
कामवन। कामां का पौराणिक, धार्मिक और शास्त्र सम्मत नाम बदलकर कामवन किए जाने के निर्णय के बाद क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। इसी क्रम में सर्व समाज द्वारा जायंट्स ग्रुप ऑफ कामवन और अपना घर सेवा समिति कामवन के तत्वावधान में रविवार को ऐतिहासिक लाल दरवाजे पर विधायक नौक्षम चौधरी का नागरिक अभिनंदन और धन्यवाद सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और विधायक नौक्षम चौधरी का आभार व्यक्त किया।
सर्व समाज ने किया भव्य नागरिक अभिनंदन
कार्यक्रम का आयोजन ऐतिहासिक लाल दरवाजे पर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष कमल अरोड़ा के आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर जायंट्स ग्रुप ऑफ कामवन के अध्यक्ष खेमराज खंडेलवाल और अपना घर सेवा समिति के अध्यक्ष प्रमोद पुजारी ने बताया कि कामां का नाम कामवन किए जाने से क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि यह केवल नाम परिवर्तन नहीं बल्कि ब्रज की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक परंपरा को सम्मान देने का निर्णय है।
कार्यक्रम के दौरान संजय जैन बड़जात्या ने मंच संचालन करते हुए कहा कि कामवन नाम की यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति या संगठन की नहीं बल्कि समस्त समाज की संयुक्त भावना और प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक निर्णय के पीछे धार्मिक गुरुओं, मंदिरों के महंतों, सामाजिक संगठनों और पूरे कामवन क्षेत्र के नागरिकों का सामूहिक योगदान रहा है।
साठ से अधिक संस्थाओं ने किया सम्मान
कार्यक्रम में कस्बे की साठ से अधिक विभिन्न समाजों, धार्मिक, सांस्कृतिक और स्वयंसेवी संस्थाओं ने भाग लेकर विधायक नौक्षम चौधरी का भव्य स्वागत और सम्मान किया। विभिन्न संगठनों द्वारा विधायक को फूल मालाओं, प्रतीक चिन्ह, साफा, दुपट्टा, रजत मुकुट और धार्मिक चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही अपना घर सेवा समिति और जायंट्स ग्रुप के पदाधिकारियों द्वारा ब्रजभाषा में लिखित अभिनंदन पत्र भी विधायक को भेंट किया गया। यह अभिनंदन पत्र कामवन की जनता की भावनाओं का प्रतीक माना गया।
कार्यक्रम के दौरान विधायक नौक्षम चौधरी नगर पालिका से पैदल ही व्यापारियों और नागरिकों का अभिनंदन स्वीकार करते हुए लाल दरवाजे पहुंचीं। रास्ते में व्यापार महासंघ और उसके विभिन्न घटकों द्वारा जगह-जगह स्वागत और सम्मान समारोह आयोजित किए गए।
लाल कारपेट पर हुआ भव्य स्वागत
मुख्य कार्यक्रम स्थल पर जायंट्स ग्रुप महिला ज्योति, अपनाघर महिला इकाई, जैन समाज महिला मंडल, राधे महिला मंडल और खंडेलवाल समाज की महिलाओं ने पारंपरिक परिधान धारण कर विधायक नौक्षम चौधरी का लाल कारपेट पर स्वागत किया। महिलाओं ने लाल परिधान पहनकर विजय का प्रतीक प्रस्तुत किया और ढोल-नगाड़ों तथा शंखनाद के साथ पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने जयकारों और तालियों के साथ विधायक का स्वागत किया। कार्यक्रम में किन्नर समाज के प्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर विधायक नौक्षम चौधरी को सम्मानित किया और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया।
मैं तो डाकिया हूं, जनता की भावना मुख्यमंत्री तक पहुंचाई
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक नौक्षम चौधरी ने कहा कि कामवन क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से यह मांग थी कि कामां को उसकी पुरातन और पौराणिक पहचान वापस मिले। उन्होंने कहा कि विभिन्न धार्मिक ग्रंथों और शास्त्रों में कामां का पौराणिक नाम कामवन ही अंकित है। ब्रज के बारह प्रमुख वनों में कामवन को पांचवें प्रमुख वन के रूप में वर्णित किया गया है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता की भावना को ध्यान में रखते हुए इस मांग को विधानसभा में उठाया गया और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनभावना का सम्मान करते हुए कामां का नाम बदलकर कामवन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
विधायक नौक्षम चौधरी ने भावुक स्वर में कहा, “मैं तो केवल अपने क्षेत्र की जनता की डाकिया हूं। मेरा काम जनता की मांग और भावनाओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाना है। मैंने वही किया और आज आप सभी की भावना पूर्ण हुई है।”
उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में कामवन क्षेत्र के विकास के लिए कई योजनाओं पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि क्षेत्र के विकास और जनकल्याण के लिए कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब
इस ऐतिहासिक अवसर पर बड़ी संख्या में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में डॉ. संजय शर्मा ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया और इस ऐतिहासिक क्षण को कामवन की सांस्कृतिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला। स्थानीय नागरिकों ने इसे ब्रज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तथा विधायक नौक्षम चौधरी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
कामां का नाम बदलकर कामवन क्यों किया गया?
धार्मिक ग्रंथों और शास्त्रों में कामां का पौराणिक नाम कामवन बताया गया है। जनभावना और ऐतिहासिक पहचान को ध्यान में रखते हुए इस नाम को पुनर्स्थापित किया गया।
नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम कहाँ आयोजित किया गया?
नागरिक अभिनंदन और धन्यवाद सभा का आयोजन कामवन के ऐतिहासिक लाल दरवाजे पर किया गया।
कार्यक्रम में कितनी संस्थाओं ने भाग लिया?
कार्यक्रम में साठ से अधिक सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और स्वयंसेवी संस्थाओं ने भाग लेकर विधायक नौक्षम चौधरी का सम्मान किया।









