जीएसटी सुधार : पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक बाजपेई ने कहा – यह नेक्स्ट जेनेरेशन सुधार हैं

"एक सभा कक्ष में मंच पर बैठे और सामने दर्शक दीर्घा में उपस्थित लोग, कई सदस्य गले में भगवा व पीला दुपट्टा डाले हुए, पीछे बड़े बैनर लगे हैं।"

अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट

IMG-20260116-WA0015
previous arrow
next arrow

जीएसटी सुधार पर पिहानी विकासखंड में विशेष बैठक

जीएसटी सुधार पर चर्चा और जानकारी देने के लिए पिहानी विकासखंड सभागार में एक विशेष बैठक आयोजित हुई। इस बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख कुशी बाजपेई ने की। आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह था कि आम जनता, व्यापारी, किसान और छोटे व्यवसायी इन सुधारों से कैसे लाभान्वित होंगे, इसकी स्पष्ट जानकारी मिल सके।

यह भी पढें👉योगी का भौकाल : उपद्रवियों पर कड़ी चेतावनी, कहा- एक भी बचना नहीं चाहिए

इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक बाजपेई मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार नवनीत वाजपेई ने किया।

जीएसटी सुधार से जीवन और व्यापार आसान

अपने संबोधन में डॉ. अशोक बाजपेई ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में जीएसटी सुधार देश की कर प्रणाली में ऐतिहासिक परिवर्तन लाए हैं। उन्होंने इसे “नेक्स्ट जेनेरेशन जीएसटी सुधार” बताया।

उन्होंने कहा कि यह सुधार केवल कर व्यवस्था को सरल बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह प्रधानमंत्री के विजन “जीवन में आसानी और व्यापार में आसानी” को साकार करते हैं।

इसे भी पढें  बौराया मौसम : मॉनसून की वापसी के बीच बारिश, धूप और ठंड का अजब संगम

अब केवल दो जीएसटी दरें: 5% और 18%

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब देश में केवल दो जीएसटी दरें लागू होंगी – 5% और 18%।

रोजमर्रा की चीजें जैसे दूध, पनीर, शैंपू, साबुन, टूथपेस्ट अब केवल 5% या शून्य कर पर मिलेंगी।

शिक्षा सामग्री सरकार की प्राथमिकता में है, इसलिए कॉपी, पेंसिल, नोटबुक और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी सामग्री पूरी तरह कर मुक्त हो गई है।

किसानों के लिए बड़ा तोहफ़ा

बैठक में किसानों को मिलने वाले लाभों पर भी विशेष चर्चा हुई।

ट्रैक्टर, टायर, कीटनाशक और सिंचाई उपकरण पर जीएसटी दर घटाकर 5% कर दी गई है।

इससे खेती-किसानी की लागत कम होगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी।

डॉ. बाजपेई ने कहा कि किसानों के लिए ये कदम आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करेंगे। 

"एक सभा कक्ष में मंच पर बैठे और सामने दर्शक दीर्घा में उपस्थित लोग, कई सदस्य गले में भगवा व पीला दुपट्टा डाले हुए, पीछे बड़े बैनर लगे हैं।"
“समाज संगठन की वार्षिक बैठक में समाज के वरिष्ठ सदस्य एवं कई अन्य प्रतिभागी सामूहिक रूप से मंचस्थ हुए।”

स्वास्थ्य और दवाइयों पर राहत

जीएसटी सुधार का सबसे बड़ा लाभ आम जनता को स्वास्थ्य क्षेत्र में मिलेगा।

स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों पर जीएसटी पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

दवाइयों, ऑक्सीजन और टेस्ट किट पर जीएसटी में भारी कटौती की गई है।

इससे इलाज की लागत में कमी आएगी और मरीजों के परिवारों पर आर्थिक बोझ घटेगा।

इसे भी पढें  ग्रीन एंड क्लीन उन्नाव अभियान के तहत ‘चहकती बगिया–महकते फूल’ पहल की शानदार शुरुआत

वाहन और परिवहन पर राहत

पहले कार और बाइक पर 28% जीएसटी लागू था, लेकिन अब इसे घटाकर 18% कर दिया गया है।

यानी आम जनता को वाहनों की खरीद पर सीधे 10% की राहत मिलेगी।

इससे न केवल ऑटोमोबाइल सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा बल्कि मध्यम वर्गीय परिवारों को भी बड़ा लाभ होगा।

छोटे व्यवसाय और स्टार्टअप्स के लिए वरदान

डॉ. अशोक बाजपेई ने कहा कि जीएसटी सुधार छोटे व्यवसायियों और स्टार्टअप्स के लिए बेहद सहायक साबित होंगे।

अब टैक्स चोरी में भारी कमी आएगी।

कर पालन की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी होगी।

छोटे व्यापारी बिना किसी जटिल प्रक्रिया के अपना कारोबार सुचारु रूप से चला पाएंगे।

उन्होंने कहा कि ये सुधार विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम हैं।

कार्यक्रम में उठे मोदी सरकार के समर्थन के नारे

इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने “घटी जीएसटी, मिला उपहार – धन्यवाद मोदी सरकार” और “गरीब हित में मोदी सरकार” जैसे नारे लगाए।

कार्यक्रम में भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य दीनदयाल वर्मा, किसान नेता सत्यप्रकाश रिंकू सिंह, प्रधान संघ अध्यक्ष मेवाराम, दिलीप मिश्रा, प्रवीण द्विवेदी बबलू, सोनू सिंह, मुनेंद्र सिंह सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

इसे भी पढें  बुझ गए 24 दीपक : छिंदवाड़ा के उन चिरागों की बुझी हुई दीपावली

विकास कार्यों का हुआ उद्घाटन

बैठक के दौरान स्वर्गीय प्रकाश चंद बाजपेई सभागार के जीर्णोद्धार और इंटरलॉकिंग सहित कई विकास कार्यों का उद्घाटन भी किया गया।

इस मौके पर डॉ. अशोक बाजपेई ने आम जनता से मुलाकात की और गुलाब भेंट कर उनका स्वागत स्वीकार किया।

जीएसटी सुधार क्यों हैं ऐतिहासिक?

ट्रांज़िशन वर्ड्स का उपयोग करते हुए कहा जा सकता है कि –

सबसे पहले, यह सुधार कर प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाते हैं।

दूसरे, आम जनता को रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं पर सीधी राहत मिल रही है।

तीसरे, किसानों और व्यापारियों के लिए यह आर्थिक सहारा हैं।

अंततः, ये सुधार भारत को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।

स्पष्ट है कि जीएसटी सुधार केवल टैक्स दरों में बदलाव नहीं हैं, बल्कि यह आम जनता, किसानों, व्यापारियों और उद्योग जगत के लिए राहत और अवसरों का नया अध्याय हैं।

पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक बाजपेई का कहना है कि यह सुधार वास्तव में नेक्स्ट जेनेरेशन की जरूरतों के अनुरूप हैं। इनसे भारत का कर ढांचा मजबूत होगा और “विकसित भारत 2047” का सपना पूरा करने की दिशा में ठोस कदम उठेगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top