बलरामपुर जिले के तुलसीपुर नगर क्षेत्र में मंगलवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई करते हुए सड़क किनारे नालों पर अवैध रूप से बनाए गए करीब 150 घरों के छज्जे और सीढ़ियां जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दीं। यह कार्रवाई नगर पंचायत प्रशासन, तहसील प्रशासन और पुलिस बल की संयुक्त मौजूदगी में पूरी सख्ती और नियोजित ढंग से अंजाम दी गई। अभियान का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना, जल निकासी को दुरुस्त करना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा।
मिल चुंगी नाका से लाल चौराहे तक चला अभियान
अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत तुलसीपुर के मिल चुंगी नाका से हुई, जो धीरे-धीरे पुरानी बाजार, स्टेशन रोड और अंततः लाल चौराहे तक पहुंचा। इस पूरे मार्ग पर वर्षों से नालों के ऊपर अवैध रूप से बनाए गए छज्जे, सीढ़ियां और अस्थायी निर्माण सड़क को संकरा कर रहे थे। बरसात के दिनों में जलभराव और रोजमर्रा में लगने वाले जाम ने स्थानीय नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी थी। प्रशासन को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह निर्णायक कार्रवाई की गई।
पुलिस बल की मौजूदगी, हल्की नोकझोंक भी
अभियान के दौरान पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई थी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। कुछ स्थानों पर अतिक्रमणकारियों और प्रशासनिक टीम के बीच हल्की नोकझोंक की स्थिति भी बनी, लेकिन अधिकारियों की सख्ती और स्पष्ट निर्देशों के आगे किसी को भी विरोध का अवसर नहीं मिला। प्रशासन ने साफ संदेश दिया कि सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पहले दी गई थी चेतावनी, फिर हुई कार्रवाई
नगर पंचायत प्रशासन की ओर से अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस और मौखिक चेतावनी देकर स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया गया था। कई लोगों ने समय रहते अपने अवैध निर्माण हटा लिए, लेकिन जिन लोगों ने चेतावनी को नजरअंदाज किया, उनके खिलाफ मंगलवार को बुलडोजर कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम अचानक नहीं उठाया गया, बल्कि पूरी प्रक्रिया नियमों और पूर्व सूचना के तहत अपनाई गई।
पुनः अतिक्रमण पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिन स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया है, वहां दोबारा कब्जा करने वालों के खिलाफ भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। नगर पंचायत प्रशासन का कहना है कि यह अभियान एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसे नियमित रूप से जारी रखा जाएगा ताकि शहर की सूरत और यातायात व्यवस्था में स्थायी सुधार हो सके।
गैसड़ी में भी चला बुलडोजर, 110 स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया
इसी क्रम में गैसड़ी नगर क्षेत्र में भी अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान चलाया गया। मंगलवार को पुलिस चौकी से लेकर स्टेशन मोड़ तक 110 से अधिक स्थानों पर अवैध कब्जे हटाए गए। इस दौरान टिनशेड, दीवारें और सड़क पर फैलाए गए अस्थायी निर्माण जेसीबी से हटाए गए। कुछ दुकानदारों ने प्रशासनिक सूचना के बाद स्वयं अतिक्रमण हटा लिया था, जबकि शेष के खिलाफ प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।
यातायात, सुरक्षा और जनहित प्रशासन की प्राथमिकता
नगर पंचायत अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण केवल सड़क की चौड़ाई ही नहीं घटाता, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ाता है। नालों के ऊपर निर्माण होने से जल निकासी बाधित होती है, जिससे बरसात के मौसम में जलभराव और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए जनहित, सड़क सुरक्षा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
अभियान को लेकर स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। जहां एक ओर कुछ लोगों ने इसे कठोर कदम बताया, वहीं बड़ी संख्या में नागरिकों ने प्रशासन के फैसले का समर्थन किया। उनका कहना है कि वर्षों से अतिक्रमण के कारण बाजार और मुख्य मार्गों पर चलना मुश्किल हो गया था। अब सड़क चौड़ी होने से यातायात सुगम होगा और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
नगर पंचायत और तहसील प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने वालों के लिए अब कोई रियायत नहीं होगी। अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर बिना भेदभाव कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि सख्ती के जरिए ही शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाया जा सकता है।










