बीमारी से टूटा हौसला : पेट दर्द से परेशान युवक ने पेड़ से फंदा लगाकर दी जान

युवक की आत्महत्या के बाद गांव में रोती-बिलखती महिलाएं और परिजन शोक में बैठे हुए

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✍️इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया। जीवन कई बार ऐसे मोड़ पर आकर ठहर जाता है, जहां उम्मीदें धीरे-धीरे थकने लगती हैं और दर्द आदमी के हौसले को भीतर से तोड़ देता है। देवरिया जिले के कोतवाली क्षेत्र में बुधवार सुबह ऐसा ही एक हृदय विदारक दृश्य सामने आया, जब एक युवक का शव छोटी गंडक नदी के समीप पेड़ से लटकता मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक लंबे समय से पेट की गंभीर बीमारी से जूझ रहा था और इसी पीड़ा से परेशान होकर उसने आत्महत्या जैसा दर्दनाक कदम उठा लिया।

नदावर पुल के पास पेड़ से लटकता मिला शव

घटना कोतवाली क्षेत्र के नदावर पुल के पास छोटी गंडक नदी के किनारे स्थित छठ घाट के समीप की है। बुधवार सुबह जब आसपास के बच्चे और स्थानीय लोग उस रास्ते से गुजर रहे थे, तब उनकी नजर एक पेड़ पर लटकते युवक के शव पर पड़ी। पहले तो लोगों को यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब पास जाकर देखा गया तो स्पष्ट हो गया कि युवक ने रस्सी के सहारे पेड़ से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी है।

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यह दृश्य देखते ही वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में आसपास के ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना मृतक के परिजनों और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

हरैया वार्ड निवासी था मृतक युवक

मृतक की पहचान उपनगर हरैया वार्ड नंबर पांच निवासी झब्बर राजभर (36) पुत्र राजकुमार राजभर के रूप में हुई है। झब्बर अपने परिवार के साथ हरैया वार्ड में रहते थे और एक साधारण जीवन व्यतीत कर रहे थे। परिवार में पत्नी जानकी देवी के अलावा चार छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनमें बेटी काजल (14), बेटे अमन (12), करन (10) और अर्जुन (8) शामिल हैं।

परिजनों के अनुसार झब्बर राजभर काफी समय से पेट की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। उनका इलाज भी चल रहा था, लेकिन बीमारी के कारण वह लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान रहते थे। इसी कारण वह अक्सर उदास और चिंतित दिखाई देते थे।

परिवार को थी तलाश, सुबह मिली दुखद खबर

मृतक की बेटी काजल ने बताया कि मंगलवार दोपहर से ही उनके पिता घर से बाहर चले गए थे। देर शाम तक जब वह वापस नहीं लौटे तो परिवार के लोगों को चिंता होने लगी। परिजनों और रिश्तेदारों ने आसपास के क्षेत्रों में उनकी तलाश भी शुरू कर दी, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका।

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बुधवार सुबह जब नदावर के पास पेड़ से लटकते शव की खबर गांव में पहुंची, तब परिजनों को आशंका हुई। मौके पर पहुंचने के बाद जब उन्होंने शव की पहचान की तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी जानकी देवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे झब्बर

परिवारिक जानकारी के अनुसार झब्बर राजभर चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई बृजेश राजभर तथा छोटे भाई सत्येंद्र और अजय हैं। झब्बर परिवार के जिम्मेदार सदस्यों में से एक थे और अपने परिवार की देखभाल में पूरी मेहनत करते थे।

लेकिन लंबे समय से चल रही बीमारी ने उनकी जिंदगी को धीरे-धीरे मुश्किल बना दिया था। आर्थिक और शारीरिक परेशानियों के बीच वह मानसिक रूप से भी कमजोर पड़ने लगे थे।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

घटना की सूचना मिलने के बाद कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार मिश्र पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।

कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। युवक लंबे समय से पेट की बीमारी से परेशान था और संभवतः उसी मानसिक तनाव के कारण उसने यह कदम उठाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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बीमारी और मानसिक तनाव का दर्दनाक परिणाम

यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि समाज के सामने एक गंभीर सवाल भी खड़ा करती है। कई बार गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग शारीरिक पीड़ा के साथ मानसिक दबाव का भी सामना करते हैं। अगर ऐसे समय में उन्हें उचित सहारा और परामर्श न मिले तो वे निराशा के ऐसे दौर में पहुंच जाते हैं जहां उन्हें जीवन का रास्ता बंद दिखाई देने लगता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को परिवार और समाज की संवेदनशीलता की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। समय पर इलाज के साथ-साथ मानसिक सहयोग भी उतना ही जरूरी होता है।

FAQ

घटना कहां हुई?

घटना देवरिया जिले के कोतवाली क्षेत्र में नदावर पुल के पास छोटी गंडक नदी के किनारे छठ घाट के पास हुई।

मृतक की पहचान क्या है?

मृतक की पहचान हरैया वार्ड नंबर पांच निवासी 36 वर्षीय झब्बर राजभर के रूप में हुई है।

आत्महत्या की वजह क्या बताई जा रही है?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक लंबे समय से पेट की बीमारी से परेशान था और उसी मानसिक तनाव के कारण उसने आत्महत्या कर ली।

पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्रामीण क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों की त्वचा की जांच करते हुए, कुष्ठ रोगी खोजी अभियान के दौरान

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