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अपराध

स्थानिय पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में ,बचा रही अपराधियों को

आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

लखनऊ :मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिला के कोतवाली क्षेत्र का पूरा मामला है जो मर्ग संख्या 0342 पर आधारित है जंहा पर एक बिवाहिता को ससुरालीजनो ने इतना मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया कि वह इन पाशुविक यातनाओं को बर्दाश्त नहीं कर पाई और अपनी जीवन लीला को ही समाप्त कर डाला।

 

म्रतका के भाई प्रवीण द्विवेदी निवासी बदौसा रोड अतर्रा ने बताया कि उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज से अपनी बहन की शादी मध्यप्रदेश के जिला के टीकमगढ़ कोतवाली क्षेत्र कस्बा कोतवाली जेल के सामने के ही निवासी अनुज शुक्ला पुत्र रामस्वरूप शुक्ला के संग की थी सामर्थ के अनुसार दान दहेज भी दिया था।

 

श्री द्विवेदी ने बताया कि उनकी बहन को उनका पति मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था जिससे क्षुब्ध होकर मेरी बहन ने 100नंबर पर पुलिस को 14फरवरी 2021को सूचना देकर मदद मांगी जिसमें पुलिस मौके पर आई समझा-बुझाकर वापस चली गई। इसके बाद इन लोगो का पाशुविक व्यवहार और अधिक बढ़ गया।

 

हमारी बहन ने हमारी मां को बताया था कि इस क्रूर व्यवहार के पीछे उसके पति अनुज शुक्ला एवं जेठानी शशि शुक्ला के मध्य अवैध संबंधों का होना था जिसका वह बिरोध करती और यह सब जिसमें इनके पिता, मां, भाभी व यह स्वयं (पति)एक होकर मुझे प्रताड़ित करते थे।

 

म्रतका के भाई ने बताया कि इस तरह से मेरी बहन के ससुरालीजनो ने इतना उत्पीड़न किया कि मेरी बहन ने 7/4/2021को फांसी पर लटक कर अपनी जान दे दी आत्म हत्या करने की सूचना हमें जैसे मिली हम मौके पर पहुंचे और देखा तो हमें बहिन के शरीर में चोट व जख्मों के निशान नजर आए जिस पर हमें संदेह हुआ कि यह आत्महत्या नहीं है बल्कि सुनियोजित तरीके से की गई हत्या है।

जिसे यह आत्महत्या का रूप दे रहे हैं। तब मैंने स्थानीय कोतवाली में तहरीर देते हुए रिपोर्ट दर्ज कर अपराधियों को दंडित करने की मांग की जिस पर कोतवाली पुलिस का रवैया म्रतका को न्याय दिलाने में कम आरोपियों को बचाने व उन्हें संरक्षण देने में ज्यादा रहा जिसमें पुलिस ने काफी जद्दोजहद के बाद समय बीत जाने के बाद मर्ग संख्या 0342 एवम धारा 306के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।

 

किन्तु आरोपियों को जानबूझकर गिरफ्तार नहीं कर रही जिससे उन्हें जमानत का लाभ मिल सके जबकि पुलिस चाहती तो इनके मोबाइल नंबर सर्विलांस में डालकर लोकेशन के आधार पर इन्हें खोज सकती थी लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। और आरोपियों ने जिला स्तरीय अदालतों में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की जंहा से खारिज होने के बाद वहां से आरोपी हाईकोर्ट पहुंच चुके हैं और वहां से भी दो बार अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी है ।

 

वही दूसरी ओर म्रत आत्मा न्याय के लिए भटक रही है।इसी प्रकरण में जब टीकमगढ़ कोतवाली प्रभारी से फोन पर वार्ता कर जानकारी चाही तो उनका कहना है कि आरोपियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस सेल पर डाले जा चुके हैं जल्द गिरफ्तार कर लिए जाएंगे जबकि म्रतका के मायके पक्ष का आरोप है कि आरोपी बराबर आनलाइन है फिर वह किस सर्विलांस सेल पर लगे हैं जिन्हें पुलिस ट्रेस नहीं कर पा रही हैं।

 

म्रतका के भाई प्रावीण द्विवेदी ने जिला अधिकारी टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ सहित मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पुलिस महानिदेशक भोपाल से मांग की है कि अगर तीन दिन के अंदर उसकी बहन के आत्महत्या करने को मजबूर करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती तो वह भूख-हड़ताल करेंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी टीकमगढ़ मध्य प्रदेश के शासन प्रशासन की होगी।

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