google.com, pub-2721071185451024, DIRECT, f08c47fec0942fa0
उत्तर प्रदेशदेवरिया

कर्म को प्रधान मानने वाले संत रविदास थे निश्च्छल हृदयी- डॉ.काशीनाथ मिश्र

मोहन द्विवेदी की रिपोर्ट

देवरिया जनपद के सलेमपुर तहसील अन्तर्गत कई स्थानों पर संत शिरोमणि भक्त रविदास जी की जयंती मनाई गई।


नगर के जी.एम.एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यालय के अध्यक्ष एवं बी.आर.डी.बी.डी.पी.जी. कालेज आश्रम बरहज के संस्कृत के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. काशीनाथ मिश्र ने भक्त रविदास जी के कृतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह सच्चे अर्थों में निश्च्छल हृदयी व्यक्ति थे जो अपने कर्मों में व्यस्त रहते हुए भगवत भक्ति में लीन रहते थे। पुस्तकों में उनके मन चंगा तो कठौती में गंगा की बात सर्वविदित है। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ संभावना मिश्रा ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला। विद्यालय के उपप्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी के अलावा दिलीप कुमार सिंह, राधेश्याम मणि, पी.एच.मिश्र, पुरंजय कुशवाहा, सत्येंद्र मौर्य, अमूल्य रत्न, वंशिका तिवारी आदि अनेकों अध्यापक अध्यापिकाओं ने रविदास जी की प्रतिमा पर अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

इसी क्रम में ब्लाक कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित संत रविदास जयंती समारोह कार्यक्रम में डा. धर्मेंद्र पांडेय कहा कि संत रविदास ने कर्म को प्रधान माना ,अगर व्यक्ति अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से करे, तो उसका जीवन सुखद होगा। उन्होंने कहा कि वह अपना सम्पूर्ण जीवन समाज की सेवा में समर्पित कर दिये ।
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष उपेंद्र प्रसाद ने कहा कि वह मानवता के पुजारी थे। मानव सेवा को सबसे बड़ा धर्म समझते थे । पंडित रामविलास तिवारी ने कहा कि वह वास्तव मे सच्चे संत थे। जिला सचिव संजय गुप्ता ने कहा कि रविदास जी कर्म के बल पर जीवन की रेखा बदलने की बात पर विश्वास करते थे ।
कार्यक्रम को अभिनीत उपाध्याय , धनश्याम मिश्र ,राजेंद्र तिवारी, अजय मिश्र , मुन्नानाथ तिवारी, चंद्रमोहन पांडेय ,रमाशंकर प्रसाद आदि ने सम्बोधित किया ।


इसी क्रम में ग्राम चांदपलिया में भी संत रविदास जी की जयंती को बड़े ही धूमधाम से मनाया गया।

News desk

हमारे साथ जुड़े रहने के लिए हमारा मोबाइल एप डाउनलोड करें - https://play.google.com/store/apps/details?id=com.newswp.samachardarpan24
Back to top button
Close
Close