भरतपुर में खूनी संघर्ष : रास्ते के पत्थर हटाने को लेकर बझेरा गांव में भड़का विवाद
महिला की मौत और कई घायल

हिमांशु मोदी की रिपोर्ट

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भरतपुर खूनी संघर्ष: राजस्थान के भरतपुर जिले के डीग उपखंड के कामां थाना क्षेत्र के बझेरा गांव में रविवार शाम एक मामूली विवाद ने खूनखराबे का रूप ले लिया। भरतपुर खूनी संघर्ष में 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई जबकि आधा दर्जन लोग घायल हो गए। पुलिस ने डीग कामां बझेरा हत्या मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना रविवार शाम करीब सात बजे की बताई जा रही है जब गांव में रास्ते पर रखे पत्थर हटाने को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हुआ। मामला इतना बढ़ गया कि देखते ही देखते दोनों ओर से लाठी-डंडे, फरसे और यहां तक कि बंदूकें तक निकल आईं। भरतपुर खूनी संघर्ष की खबर फैलते ही गांव में दहशत फैल गई और पुलिस बल मौके पर पहुंचा।

पत्थर हटाने की बात पर शुरू हुआ विवाद

मृतका के बेटे रामप्रकाश ने पुलिस में दर्ज एफआईआर में बताया कि उनका परिवार उत्तर प्रदेश के महरौली से लौटकर अपने गांव बझेरा पहुंचा था। जैसे ही गाड़ी प्रताप के घर के सामने पहुंची तो रास्ते में पत्थर रखे दिखे। परिवार ने प्रताप से पत्थर हटाने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और बात भरतपुर खूनी संघर्ष में बदल गई।

रामप्रकाश के अनुसार, थोड़ी ही देर में प्रताप, गोपाल और उनके करीब 19 परिजन हथियार लेकर आ धमके। उन्होंने लाठी, डंडे, फरसे और बंदूक से हमला कर दिया। इस दौरान गोपाल ने हरी सिंह के सिर पर फरसा मारा जबकि शिवम ने उनकी मां श्यामवती पर वार किया। श्यामवती गंभीर रूप से घायल हो गईं और लहूलुहान होकर गिर पड़ीं।

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इलाज के दौरान जयपुर में महिला की मौत

घटना के बाद सभी घायलों को कामां अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से गंभीर हालत में श्यामवती को आरबीएम अस्पताल भरतपुर और फिर एसएमएस अस्पताल जयपुर रेफर किया गया। लेकिन इलाज के दौरान सोमवार सुबह श्यामवती की मौत हो गई। इस तरह यह भरतपुर खूनी संघर्ष अब हत्या के मामले में बदल गया है।

पुलिस ने 19 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया

कामां थाना पुलिस ने मृतका के बेटे की तहरीर पर एक पक्ष के 19 लोगों के खिलाफ हत्या, मारपीट और शस्त्र अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया है। डीग कामां बझेरा हत्या मामला में पुलिस ने गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भरतपुर खूनी संघर्ष से पूरा इलाका तनावग्रस्त है। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए गांव में पुलिस चौकसी बढ़ा दी गई है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि दोनों परिवारों के बीच पहले से विवाद चला आ रहा था।

भरतपुर खूनी संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया

इस भरतपुर खूनी संघर्ष ने आसपास के इलाकों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। गांव के लोग अब तक इस घटना से सदमे में हैं। मृतका श्यामवती के घर मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि डीग कामां बझेरा हत्या मामला को लेकर जांच तेज कर दी गई है और किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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इस पूरे मामले ने यह दिखा दिया कि गांवों में छोटी-छोटी बातों पर विवाद कैसे बड़े खूनी संघर्ष में बदल जाते हैं। प्रशासनिक स्तर पर यह एक बड़ा सबक है कि सामुदायिक विवादों को समय रहते सुलझाना कितना जरूरी है।

स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई

भरतपुर के एसपी ने बताया कि डीग कामां बझेरा हत्या मामला में पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और फोरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल लगातार गश्त कर रहा है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

भरतपुर खूनी संघर्ष: इलाके में तैनात अतिरिक्त पुलिस बल

घटना के बाद डीग उपखंड अधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर शांति बनाए रखने की अपील की। भरतपुर खूनी संघर्ष को देखते हुए आसपास के गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और पूछताछ जारी है।

जनता में गुस्सा और आक्रोश

मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने भरतपुर खूनी संघर्ष में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रशासन अगर पहले से सतर्क होता तो यह घटना टाली जा सकती थी। इस डीग कामां बझेरा हत्या मामला ने पूरे जिले में चर्चा का विषय बना दिया है।

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सोशल मीडिया पर छाया मामला

भरतपुर खूनी संघर्ष का यह वीडियो और खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग इस घटना पर आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों ने भी मृतका के परिवार को सहायता देने की अपील की है।

गांव में अब भी पुलिस की मौजूदगी बनी हुई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस ने कहा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।

भरतपुर खूनी संघर्ष से जुड़े सवाल-जवाब

1. भरतपुर खूनी संघर्ष कहां हुआ?

यह घटना डीग जिले के कामां थाना क्षेत्र के बझेरा गांव में हुई।

2. इस खूनी संघर्ष में किसकी मौत हुई?

इस घटना में 55 वर्षीय श्यामवती देवी की मौत हुई है, जो रामप्रकाश की मां थीं।

3. पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया है?

पुलिस ने हत्या, मारपीट और शस्त्र अधिनियम की धाराओं में 19 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

4. भरतपुर खूनी संघर्ष का कारण क्या था?

रास्ते पर रखे पत्थर हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद जानलेवा झगड़े में बदल गया।

5. क्या आरोपियों की गिरफ्तारी हुई?

फिलहाल पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और बाकी की तलाश जारी है।

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