बाड़मेरराजस्थान

“सोनू से बहुत प्यार करता था, गुस्से में बॉर्डर पार गया, अब जो कहोगे, वो करूंगा” इस चिट्ठी का मतलब जानने के लिए पूरी खबर पढ़िए…

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आनंद शर्मा की रिपोर्ट

बाड़मेर ‌‌। गुस्से में बॉर्डर पार कर पाकिस्तान जाने वाले बाड़मेर के गेमराराम ने चिट्ठी लिखकर बताया है कि वह सकुशल है। उसकी सजा पूरी हो रही है। उसने लिखा है कि वह पाकिस्तान की जिस जेल में बंद है, वहां भारत के कई लोगों को रखा गया है। भारत-पाक बॉर्डर से सटा गांव कुम्हारों का टीबा, सज्जन का पार निवासी गेमराराम पिछले साल 4 नवम्बर की रात तारबंदी पार करके पाकिस्तान सीमा में चला गया था। पाक रेंजर्स ने उसे पकड़ लिया था। फिलहाल वह कराची की जेल में बंद है। यहां बाड़मेर में बिजराड़ थाने में गेमराराम की गुमशुदगी भी दर्ज है।

वॉट्सऐप के जरिए मिली चिट्ठी

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गेमराराम के भाई चतुर राम के मुताबिक 7-8 दिन पहले उन्हें चिट्ठी वॉट्सऐप के जरिए मिली है। इसमें गेमराराम ने लिखा है, ‘मैं सकुशल हूं। माफी मांगते कहा, ‘मैं उस रात गुस्से में था और बॉर्डर क्रॉस करके चला गया। रात को बॉर्डर से कुछ आगे सो गया। सुबह उठा और आगे गया तो एक खेत में एक व्यक्ति से मिला और उसने मुझे पाक रेंजर्स के पास छोड़ दिया। मुझे जेल भेज दिया गया। आप लोगों के बारे में सोच कर बहुत परेशान हूं। मेरी सजा पूरी हो रही है। मैं जल्द जेल से रिहा हो जाऊंगा।’

पाकिस्तान की कराची जेल में बंद है बाड़मेर का गेमराराम

गुस्से में बॉर्डर पार कर पाकिस्तान जाने वाले बाड़मेर के गेमराराम ने चिट्ठी लिखकर बताया है कि वह सकुशल है। उसकी सजा पूरी हो रही है। उसने लिखा है कि वह पाकिस्तान की जिस जेल में बंद है, वहां भारत के कई लोगों को रखा गया है। भारत-पाक बॉर्डर से सटा गांव कुम्हारों का टीबा, सज्जन का पार निवासी गेमराराम पिछले साल 4 नवम्बर की रात तारबंदी पार करके पाकिस्तान सीमा में चला गया था। पाक रेंजर्स ने उसे पकड़ लिया था। फिलहाल वह कराची की जेल में बंद है। यहां बाड़मेर में बिजराड़ थाने में गेमराराम की गुमशुदगी भी दर्ज है।

बाड़मेर एसपी आनंद शर्मा ने बताया कि गेमराराम की गुमशुदगी के बाद पाकिस्तान में होने की जानकारी सामने आ गई थी। अब परिजनों ने चिट्ठी मिलने की सूचना दी है। चिट्ठी से स्पष्ट हो रहा है कि उसकी सजा पूरी हो गई है। जल्द ही पाक रेंजर्स के साथ उनकी मीटिंग हो सकती है, जिसके बाद सुपुर्दगी निश्चित होगी।

पकड़े जाने के डर से भागा

गेमराराम का अपने ही गांव की एक युवती के साथ प्रेम प्रसंग था। 4 नवंबर की रात को वह प्रेमिका के घर पर था। इस दौरान युवती के घरवाले जाग गए और उसे देख लिया। वह डर के मारे वहां से भाग गया। उसे यह पता नहीं लगा कि वह किस तरफ भाग रहा है। वह तारबंदी क्रॉस करके पाकिस्तान की सीमा में चला गया था। गेमराराम के प्रेम प्रसंग को लेकर उसके परिजन इनकार करते रहे, लेकिन अब खुद उसने चिट्ठी में जिक्र करते हुए लिखा है कि वह सोनू से बहुत प्यार करता था।

बाड़मेर एसपी आनंद शर्मा ने बताया कि गेमराराम की गुमशुदगी के बाद पाकिस्तान में होने की जानकारी सामने आ गई थी। अब परिजनों ने चिट्ठी मिलने की सूचना दी है। चिट्ठी से स्पष्ट हो रहा है कि उसकी सजा पूरी हो गई है। जल्द ही पाक रेंजर्स के साथ उनकी मीटिंग हो सकती है, जिसके बाद सुपुर्दगी निश्चित होगी।

पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह ने किया ट्वीट

पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि पाकिस्तान मिठादर थाने में गेमराराम के खिलाफ मामला दर्ज है। 21 अगस्त को कराची दक्षिण के सेशन कोर्ट ने गेमराराम को 6 महीने की सजा दी है। इसके बाद गेमराराम को कराची के लांधी इलाके के जिला कारागार मलीर जेल में रखा गया है। गेमराराम की रिहाई को लेकर आगामी सोमवार को पाकिस्तान सरकार के संबंधित अधिकारी के साथ मानवेंद्र सिंह की बैठक है। मानवेंद्र सिंह ने ट्वीट किया है कि गेमराराम की रिहाई को लेकर लगातार प्रयास कर रहा हूं।

सांसद से लेकर मंत्री तक जुटे

पाकिस्तान जेल में बंद गेमराराम की रिहाई को लेकर परिवार वाले प्रशासन से लेकर मंत्री तक मिल चुके हैं। परिवार लगातार रिहाई की मांग कर रहा है। रिहाई को लेकर गेमराराम का परिवार केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी से भी मिला था। मंत्री भी रिहाई के लिए प्रयासरत है। वहीं, नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने विदेश मंत्री को पत्र लिखकर गेमराराम की वतन वापसी की मांग लगातार कर रहे हैं। उधर, गेमराराम करीब 11 महीनों से पाकिस्तान में है। उसके माता-पिता चिंतित हैं। यह चिट्‌ठी आने के बाद परिवार की चिंता थोड़ी कम हुई है। अब उम्मीद जगी है कि गेमराराम घर जल्दी आ जाएगा।

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"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

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