देवरिया जनपद के सलेमपुर क्षेत्र में लंबे समय से प्रतीक्षित सलेमपुर–नोनापार मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य का आखिरकार शुभारंभ हो गया। करीब 17 करोड़ 9 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क परियोजना का शिलान्यास राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी और रामपुर कारखाना के विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने संयुक्त रूप से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया। इस अवसर पर क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
करीब 7.77 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण कार्य सलेमपुर और रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्रों के बीच आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से क्षेत्र के लोग इस मार्ग के चौड़ीकरण और मरम्मत की मांग कर रहे थे। अब शासन द्वारा धन आवंटित किए जाने के बाद इस परियोजना को गति मिली है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम ने कहा कि इस सड़क का निर्माण केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के निर्माण के लिए वह लंबे समय से प्रयासरत थीं और आज इसका शिलान्यास होना उनके लिए बेहद खास क्षण है।
राज्यमंत्री ने कहा कि सड़क के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ इसके चौड़ीकरण की भी व्यवस्था की गई है। इससे आसपास के गांवों और बाजारों को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क व्यवस्था से स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती प्राप्त होगी।
किसानों और मरीजों को होगी बड़ी सुविधा
राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क बनने के बाद किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में काफी सुविधा होगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में लगने वाला समय भी कम होगा। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की बुनियाद होती हैं और यह परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में सलेमपुर क्षेत्र में कई अन्य सड़कों के निर्माण की योजना भी बनाई जा रही है। उनका कहना था कि सलेमपुर उनके लिए घर के आंगन जैसा है और इसके विकास के लिए वह लगातार प्रयास कर रही हैं।
ठेकेदारों की मनमानी पर जताया रोष
राज्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ठेकेदारों की मनमानी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी ठेकेदार जानबूझकर विकास कार्यों में बाधा पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उसे ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि जनता को जल्द से जल्द बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।
सांसद ने सड़क को बताया विकास की जीवनरेखा
देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की जीवनरेखा होती हैं। उन्होंने कहा कि जब गांवों को मुख्य मार्गों से बेहतर तरीके से जोड़ा जाता है, तो वहां विकास की संभावनाएं स्वतः बढ़ जाती हैं।
सांसद ने कहा कि सलेमपुर क्षेत्र के विकास के लिए वह सदैव प्रतिबद्ध हैं और क्षेत्र के प्रत्येक कार्यकर्ता तथा नागरिक के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में भी क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
डबल इंजन सरकार के विकास मॉडल की चर्चा
रामपुर कारखाना के विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय ऐसा था जब उत्तर प्रदेश को विकास के मामले में पिछड़ा समझा जाता था। लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश में विकास कार्यों की नई गति दिखाई दे रही है।
विधायक ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश का विकास मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे कार्यों ने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है।
जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी
इस अवसर पर जिला मंत्री अभिषेक जायसवाल, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अमरेश सिंह, मंडल अध्यक्ष पुनीत यादव, राजीव वर्मा, अवनीश मिश्रा, अभय सिंह, रोहित मिश्रा, ब्रजेश धर दुबे, धनंजय चतुर्वेदी, राणा सिंह, शेषनाथ भाई, अखिलेश योगी, रवि कुशवाहा, अरुण गुप्ता, अनूप उपाध्याय, अशोक तिवारी, दीपक श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, राजीव मिश्रा, अमित चौरसिया, राकेश राजभर, सत्य प्रकाश दुबे, राकेश मिश्रा, हेमंत सिंह टिंकू, अरविंद मिश्रा, रामनयन सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों की भी अच्छी खासी भागीदारी देखने को मिली। लोगों ने सड़क निर्माण कार्य शुरू होने पर खुशी जताई और उम्मीद जताई कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।
क्षेत्रवासियों को विकास की नई उम्मीद
सलेमपुर–नोनापार मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू होने से क्षेत्रवासियों को विकास की नई उम्मीद मिली है। लंबे समय से खराब सड़क के कारण लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़कें केवल यात्रा को आसान नहीं बनातीं, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति देती हैं। इस दृष्टि से सलेमपुर–नोनापार मार्ग परियोजना को क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
FAQ
सलेमपुर–नोनापार मार्ग परियोजना की लागत कितनी है?
इस सड़क परियोजना की कुल लागत लगभग 17 करोड़ 9 लाख रुपये है।
सड़क की लंबाई कितनी है?
इस मार्ग की कुल लंबाई लगभग 7.77 किलोमीटर है।
सड़क निर्माण से क्षेत्र को क्या लाभ होगा?
इससे किसानों को बाजार तक पहुंचने में सुविधा होगी, मरीजों को अस्पताल तक जल्दी पहुंचने में मदद मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
शिलान्यास कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए?
कार्यक्रम में राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, विधायक सुरेंद्र चौरसिया सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।










