
कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट,
उत्तर प्रदेश के उन्नाव तहसीलदार रिश्वत मामला ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है।
सदर तहसील उन्नाव में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए
दाखिल खारिज घोटाला उजागर किया। आरोप है कि मात्र पांच हजार रुपये में दाखिल खारिज कराया जा रहा था।
बार एसोसिएशन उन्नाव के अध्यक्ष गिरीश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए
भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद की।
सदर तहसील उन्नाव में रिश्वत का खेल, अधिवक्ताओं का धरना
उन्नाव तहसीलदार रिश्वत मामला तब उभरकर सामने आया जब वकीलों ने बताया कि तहसील में
हर सरकारी कार्य, दाखिल खारिज, नामांतरण और प्रमाण पत्र तक के लिए पैसे मांगे जा रहे हैं।
बार एसोसिएशन उन्नाव ने जिलाधिकारी को 50 पन्नों की लिखित शिकायत सौंपी जिसमें कई प्रमाण भी दिए गए हैं।
अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक रिश्वत लेने वाले तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
जांच कमेटी बनी लेकिन कार्रवाई नहीं
डीएम के आदेश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी।
कमेटी ने अपनी रिपोर्ट जमा कर दी है, मगर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
इसी बात को लेकर सदर तहसील उन्नाव में अधिवक्ताओं का गुस्सा भड़क गया।
उन्होंने कहा कि अगर दो दिन में कार्रवाई नहीं होती, तो सभी वकील
न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। यह चेतावनी पूरे जिले में प्रशासन के लिए चिंता का कारण बन गई है।
उन्नाव तहसीलदार रिश्वत मामला की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई हो।
बार एसोसिएशन ने दिया दो दिन का अल्टीमेटम
बार अध्यक्ष गिरीश कुमार मिश्रा ने कहा कि उन्नाव तहसीलदार रिश्वत मामला में कोई कार्रवाई नहीं होने से
अधिवक्ताओं में असंतोष है। दो दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है।
अगर जांच रिपोर्ट पर कदम नहीं उठाया गया, तो बार एसोसिएशन उन्नाव जिले की सभी अदालतों का बहिष्कार करेगा।
क्या कहते हैं जिलाधिकारी?
जिलाधिकारी ने कहा कि एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में गठित कमेटी जांच कर चुकी है।
रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि अधिवक्ताओं का कहना है कि सदर तहसील उन्नाव में रिश्वत का सिलसिला जारी है और
रिपोर्ट आने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही है।
जनता और वादकर्ताओं में रोष
इस पूरे दाखिल खारिज घोटाले ने आम जनता को हिलाकर रख दिया है।
वादकर्ता और किसानों को अपने नामांतरण के लिए बार-बार तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
लोगों का कहना है कि रिश्वत देने के बिना कोई भी फाइल आगे नहीं बढ़ती।
इससे उन्नाव तहसीलदार रिश्वत मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है।
भ्रष्टाचार पर बार का बड़ा कदम
बार एसोसिएशन उन्नाव ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो
वकील लंबी हड़ताल पर चले जाएंगे। साथ ही इस मुद्दे को प्रदेश बार काउंसिल तक पहुंचाने का भी निर्णय लिया गया है।
इस आंदोलन ने सदर तहसील उन्नाव को प्रदेश की सुर्खियों में ला दिया है।
भविष्य की कार्रवाई और उम्मीदें
अब पूरा जिला प्रशासनिक निर्णय का इंतजार कर रहा है।
यदि दोषियों पर कार्रवाई होती है तो यह प्रदेश के लिए एक मिसाल होगी।
अन्यथा उन्नाव तहसीलदार रिश्वत मामला भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक बड़ा आंदोलन बन सकता है।
प्रश्नोत्तर (क्लिक करें और जवाब देखें)
प्रश्न 1: यह रिश्वत मामला किस तहसील से जुड़ा है?
यह मामला सदर तहसील उन्नाव से जुड़ा है जहाँ तहसीलदार पर रिश्वत लेकर दाखिल खारिज करने के आरोप लगे हैं।
प्रश्न 2: अधिवक्ताओं ने क्या कदम उठाया?
बार एसोसिएशन उन्नाव ने तहसील में धरना-प्रदर्शन किया और दो दिनों में कार्रवाई न होने पर हड़ताल की चेतावनी दी।
प्रश्न 3: क्या जांच कमेटी गठित हुई थी?
हाँ, एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई और रिपोर्ट जमा की गई है, पर कार्रवाई नहीं हुई।
प्रश्न 4: जनता की क्या प्रतिक्रिया है?
जनता में गुस्सा है। लोग कह रहे हैं कि बिना पैसे दिए कोई फाइल पास नहीं होती।
इससे उन्नाव तहसीलदार रिश्वत मामला ने भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल खड़ा किया है।
स्रोत: स्थानीय संवाददाता रिपोर्ट और बार एसोसिएशन उन्नाव के बयान।









