दलित बुजुर्ग को पेशाब चटवाया : राजनीति में ताप बढाने वाला यह मामला हम सब के लिए चिंतनीय है

अस्पताल के वार्ड में बैठे बुजुर्ग व्यक्ति और पीछे अन्य मरीज

ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र में दलित बुजुर्ग के अपमानजनक व्यवहार का मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस घटना पर आम आदमी पार्टी और भीम आर्मी ने योगी सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।

आम आदमी पार्टी ने सरकार पर साधा निशाना

आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि “जाति पूछी, धर्म नहीं… बीजेपी राज में दलित होना अपराध बन गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि पासी समाज के बुजुर्ग के साथ जानवरों जैसा बर्ताव किया गया। इस पोस्ट पर दर्जनों लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएँ दीं और इसे जमकर साझा किया।

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद का बयान

भीम आर्मी के प्रमुख एवं नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह दलित विरोधी मानसिकता का घिनौना प्रदर्शन है। उन्होंने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की ताकि समाज में ऐसा संदेश जाए कि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

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पूर्व सांसद कौशल किशोर ने बताई दुर्भाग्यपूर्ण घटना

मोहनलालगंज के पूर्व सांसद कौशल किशोर और विधायक अमरेश रावत ने बुधवार को पीड़ित बुजुर्ग रामपाल से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि “यह घटना बेहद अपमानजनक है और समाज के लिए चिंताजनक संकेत है।” उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस बीच सपा नेता फरम्युल हसन चांद ने कहा कि शासनकाल में दलितों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं जो बेहद चिंता का विषय हैं।

क्या है पूरा मामला

सूत्रों के अनुसार, सोमवार शाम बुजुर्ग रामपाल की तबीयत अचानक खराब हो गई और वे शीतला माता मंदिर के बाहर सीढ़ियों पर बैठ गए। इसी दौरान उनसे अनजाने में पेशाब छूट गया। पास की दुकान पर बैठे व्यक्ति स्वामीकांत उर्फ पम्मू ने यह देखा और भड़क उठा। उसने बुजुर्ग पर मंदिर अपवित्र करने का आरोप लगाया, फिर जबरन पेशाब चटवाया और मंदिर धुलवाया। डर के मारे बुजुर्ग ने रातभर किसी से कुछ नहीं कहा, लेकिन अगली सुबह परिवार को बताया तो मामला पुलिस तक पहुंचा।

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पीड़ित की दर्दभरी कहानी

रामपाल ने बताया कि वे सांस की बीमारी से पीड़ित हैं और उनकी हालत बिगड़ने के कारण उनसे यह घटना हो गई। उन्होंने बताया कि उन्होंने हाथ जोड़कर माफी मांगी, पर आरोपी नहीं माना और उन्हें मजबूर किया कि वे मंदिर स्वयं धुलें। उन्होंने कहा, “डर के मारे मैंने वही किया जो उसने कहा।”

पुलिस की सख्त कार्रवाई

लखनऊ पुलिस ने आरोपी स्वामीकांत उर्फ पम्मू को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट और धारा 295 (धार्मिक स्थल का अपमान) सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की जानकारी ली है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सामाजिक सद्भाव के लिए पहल

प्रशासन ने कहा है कि गांव में सामाजिक एकता और शांति बनाए रखने के लिए बैठक आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य ऐसी घटनाओं को भविष्य में रोकना और समाज में सौहार्दपूर्ण माहौल कायम रखना है।

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मुख्य कीवर्ड्स:

काकोरी दलित बुजुर्ग प्रकरण, लखनऊ खबरें, यूपी पुलिस, एससीएसटी एक्ट, योगी सरकार, भीम आर्मी, संजय सिंह, चंद्रशेखर आजाद

देखिए ट्विटर वीडियो

सवाल-उत्तर (FAQ)

प्रश्न 1: आरोपी स्वामीकांत उर्फ पम्मू के खिलाफ कार्रवाई क्या हुई?

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।

प्रश्न 2: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या निर्देश दिए?

घटना की जानकारी लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रश्न 3: पीड़ित बुजुर्ग की वर्तमान स्थिति कैसी है?

रामपाल की तबीयत ठीक है और उनका इलाज चल रहा है।

प्रश्न 4: सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

गांव में बैठक बुलाकर माहौल शांतिपूर्ण बनाने की योजना है।

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