को और ज्यादा गहरा कर दिया कि साये का दावा शायद पूरी तरह से एक मनगढंत कहानी थी, जिसे पूनम ने पहले से ही रचा हुआ था।
उच्च शिक्षा प्राप्त, लेकिन मनोविकृति से ग्रस्त
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूनम पढ़ी-लिखी है और राजनीति विज्ञान (Political Science) से एम.ए. कर चुकी है। फिर भी उसके भीतर छिपी मानसिक विकृति ने उसे एक सीरियल किलर बना दिया। जांच में सामने आया है कि पूनम ने मात्र 2 साल 11 महीने में 4 बच्चों की निर्मम हत्या की। इनमें उसका खुद का 3 वर्षीय बेटा शुभम और उसकी तीन भतीजियां शामिल थीं।
सुंदर बच्चों से जलन — हत्या का असली कारण
पुलिस के अनुसार, पूनम सुंदर और स्मार्ट दिखने वाले बच्चों से जलती थी। वह उनकी तुलना अपने बेटे से करती थी, जो उसकी नजर में उतना आकर्षक नहीं था। इसी मनोवैज्ञानिक ईर्ष्या ने उसे झकझोर कर अपराध की ओर धकेल दिया। घर और रिश्तेदारों में सुंदर बच्चों को देखकर पूनम के भीतर हीनभावना और क्रोध उभर आता था। उसी जलन ने उसे चार मासूम जिंदगियों को बेरहमी से खत्म करने के लिए प्रेरित किया।
तंत्र-मंत्र और साये की कहानी — पकड़े जाने से बचने की चाल
हर हत्या के बाद परिवार में शक न पैदा हो, इसके लिए पूनम पहले से ही ‘साये’, तंत्र-मंत्र और मृत युवक की आत्मा वाली कहानी बनाकर चल रही थी। उसका उद्देश्य था कि यदि कभी हत्या पर शक हो भी जाए तो मामले को मानसिक बीमारी या अलौकिक छाया की तरफ मोड़ दिया जाए। यही कारण था कि वह घरवालों के सामने अचानक अजीब हरकतें कर चुकी थी, ताकि लोग उसके कहे पर विश्वास कर लें।
तंत्र-मंत्र वाला दावा झूठा: पुलिस
पानीपत के डीएसपी नवीन सिंधु के अनुसार, इस मामले का तंत्र-मंत्र से कोई संबंध नहीं है। यह पूरा मामला साइको किलिंग का है, जिसमें अपराधी लगातार हत्याएं करती रही और संदेह से बचने के लिए बहाने बनाती रही। पुलिस के शब्दों में, “कई साइको किलर अपने अपराध छिपाने के लिए तंत्र-मंत्र, भूत-प्रेत या साये का सहारा लेते हैं, ताकि लोग उन पर आसानी से शक ना करें।”
समाज के लिए डरावनी चेतावनी
यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, समाज के लिए एक भयानक चेतावनी है कि उच्च शिक्षा, सभ्य जीवन और सामान्य दिनचर्या के पीछे भी कभी-कभी मानसिक रोग और आपराधिक प्रवृत्तियां छिपी हो सकती हैं। परिवार और समाज को ऐसे व्यवहारों की पहचान जल्द करने की जरूरत है ताकि किसी मासूम जान की बलि न चढ़े।
🟢 सवाल-जवाब
पूनम को पहली बार तांत्रिक के पास क्यों ले जाया गया?
परिवार को लगा कि पूनम पर साये का असर है, इसलिए उसे उत्तर कैराना के तांत्रिक के पास ले जाया गया।
क्या तांत्रिक का इस अपराध से कोई संबंध है?
फिलहाल जांच में तांत्रिक की भूमिका सामने नहीं आई और पुलिस ने इसे साइको किलिंग माना है।
पूनम ने कुल कितने बच्चों की हत्या की?
उस पर 2 साल 11 महीने में 4 बच्चों की हत्या का आरोप है।
हत्या का असली मकसद क्या था?
पूनम सुंदर और स्मार्ट बच्चों से ईर्ष्या करती थी और इसी जलन में उसने अपराध को अंजाम दिया।
क्या पुलिस पूनम के मानसिक परीक्षण कराएगी?
प्रक्रिया के तहत पुलिस मेडिकल और साइकोलॉजिकल जांच कराएगी, जिसके बाद रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी।
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हरियाणा के पानीपत में 32 वर्षीय पूनम द्वारा 4 मासूम बच्चों की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा — तांत्रिक और साये की कहानी निकली पूरी तरह से झूठी। पढ़ी-लिखी महिला कैसे बनी साइको किलर? पूरी रिपोर्ट पढ़ें।







