google.com, pub-2721071185451024, DIRECT, f08c47fec0942fa0
अयोध्याउत्तर प्रदेश

निर्वाणी अखाड़ा के महंत धर्म दास ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग की

राकेश पाण्डेय की रिपोर्ट

अयोध्या: राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए खरीदी गई जमीन मामले में विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हर दिन जमीन में हुए घोटाले को लेकर राजनीतक पार्टीयों समेत कई साधू सन्तों ने इस प्रकण में गंभीर सवाल उठाए हैं।

इसी क्रम में मंदिर के पूर्व पक्षकार व निर्वाणी अखाड़ा के महंत धर्म दास ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ट्रस्ट भगवान की संपत्ति का बंदरबांट कर रहा है। जिसके लिए जल्द ही पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच हो इस मामले में जो भी दोषी हो उन पर कार्रवाई हो। जमीन की खरीदारी में जो लोग गवाह बने हुए हैं उनके संपत्ति की भी जांच करवाई हो जिससे सच्चाई का पता चल सके।

बता दें कि आम आदमी पार्टी से राज्य सभा सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर के विस्तार के लिए खरीदी गई जमीन में घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा,करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा मामला है इसमें हर रामभक्त ने अपनी इच्छा अनुसार चंदा दिया। परंतु इस मामले में चंदे के पैसे का गबन किया गया है। उन्होंने इसके प्रमाण भी दिए हैं।

उन्होंने कहा, अयोध्या में गाटा संख्या 243,244,246 की जमीन की मालियत पांच करोड़ अस्सी लाख रुपये है, उसको दो करोड़ रुपए में कुसुम पाठक और हरीश पाठक से सुल्‍तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने खरीदा। इस जमीन खरीद में दो गवाह बने, एक अनिल मिश्र और दूसरे ऋषिकेश उपाध्याय जो अयोध्या के मेयर हैं। पांच मिनट बाद ये जमीन राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने 18.50 करोड़ में खरीद ली।

17 करोड़ रुपए आरटीजीएस कर दिया गया। लगभग साढ़े पांच लाख रुपए प्रति सेकेंड की दर से जमीन का दाम बढ़ गया। यह प्रभु श्रीराम के नाप पर लूट की गई है। 

Tags

Newsroom

"ज़िद है दुनिया जीतने की"
Back to top button
Close
Close