हिमांशु मोदी की रिपोर्ट

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कामां (भरतपुर)। ऐतिहासिक नगरी कामां में आयोजित रामलीला महोत्सव के तीसरे दिन का दृश्य हर किसी के दिल में भक्ति और रोमांच की लहरें दौड़ा गया। कामवन रामलीला समिति के तत्वावधान में हो रहे इस सांस्कृतिक आयोजन में जब मंच पर ताड़का का रूप धरे अशोक सोनी ने अपने मुंह से वास्तविक अग्नि उगलना शुरू किया, तो पूरा पंडाल तालियों की गूंज से भर उठा। लोगों ने इसे अब तक की सबसे जीवंत और आकर्षक रामलीला प्रस्तुति बताया।

🔥 ताड़का वध दृश्य में दिखा अभिनय का असली जादू

रामलीला महोत्सव के तीसरे दिन ताड़का वध का मंचन सबसे बड़ा आकर्षण रहा। अशोक सोनी द्वारा निभाया गया ताड़का का किरदार न केवल मंच पर जादू बिखेर गया बल्कि उनके मुंह से निकली वास्तविक आग ने दर्शकों को स्तब्ध कर दिया। इस दृश्य ने दर्शकों को ऐसा अनुभव कराया मानो वे स्वयं रामायण काल में उपस्थित हों। सोशल मीडिया पर भी इस ताड़का वध के दृश्य के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिससे कामां रामलीला को देशभर में पहचान मिल रही है।

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🎭 राम जन्म से लेकर अहिल्या उद्धार तक – हर दृश्य ने बांधा दर्शकों को

तीसरे दिन राम जन्म, राम की बाल लीलाएं, चारों भाइयों का विद्या अध्ययन के लिए गुरुकुल जाना, विश्वामित्र ऋषि द्वारा दशरथ से राम-लक्ष्मण को मांगना, मारीच-सुबाहु युद्ध, अहिल्या उद्धार और जनकपुर प्रवेश जैसे पवित्र प्रसंगों का मंचन हुआ। सभी पात्रों ने इतने जीवंत अभिनय से प्रस्तुत किया कि दर्शक भावविभोर हो उठे।

राम के रूप में भुवनेश्वर शर्मा, लक्ष्मण के रूप में इशांत, भरत के रूप में वंश और शत्रुघ्न के रूप में अभय शर्मा ने अपनी संवाद अदायगी और मंच अनुशासन से सबका दिल जीत लिया। दशरथ बने हरीश, वशिष्ठ बने मुकेश और अग्निदेव के रूप में शेखर शर्मा ने प्रभावशाली अभिनय किया।

👑 माताओं के सजीव अभिनय ने भावनाओं में डुबोया

कौशल्या के रूप में नरेंद्र, सुमित्रा के रूप में हर्षवर्धन और केकई के रूप में श्याम गौतम ने मातृत्व के भावों को सजीव किया। राम जन्म के समय पालने में झूलते चारों भाइयों का दृश्य देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गईं।

🎓 हास्य और संवादों से गूंज उठा मंच

जब चारों राजकुमार विद्या अध्ययन के लिए गए, तब शिष्यों की हास्यपूर्ण संवाद अदायगी ने माहौल को हल्का और मनोरंजक बना दिया। गिरधर शर्मा, ओंकार और तेजा सैनी जैसे युवा कलाकारों ने मंच पर हंसी का फव्वारा छोड़ दिया।

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⚔️ युद्ध दृश्य और मंच सज्जा रही आकर्षण का केंद्र

विश्वामित्र के रूप में पवन पाराशर, मारीच बने विशाल सोनी और सुबाहु के रूप में मोहन का अभिनय दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया। गंगाजी के पंडा के रूप में अरुण पाराशर, भुवनेश कटारा, पवन सोनी, बेदरिया सैनी और अन्नू शर्मा ने हास्य और जीवन का सुंदर संतुलन दिखाया।

शंकर लाल शर्मा द्वारा तैयार किया गया गंगाजी का दृश्य मंच सज्जा के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट उदाहरण बना। पूरा मंच एक जीवंत घाट में बदल गया था, जहां दीपों की झिलमिलाहट और मंत्रोच्चार की ध्वनि से वातावरण पवित्र हो उठा।

🪔 धार्मिक वातावरण में आरंभ हुई रामलीला

रामलीला का शुभारंभ सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष एवं बालाजी मंदिर के महंत श्रीनाथ शर्मा ने आरती उतारकर किया। ढोल, नगाड़ों और शंखध्वनि के बीच जब महोत्सव का प्रारंभ हुआ, तो पूरा कामां नगर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।

🌟 दर्शकों की भावनाओं से जुड़ा आयोजन

कामां की यह रामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यहां की सामाजिक आत्मा का प्रतीक बन चुकी है। हर वर्ष हजारों लोग रामलीला महोत्सव में भाग लेने आते हैं। इस वर्ष ताड़का के रूप में अशोक सोनी द्वारा किया गया अभिनव प्रदर्शन इस आयोजन की पहचान बन गया है।

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समिति अध्यक्षों ने बताया कि आने वाले दिनों में राम सीता विवाह, भरत मिलाप और लंका दहन जैसे विशेष प्रसंगों का मंचन किया जाएगा, जिसमें तकनीकी इफेक्ट्स और लाइटिंग का भी खास उपयोग किया जाएगा।

❓ क्लिक करें और जानें — रामलीला महोत्सव से जुड़े सवाल-जवाब

कामां की रामलीला महोत्सव कब और कहां आयोजित होता है?

यह रामलीला महोत्सव हर वर्ष शारदीय नवरात्र के दौरान कामां (भरतपुर) स्थित कामवन रामलीला समिति द्वारा आयोजित किया जाता है।

इस बार की रामलीला का सबसे चर्चित दृश्य कौन सा रहा?

इस बार ताड़का वध का दृश्य, जिसमें कलाकार अशोक सोनी ने मुंह से वास्तविक आग उगलकर अभिनय किया, सबसे अधिक चर्चित रहा।

रामलीला में किन प्रमुख पात्रों ने अभिनय किया?

राम के रूप में भुवनेश्वर शर्मा, लक्ष्मण के रूप में इशांत, भरत के रूप में वंश और शत्रुघ्न के रूप में अभय शर्मा ने शानदार अभिनय किया।

रामलीला के शुभारंभ का आयोजन किसने किया?

रामलीला का शुभारंभ सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष एवं बालाजी मंदिर के महंत श्रीनाथ शर्मा ने आरती उतारकर किया।

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