
जौनपुर। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध जौनपुर जनपद में इस वर्ष फिर से सांस्कृतिक उत्सव की भव्य झलक देखने को मिलेगी। जनपद में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय जौनपुर महोत्सव को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें महोत्सव की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) खेल एवं युवा कल्याण गिरीश चंद्र यादव ने की। इस अवसर पर मड़ियाहूं के विधायक डॉ. आर.के. पटेल, जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि जौनपुर महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जनपद की ऐतिहासिक पहचान, सांस्कृतिक धरोहर और साहित्यिक परंपराओं को देश-प्रदेश के सामने प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि महोत्सव को भव्य, आकर्षक और सुव्यवस्थित रूप में आयोजित किया जाए, ताकि इसमें शामिल होने वाले लोगों को जौनपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक मिल सके।
शाही किले में तीन दिन तक गूंजेगी संस्कृति की स्वर लहरियां
मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने बताया कि जौनपुर महोत्सव का आयोजन आगामी 24, 25 और 26 मार्च को ऐतिहासिक शाही किले में प्रस्तावित है। यह स्थान स्वयं जौनपुर की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है, इसलिए महोत्सव के लिए इससे बेहतर स्थल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से जौनपुर की ऐतिहासिक इमारतों, सांस्कृतिक परंपराओं और स्थानीय कला को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल की सजावट, मंच व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय से पूरा कर लिया जाए, ताकि आयोजन में किसी प्रकार की कमी न रह जाए।
स्थानीय कलाकारों और लोक संस्कृति को मिलेगा मंच
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि जौनपुर महोत्सव में स्थानीय कलाकारों और लोक संस्कृति को प्रमुखता दी जाए। मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि जनपद में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच प्रदान करने की है।
उन्होंने कहा कि लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक कला से जुड़े कलाकारों को महोत्सव में अपनी प्रस्तुति देने का अवसर दिया जाएगा, ताकि उनकी प्रतिभा लोगों तक पहुंच सके। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जौनपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाने वाले विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन
बैठक के दौरान यह भी तय किया गया कि जौनपुर महोत्सव के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। इससे युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और महोत्सव में उत्साह का माहौल बनेगा।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रमों की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की जाए कि इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक एकता का उत्सव होना चाहिए।
सुरक्षा, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान
बैठक में महोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और यातायात प्रबंधन को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आयोजन के दौरान आने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, पार्किंग व्यवस्था और यातायात नियंत्रण की उचित योजना बनाई जाए, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अलावा साफ-सफाई की व्यवस्था को भी विशेष रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सामूहिक विवाह और विभागीय योजनाओं की प्रदर्शनी
बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी महोत्सव के दौरान भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले जोड़ों का शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जाएगा, ताकि योजना का लाभ पात्र लोगों तक ही पहुंच सके।
इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देने के लिए विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इन प्रदर्शनी स्टॉल के माध्यम से आम जनता को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी और उन्हें इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
‘एक जनपद एक उत्पाद’ को मिलेगा विशेष स्थान
जिलाधिकारी ने बताया कि जौनपुर महोत्सव में ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के अंतर्गत स्थानीय उत्पादों को विशेष स्थान दिया जाएगा। इसके लिए अलग से स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां स्थानीय उद्यमी और कारीगर अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलेगा तथा लोगों को जौनपुर के पारंपरिक उत्पादों के बारे में जानकारी भी प्राप्त होगी।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए और महोत्सव को सफल बनाने के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां समय से शुरू कर दी जाएंगी और सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर आयोजन को सफल बनाया जाएगा।
मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने अंत में कहा कि जौनपुर महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनपद की पहचान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से यह आयोजन पिछले वर्षों से भी अधिक भव्य और यादगार बनेगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस महोत्सव को इस प्रकार आयोजित किया जाए कि इसमें शामिल होने वाले लोग जौनपुर की संस्कृति, परंपरा और विकास की झलक को महसूस कर सकें।
FAQ
जौनपुर महोत्सव कब आयोजित होगा?
जौनपुर महोत्सव का आयोजन 24, 25 और 26 मार्च को ऐतिहासिक शाही किले में किया जाएगा।
जौनपुर महोत्सव में कौन-कौन से कार्यक्रम होंगे?
महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं, सामूहिक विवाह समारोह और विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।
क्या स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलेगा?
हाँ, जौनपुर महोत्सव में स्थानीय कलाकारों, लोकनृत्य और लोकगीत से जुड़े कलाकारों को विशेष रूप से मंच प्रदान किया जाएगा।










