सरकारी कंपोजिट विद्यालय भाटपार रानी के 7 बच्चे राष्ट्रीय आय एवं योग्यता परीक्षा में चयनित
परिश्रम और मार्गदर्शन से हासिल की सफलता

देवरिया के कंपोजिट विद्यालय भाटपार रानी के सात सफल छात्र और शिक्षक अनिल कुमार सम्मान समारोह के दौरान


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रिपोर्टर: इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया, भाटपार रानी। शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर सरकारी विद्यालय के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। भाटपार रानी स्थित सरकारी कंपोजिट विद्यालय के सात विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता प्राप्त कर विद्यालय, परिवार, समाज और पूरे जनपद का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि सीमित संसाधनों के बावजूद इन बच्चों ने अपने परिश्रम और शिक्षकों के मार्गदर्शन से यह मुकाम हासिल किया है।

विद्यालय के छात्रों की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही दिशा में प्रयास किया जाए और शिक्षकों का मार्गदर्शन मिले तो किसी भी कठिन लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। यह उपलब्धि न केवल विद्यालय के लिए गर्व की बात है बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

राष्ट्रीय आय एवं योग्यता परीक्षा में शानदार प्रदर्शन

राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित प्रतियोगिता परीक्षा में कंपोजिट विद्यालय भाटपार रानी के कुल सात विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। चयनित विद्यार्थियों में कक्षा 8 के छात्र-छात्राएं शामिल हैं जिन्होंने कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किया।

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चयनित विद्यार्थियों में बिवेक कुशवाहा (रैंक 24), इशरत जहां (रैंक 27), अविनाश (रैंक 31), आयुष कुमार (रैंक 40), अनन्या (रैंक 45), तेजस्वनी गुप्ता (रैंक 45) और मृत्युंजय (रैंक 45) शामिल हैं। इन सभी छात्रों ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया कि सफलता संसाधनों की नहीं बल्कि संकल्प और परिश्रम की मोहताज होती है।

ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े इन विद्यार्थियों ने सीमित साधनों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल कर यह संदेश दिया है कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो हर बाधा को पार किया जा सकता है।

अभावों के बीच प्रतिभा का शानदार उदाहरण

इन बच्चों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा किसी भी परिस्थिति में अपना रास्ता बना ही लेती है। संसाधनों की कमी के बावजूद इन विद्यार्थियों ने कठिन परिश्रम और निरंतर अभ्यास के बल पर यह उपलब्धि हासिल की।

अक्सर यह कहा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सीमित अवसर और संसाधनों के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लेकिन भाटपार रानी के इन विद्यार्थियों ने यह धारणा गलत साबित कर दी है। उन्होंने साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के बल पर हर सपना साकार किया जा सकता है।

शिक्षक अनिल कुमार के प्रयासों की सराहना

इस सफलता के पीछे विद्यालय के शिक्षक श्री अनिल कुमार का विशेष योगदान बताया जा रहा है। उन्होंने विद्यालय समय के बाद भी अतिरिक्त समय निकालकर विद्यार्थियों को निशुल्क पढ़ाया और परीक्षा की तैयारी कराई।

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उनके समर्पण और परिश्रम का ही परिणाम है कि विद्यालय के सात विद्यार्थियों ने एक साथ इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त की। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षक अनिल कुमार का यह प्रयास गुरु द्रोणाचार्य, विश्वामित्र और गुरु वशिष्ठ जैसी महान शिक्षकीय परंपराओं की याद दिलाता है।

अनिल कुमार का मानना है कि यदि विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन और प्रेरणा मिले तो वे किसी भी ऊंचाई तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख किया – “कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों।”

विद्यालय में उत्सव जैसा माहौल

विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से विद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल बन गया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती वंदना देवी सहित पूरे विद्यालय परिवार ने चयनित विद्यार्थियों का स्वागत समारोह आयोजित कर सम्मान किया।

इस अवसर पर बच्चों को मिठाई खिलाई गई और उनके माथे पर तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इसके बाद चयनित विद्यार्थियों को माला पहनाकर तथा मेडल देकर सम्मानित किया गया। साथ ही कापी, पेन और अन्य शैक्षणिक सामग्री उपहार के रूप में देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती वंदना देवी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सफलता पूरे विद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने शिक्षक अनिल कुमार को पुष्पगुच्छ और घड़ी भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके योगदान की सराहना की।

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समाज के लिए प्रेरणा बनी सफलता

इस उपलब्धि के अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और शिक्षक भी मौजूद रहे। वार्ड सभासद श्रीमती किरण मद्धेशिया सहित विद्यालय के शिक्षकगण और अनुदेशकगण ने बच्चों और शिक्षक अनिल कुमार को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों में श्री अजय सिंह, श्रीमती सुमन पांडेय, श्री संतोष गुप्ता, श्रीमती प्रीति, श्री संजीत गुप्ता, श्री दीपक यादव, कु. चारू गुप्ता, श्री शिव गुप्ता, श्री रवि प्रकाश पांडेय, श्री विवेक कुमार तथा अनुदेशक श्री कृष्णा यादव, श्री राकेश सिंह, श्रीमती अमृता, शिक्षामित्र श्रीमती पूनम देवी और श्रीमती मनीषा देवी आदि शामिल रहे।

सभी ने बच्चों की सफलता को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि यदि शिक्षक समर्पण के साथ विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दें और विद्यार्थी मेहनत करें तो सरकारी विद्यालय भी उत्कृष्ट परिणाम दे सकते हैं।


FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

राष्ट्रीय आय एवं योग्यता परीक्षा क्या है?

राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा एक छात्रवृत्ति परीक्षा है, जिसमें सफल होने वाले विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

भाटपार रानी विद्यालय के कितने छात्र चयनित हुए?

कंपोजिट विद्यालय भाटपार रानी के कुल सात छात्रों का चयन राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा में हुआ है।

इस सफलता के पीछे किस शिक्षक का योगदान रहा?

विद्यालय के शिक्षक अनिल कुमार ने विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय देकर निशुल्क पढ़ाया और परीक्षा की तैयारी कराई, जिसके परिणामस्वरूप यह सफलता मिली।

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