सनातन के लिए काम करने वाले सच्चे शूरवीर: उल्का गुप्ता

द केरला स्टोरी 2 की अभिनेत्री उल्का गुप्ता वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट और अन्य लोगों के साथ


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रिपोर्टर: मनोज चौधरी की रिपोर्ट

वृंदावन। सनातन परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर इन दिनों समाज में लगातार चर्चा तेज हो रही है। इसी क्रम में शनिवार को फिल्म अभिनेत्री और “द केरला स्टोरी 2” की नायिका उल्का गुप्ता ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि बनाम शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण के प्रमुख हिंदू पक्षकार तथा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट से मुलाकात की। वृंदावन के एक स्थानीय होटल में हुई इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े ऐतिहासिक, धार्मिक और न्यायिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

सनातन के लिए काम करने वाले लोग सच्चे शूरवीर

मुलाकात के दौरान अभिनेत्री उल्का गुप्ता ने कहा कि सनातन धर्म और उसकी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए जो लोग संघर्ष कर रहे हैं, वे वास्तव में सच्चे शूरवीर हैं। उन्होंने महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल किसी व्यक्ति या संगठन का नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा हुआ विषय है।

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उल्का गुप्ता ने अपनी बात रखते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की प्राकट्य भूमि करोड़ों लोगों के लिए श्रद्धा का केंद्र है और उनके मूल गर्भगृह स्थल पर भव्य मंदिर निर्माण की कामना हर सनातन आस्थावान के मन में है। उन्होंने कहा कि ठाकुर जी महेंद्र प्रताप सिंह को इस कार्य को पूरा करने के लिए शक्ति और साहस प्रदान करें। साथ ही उन्होंने इस संघर्ष में अपना समर्थन भी व्यक्त किया।

ऐतिहासिक तथ्यों और न्यायिक संघर्ष की चर्चा

इस अवसर पर महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने अभिनेत्री को श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के ऐतिहासिक तथ्यों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इतिहास के अनुसार मुगल शासक औरंगजेब के शासनकाल में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़कर वहां मस्जिद का निर्माण कराया गया था। यह घटना सनातन समाज की स्मृति और इतिहास का एक संवेदनशील अध्याय रही है।

उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि सनातन संस्कृति की पहचान का प्रतीक है। इसके साथ करोड़ों लोगों की भावनाएं और विश्वास जुड़े हुए हैं। इसी कारण इस विषय को लेकर समाज में लंबे समय से चर्चा होती रही है और न्यायिक समाधान की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

न्यायालय में जारी है मुकदमा

महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण को लेकर 23 दिसंबर 2020 को न्यायालय में वाद दायर किया गया था। इसके बाद यह मुद्दा देशभर में चर्चा का विषय बन गया और विभिन्न मंचों पर इस पर बहस शुरू हुई। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से इस विषय का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है और अदालत में सुनवाई जारी है।

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उन्होंने यह भी जानकारी दी कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि के साथ-साथ आगरा की जामा मस्जिद में लगाए गए भगवान के विग्रहों को वापस लाने के लिए भी हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया गया है। इन दोनों मामलों में न्यायिक प्रक्रिया जारी है और उम्मीद है कि न्यायालय के माध्यम से सत्य सामने आएगा।

जनजागरण अभियान भी जारी

महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि वे केवल न्यायालय में मुकदमा लड़ने तक सीमित नहीं हैं बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए जनजागरण अभियान भी चला रहे हैं। देश और विदेश में विभिन्न संगठनों के माध्यम से इस विषय को समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि लोग इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मुद्दे के बारे में जागरूक हो सकें।

उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सम्मान से जुड़ा हुआ विषय है। इसलिए समाज के विभिन्न वर्गों से लोगों का समर्थन मिलना इस अभियान के लिए महत्वपूर्ण है।

फिल्मों के माध्यम से भी सनातन का संदेश

उल्का गुप्ता ने इस दौरान कहा कि उनकी आगामी फिल्म “द केरला स्टोरी 2” भी सनातन मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई गई है। उन्होंने कहा कि फिल्मों के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा सकता है और यही उनका उद्देश्य भी है।

उल्का गुप्ता इससे पहले लोकप्रिय ऐतिहासिक धारावाहिक “झांसी की रानी” में अपने अभिनय के लिए जानी जाती हैं। उस भूमिका ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई और दर्शकों के बीच वे झांसी की रानी के रूप में भी पहचानी जाती हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास और संस्कृति से जुड़े विषयों पर काम करना उनके लिए गर्व की बात है।

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कार्यक्रम में अन्य लोग भी रहे मौजूद

इस अवसर पर गोदान फिल्म की गायिका अनन्या सिंह भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इस विषय पर समाज में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।

मुलाकात के दौरान राजीव शर्मा, इंदिवर कोहली सहित फिल्म सिटी से जुड़े कई अन्य लोग भी उपस्थित रहे। सभी ने इस विषय पर विचार साझा किए और समाज में सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।


FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

उल्का गुप्ता ने महेंद्र प्रताप सिंह से क्यों मुलाकात की?

उल्का गुप्ता ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण और उससे जुड़े ऐतिहासिक व न्यायिक पहलुओं पर चर्चा करने तथा महेंद्र प्रताप सिंह के प्रयासों की सराहना करने के लिए उनसे मुलाकात की।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद क्या है?

यह विवाद मथुरा में स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद परिसर से संबंधित है। हिंदू पक्ष का दावा है कि यह स्थल भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि का मूल गर्भगृह है।

इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया कब शुरू हुई?

इस विषय में 23 दिसंबर 2020 को न्यायालय में वाद दायर किया गया, जिसके बाद से यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत विचाराधीन है।

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