
हिमांशु मोदी की रिपोर्ट
डीग (राजस्थान), 31 अक्टूबर। जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने शुक्रवार को
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दिदावली का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक और मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) सहित
सभी व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। दिदावली विद्यालय का यह निरीक्षण
स्थानीय शिक्षा सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
विद्यार्थियों से संवाद और बोर्ड परीक्षा की तैयारी की जानकारी
निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर
विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने विशेष रूप से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के बारे में जानकारी ली
और विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन और समय प्रबंधन के सुझाव दिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से पूछा कि विद्यालय में पढ़ाई का माहौल कैसा है और शिक्षकों से
कैसा सहयोग मिल रहा है। विद्यार्थियों ने बताया कि वे निरंतर मेहनत कर रहे हैं और
शिक्षक नियमित रूप से मार्गदर्शन दे रहे हैं।
‘कृष्ण भोग’ पहल की जिला कलेक्टर ने की सराहना
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर उत्सव कौशल ने विद्यालय में चल रहे मिड-डे मील कार्यक्रम की भी जांच की।
उन्हें जानकारी दी गई कि विद्यालय स्टाफ ने अपने स्तर पर अंशदान कर बच्चों के लिए
विशेष ‘कृष्ण भोग’ या ‘अन्नकूट’ तैयार करवाया है।
इस पहल को सुनकर कलेक्टर ने विद्यालय स्टाफ की सामूहिक भावना और विद्यार्थियों के प्रति
समर्पण की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों में संस्कार,
साझेदारी और सामूहिकता की भावना को बढ़ावा देते हैं।
यह दिदावली विद्यालय की एक प्रेरक पहल है, जिसे अन्य सरकारी स्कूल भी अपनाएं।
प्रशासनिक व्यवस्थाओं का निरीक्षण और दिशा-निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने उपस्थिति रजिस्टर की जांच की,
जिसमें सभी कर्मचारी उपस्थित पाए गए। जिन कर्मियों का आकस्मिक अवकाश स्वीकृत था,
उसकी प्रविष्टि भी सही पाई गई। उन्होंने विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था की
प्रशंसा करते हुए कहा कि टीम भावना से काम करना ही सफलता की कुंजी है।
इसके बाद कलेक्टर ने विद्यालय के भोजनालय का निरीक्षण किया और स्थान को छोटा पाया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय में नवीन किचन निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर
शीघ्र भिजवाया जाए, ताकि विद्यार्थियों को स्वच्छ और सुरक्षित माहौल में भोजन मिल सके।
इसके अलावा, उन्होंने विद्यालय के खेल मैदान का भी निरीक्षण किया।
जहाँ घनी झाड़ियाँ और घास उगी हुई थीं।
इस पर उन्होंने तुरंत खेल मैदान की सफाई करवाने और ग्राम पंचायत से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
विद्यालय विकास और शिक्षा सुधार की दिशा में सराहनीय कदम
जिला कलेक्टर उत्सव कौशल द्वारा किया गया यह औचक निरीक्षण
विद्यालय की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और सुधार लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
यह कदम राजस्थान शिक्षा विभाग की उस नीति को मजबूत करता है जिसमें
हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुविधाएं प्रदान करना लक्ष्य है।
दिदावली विद्यालय का स्टाफ इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है,
और कृष्ण भोग जैसी पहलें इस स्कूल को अन्य सरकारी विद्यालयों के लिए मिसाल बनाती हैं।
कलेक्टर ने विद्यालय प्रशासन को आश्वासन दिया कि आवश्यक संसाधन और सहयोग
प्रदान किया जाएगा ताकि विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और
बुनियादी सुविधाओं में और सुधार हो सके।
उन्होंने कहा कि विद्यालय निरीक्षण का उद्देश्य
केवल जांच नहीं बल्कि सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाना है।
निष्कर्ष
डीग के दिदावली विद्यालय में जिला कलेक्टर उत्सव कौशल का निरीक्षण
न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता की मिसाल है बल्कि
विद्यालय में स्टाफ द्वारा की गई ‘कृष्ण भोग’ पहल ने भी समाज के सामने
सकारात्मक संदेश दिया है।
ऐसी प्रेरक पहलें विद्यार्थियों के समग्र विकास और सरकारी स्कूलों की
छवि को नई ऊँचाई देती हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने किस विद्यालय का निरीक्षण किया?
जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने डीग के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दिदावली का औचक निरीक्षण किया।
2. ‘कृष्ण भोग’ पहल क्या है?
विद्यालय स्टाफ द्वारा अपने अंशदान से विद्यार्थियों के लिए विशेष अन्नकूट या ‘कृष्ण भोग’ तैयार करवाया गया, जिसे जिला कलेक्टर ने सराहा।
3. निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने क्या निर्देश दिए?
कलेक्टर ने नवीन किचन निर्माण, खेल मैदान की सफाई और शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए।
4. क्या निरीक्षण के दौरान सभी स्टाफ उपस्थित थे?
हाँ, सभी कार्मिक उपस्थित पाए गए तथा जिनका अवकाश स्वीकृत था, उनकी प्रविष्टि सही पाई गई।
5. इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या था?
विद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक और भोजन संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर उनमें सुधार लाना।










