सलेमपुर नगर। शिक्षा केवल परीक्षा परिणामों का आंकड़ा नहीं होती, बल्कि वह उस यात्रा का उत्सव होती है जिसमें परिश्रम, अनुशासन और सपनों का संगम होता है। इसी भावना के साथ सलेमपुर नगर स्थित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान जी एम एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 6वीं से 9वीं एवं 11वीं तक के विद्यार्थियों का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में एक भव्य और गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों को सराहा गया।
दीप प्रज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व प्रधानाचार्य दिनेश मिश्रा, जो दो बार राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं, ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। विद्यालय के चेयरमैन डॉ. श्री प्रकाश मिश्रा एवं डायरेक्टर डॉ. संभावना मिश्र की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।

विद्यालय के संगीत शिक्षक कृष्णा यादव द्वारा प्रस्तुत दीप मंत्र ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, जबकि कक्षा 8 की छात्राओं प्रतिष्ठा पाण्डेय, स्तुति एवं नित्य द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक ऊंचाई प्रदान की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की प्रतिभा केवल अंकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सांस्कृतिक मंच पर भी उनकी चमक देखने को मिली। वरिष्ठ अध्यापक आशुतोष तिवारी ने शहीद दिवस के अवसर पर भावपूर्ण कविता पाठ कर उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया। इसके पश्चात कक्षा 8 की छात्रा प्रतिष्ठा पाण्डेय एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत नृत्य ने सभी का मन मोह लिया।
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पुरस्कार वितरण समारोह रहा, जिसमें विभिन्न कक्षाओं के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कक्षा 6 से लेकर कक्षा 11 तक के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया।

कक्षा 6 (A) से अष्टामी मिश्रा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं कक्षा 7 (A) से हिमांशु सिंह ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कक्षा 8, 9 एवं 11 के विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी मेधा का परिचय दिया।
विशेष पुरस्कारों ने बढ़ाया उत्साह
विद्यालय प्रशासन ने केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक ही विद्यार्थियों को सीमित नहीं रखा, बल्कि सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए “बेस्ट अटेंडेंस”, “सर्वश्रेष्ठ प्रगतिशील छात्र” तथा “बेस्ट ड्राइंग एवं जी.के.” जैसे पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

इन पुरस्कारों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि सफलता केवल अंकों में नहीं, बल्कि निरंतरता, अनुशासन और रचनात्मकता में भी निहित होती है।
स्टूडेंट ऑफ द ईयर: हिमांशु सिंह
कार्यक्रम के दौरान कक्षा 7 (A) के छात्र हिमांशु सिंह को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन, अनुशासन और सर्वांगीण विकास के आधार पर “स्टूडेंट ऑफ द ईयर” घोषित किया गया। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे विद्यालय के लिए गर्व का विषय बनी।
बेस्ट पेरेंट्स अवॉर्ड: अभिभावकों को भी सम्मान
विद्यालय द्वारा इस वर्ष “बेस्ट पेरेंट्स अवॉर्ड” की भी घोषणा की गई, जो श्री कृपा नारायण मिश्रा एवं श्री ओमप्रकाश मिश्रा को प्रदान किया गया। यह सम्मान उन अभिभावकों को दिया जाता है, जिनके बच्चे शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं तथा जिनका विद्यालय के प्रति सहयोगात्मक दृष्टिकोण रहता है।
मुख्य अतिथि का प्रेरक संबोधन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि दिनेश मिश्रा ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को महत्वपूर्ण संदेश दिए। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखें, क्योंकि इसका अत्यधिक उपयोग उनके भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में विद्यालय और अभिभावकों की समान भूमिका होती है। यदि दोनों मिलकर कार्य करें, तो बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
उन्होंने बच्चों की संगति पर विशेष ध्यान देने की बात कही और अभिमन्यु का उदाहरण देते हुए बताया कि अधूरी शिक्षा किस प्रकार जीवन में कठिनाइयां पैदा कर सकती है। साथ ही उन्होंने माताओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बच्चों के संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण में मां का योगदान निर्णायक होता है।
शिक्षा का संदेश: अंक से आगे की यात्रा
यह कार्यक्रम केवल परिणाम घोषणा का मंच नहीं था, बल्कि यह उस सोच का उत्सव था जिसमें शिक्षा को जीवन के व्यापक दृष्टिकोण से जोड़ा जाता है। विद्यार्थियों की उपलब्धियों के साथ-साथ उनके नैतिक और सामाजिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
विद्यालय प्रबंधन ने यह स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
निष्कर्ष: उम्मीदों की नई उड़ान
जी एम एकेडमी सलेमपुर का यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि यदि शिक्षा को सही दिशा और प्रेरणा मिले, तो विद्यार्थी न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
यह समारोह विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, अभिभावकों के लिए गर्व और शिक्षकों के लिए संतोष का अवसर बना। आने वाले समय में भी यह विद्यालय इसी प्रकार नई ऊंचाइयों को छूता रहे—यही कामना है।
❓ जी एम एकेडमी सलेमपुर में कौन-कौन सी कक्षाओं का परिणाम घोषित हुआ?
कक्षा 6वीं से 9वीं एवं 11वीं तक के विद्यार्थियों का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।
❓ मुख्य अतिथि कौन थे?
पूर्व प्रधानाचार्य दिनेश मिश्रा, जो दो बार राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
❓ “स्टूडेंट ऑफ द ईयर” कौन बना?
कक्षा 7 (A) के छात्र हिमांशु सिंह को “स्टूडेंट ऑफ द ईयर” चुना गया।
❓ क्या अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया?
हाँ, “बेस्ट पेरेंट्स अवॉर्ड” श्री कृपा नारायण मिश्रा एवं श्री ओमप्रकाश मिश्रा को प्रदान किया गया।




