‘लुटेरी दुल्हन’ काजल — दूसरों की आंखों से चुरा लेती थी काजल






मथुरा की ‘लुटेरी दुल्हन’ काजल गिरफ्तार — शादी के जाल से लाखों की ठगी








चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट

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मथुरा की ‘लुटेरी दुल्हन’ काजल गुरुग्राम से गिरफ्तार — शादी के जाल से लाखों की ठगी का खुलासा

मथुरा/गुरुग्राम — 18 अक्टूबर 2025


काजल गिरफ्तारी: शादी के जाल की तस्वीरात्मक प्रतिनिधि

संक्षेप: उत्तर प्रदेश के मथुरा की निवासी काजल और उसके परिवार पर आरोप है कि वे कुंवारे लड़कों को शादी का झांसा देकर लाखों रुपये व गहने ठग लेते थे। महीनों से फरार चल रही काजल को हरियाणा के गुरुग्राम के सेक्टर-37 के किराए के मकान से गिरफ्तार किया गया। राजस्थान के सीकर जिले के एक परिवार की शिकायत से इस गैंग का पर्दाफाश हुआ था।

घटना का तरीका — कैसे बनता था शादी का जाल

पुलिस के मुताबिक गैंग का पूरा नेटवर्क शातिर ढंग से काम करता था। काजल के पिता भगत सिंह ऐसे लड़कों की पहचान करते जो शादी के इच्छुक हों। वे पहले दोस्ती करते, फिर अपनी बेटियों का रिश्ता करने का प्रस्ताव देते। रिश्ता तय होने के बाद शादी की तैयारियों के नाम पर लड़के वालों से बड़ी रकम वसूल ली जाती — कभी मेहंदी-शगुन, कभी साजन के स्वागत के बहाने।

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विवाह के बाद भरोसा जीतने की चाल

शादी के बाद काजल और उसकी बहन दो-तीन दिन तक ससुराल में रहकर परिवार का भरोसा जीत लेती थीं। पुलिस ने मामले की जांच में बताया कि वे शारीरिक संबंध बनाकर पति-परिवार से भावनात्मक जुड़ाव पैदा करतीं। जैसे ही लगता कि सब पूरा भरोसा कर चुके हैं, वे कीमती गहने, नकदी और कपड़े लेकर परिवार के साथ फरार हो जाती थीं।

कब और कहाँ खुला पर्दा — FIR से गिरफ्तारी तक

इस गैंग का पता तब चला जब राजस्थान के सीकर जिले के ताराचंद जाट नामक परिवार ने FIR दर्ज कराई। आरोप है कि भगत सिंह ने अपने दो बेटों की शादियाँ कराने का वादा कर 11 लाख रुपये ऐंठ लिए। 21 मई 2024 को शादी हुई, पर तीसरे ही दिन दुल्हनें और उनका पूरा परिवार घर से गायब हो गया।

राजस्थान पुलिस की शिकायत के बाद राजस्थान-उत्तर प्रदेश-हरियाणा में साझा जांच चली। काजल के पिता भगत सिंह, मां सरोज देवी, बहन तमन्ना और भाई सूरज पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे। काजल कुछ समय तक लगातार ठिकाना बदलकर फरार रही। मोबाइल लोकेशन और तकनीकी निगरानी के जरिए उसे गुरुग्राम के सेक्टर-37 के किराए के मकान से पकड़ा गया — गिरफ्तार होने पर उसके हाथों में मेहंदी लगी मिली, जिससे शक है कि वह किसी नए शिकार की तलाश में थी।

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पुलिस की कार्रवाई और मामला — क्या कहा गया?

पुलिस ने बताया कि यह एक व्यवस्थित अपराध नेटवर्क था जिसमें परिवार के सदस्य मिलकर कार्रवाई करते थे। जारी प्राथमिकी में कई स्थानों के पीड़ितों के बयान दर्ज हैं। जांच आगे भी जारी है और ज़रूरी कानूनी प्रक्रियाएँ अपनाई जा रही हैं।

कानूनी परिणाम और संभावित आरोप

मौजूदा जानकारी के अनुसार आरोपों में धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और जब्ती-संबंधी धाराएँ शामिल हो सकती हैं। यदि आरोप सच पाए गए, तो गैंग के सदस्यों को सख्त सज़ा का सामना करना पड़ सकता है।

समाज के लिए चेतावनी — कैसे रहें सतर्क

ऐसी घटनाएँ हमें याद दिलाती हैं कि शादी जैसे निजी निर्णय में भी सावधानी जरूरी है। किसी भी अजनबी पर अन्धाधुंध भरोसा करने से पहले निम्न सावधानियाँ बरतें:

  • पार्टियों के पारिवारिक पृष्ठभूमि और पहचान का सत्यापन कराएँ।
  • शादी की धनराशि और तैयारियों के लिए सीधे बैंक रसीद/वॉलेट न दें — लिखित समझौते और नागरिक गवाही रखें।
  • रिश्तेदारों और परिवार वालों की उपस्थिति में ही महत्वपूर्ण आर्थिक लेन-देन करें।
  • यदि शादी के तुरंत बाद दुल्हन-पक्ष पारंपरिक रस्मों के बहाने संदेहास्पद व्यवहार करे तो स्थानीय पुलिस/काउंसलर से राय लें।
नोट: इस लेख की प्राथमिक जानकारी पुलिस रिपोर्ट और FIR पर आधारित है। आरोपी अभी कानूनी प्रक्रिया के तहत हैं; दोषी ठहराए जाने तक उन्हें कानून के तहत निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है।
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अगर आप ऐसा किसी मामले के पीड़ित हैं: नजदीकी थाने में तुंरत FIR दर्ज कराएँ, मोबाइल व लेन-देन के सबूत सुरक्षित रखें और कानूनी सलाह लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (क्लिक करें — जवाब दिखेगा)

काजल को कहाँ और कब गिरफ्तार किया गया?
पुलिस ने काजल को हरियाणा के गुरुग्राम के सेक्टर-37 में एक किराए के मकान से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी की तारीख और समय संबंधित पुलिस विज्ञप्ति में दिए गए हैं।
क्या काजल अकेली थी या पूरा परिवार शामिल था?
पुलिस अनुसंधान के अनुसार पूरा परिवार—पिता (भगत सिंह), मां (सरोज देवी), बहन (तमन्ना) और भाई (सूरज)—इस गैंग के भागीदार बताए जा रहे हैं; कई सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पीड़ितों की क्या हिम्मत रखी जा सकती है?
पीड़ितों को चाहिए कि वे अपने पास मौजूद सभी दस्तावेज़, बैंक/UPI-लेनदेन रिकॉर्ड, शादी-सम्बंधी रसीदें और गवाहों के बयान Police/Advocate के पास सुरक्षित रखें और FIR के साथ सख्ती से पीछा करें।
ऐसे मामलों से खुद को कैसे बचाया जा सकता है?
पहचान की जाँच, लिखित समझौते, परिवार-रिफरेंस सत्यापन और वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता — ये प्रमुख बचाव हैं। शादी के तुरंत बाद बड़े आर्थिक निर्णय टालें जब तक भरोसा साबित न हो।

रिपोर्टर: चुन्नीलाल प्रधान • संपादन: आपकी टीम • स्रोत: FIR और पुलिस रिपोर्ट (प्राथमिक जानकारी)।


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