
संजय सिंह राणा की रिपोर्ट
चित्रकूट: सूत्रों के हवाले से एक बड़ी खबर सामने आई है कि मानिकपुर ब्लॉक में लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे कुओं के निर्माण कार्य में भारी धांधली और फर्जीवाड़ा हुआ है। ठेकेदार रामकुमार यादव पर आरोप है कि उन्होंने अधूरे और गुणवत्ता-विहीन कार्य कराकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। इतना ही नहीं, बताया जा रहा है कि ठेकेदार ने धोखाधड़ी और जालसाजी करके जमानत राशि भी निकाल ली।
कुओं का निर्माण कार्य अधूरा, फिर भी ठेकेदार को मिला पूरा भुगतान
जानकारी के अनुसार, रामकुमार यादव कॉन्ट्रेक्टर एण्ड सप्लायर नाम की फर्म के माध्यम से लगभग सात कुएं स्वीकृत हुए थे। ये रामपुर, ऊंचाडीह, रानीपुर और बगदरी गांव में बनने थे। लेकिन जांच में पता चला कि कुओं का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है, फिर भी भुगतान कर दिया गया।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अधिकतर कुएं अधूरे हैं और जिनका निर्माण हुआ भी है, उनमें गुणवत्ता की भारी कमी है। इससे यह स्पष्ट होता है कि लघु सिंचाई विभाग में भ्रष्टाचार और मिलीभगत का खेल खेला गया।
ठेकेदार की मिलीभगत से निकाली गई जमानत राशि
सूत्रों के अनुसार, ठेकेदार रामकुमार यादव ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से जमानत राशि की निकासी भी कर ली है। विभागीय नियमों के अनुसार जब तक कार्य पूरी तरह से संतोषजनक न हो, तब तक जमानत राशि रिलीज नहीं की जा सकती। लेकिन यहाँ पर धोखाधड़ी और जालसाजी कर पूरी राशि निकाल ली गई।
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की है और मामले की विस्तृत जांच की मांग की है।
जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से नहीं हुई फर्म ब्लैकलिस्ट
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जहां इस प्रकार की गड़बड़ी सामने आई है, वहां ठेकेदार की फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए था। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के चलते अब तक किसी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, रामकुमार यादव निर्माण कार्य छोड़कर विभागीय अधिकारियों की “जी हजूरी” में व्यस्त रहता है, जिससे जांच और कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है।
जनता में आक्रोश, विभाग पर उठे सवाल
इस मामले ने स्थानीय क्षेत्र में भ्रष्टाचार को लेकर आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष हुई तो कई बड़े नाम इसमें फंस सकते हैं। वहीं, विभागीय अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं।
जनता अब यह जानना चाहती है कि आखिर कब तक सरकारी धन का दुरुपयोग इसी तरह होता रहेगा और जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई से बचते रहेंगे।
क्या होगी कार्रवाई? कब होगी जांच?
इस पूरे घोटाले पर अब सबकी नजर चित्रकूट जिला प्रशासन पर है। जनता की मांग है कि ठेकेदार रामकुमार यादव और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और फर्म को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए।
बताया जा रहा है कि विभागीय टीम को जांच के निर्देश दिए जा सकते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह जांच निष्पक्ष होगी या यह मामला भी रफादफा कर दिया जाएगा?
यह मामला कुओं के निर्माण में धांधली और ठेकेदार रामकुमार यादव के फर्जीवाड़े का एक बड़ा उदाहरण बन चुका है। लघु सिंचाई विभाग के इस भ्रष्टाचार ने एक बार फिर सरकारी कामकाज की सच्चाई उजागर की है।
*ठेकेदार रामकुमार यादव के फर्जीवाड़े की विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही…*
🔍 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. मानिकपुर ब्लॉक में कुओं के निर्माण में धांधली का मामला क्या है?
यह मामला लघु सिंचाई विभाग के अधीन हुए कुओं के निर्माण कार्य से जुड़ा है, जहां ठेकेदार रामकुमार यादव पर गुणवत्ता-विहीन कार्य, फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं।
2. ठेकेदार रामकुमार यादव पर क्या आरोप हैं?
उन पर अधूरे निर्माण कार्य के बावजूद भुगतान लेने, जमानत राशि निकालने और फर्जीवाड़े के जरिए विभाग को धोखा देने के आरोप हैं।
3. क्या ठेकेदार की फर्म ब्लैकलिस्ट की गई?
नहीं, सूत्रों के अनुसार अभी तक फर्म ब्लैकलिस्ट नहीं हुई है क्योंकि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत बताई जा रही है।
4. क्या मामले की जांच होगी?
स्थानीय लोगों और मीडिया रिपोर्ट्स के बाद प्रशासन इस मामले की जांच कर सकता है, लेकिन अब तक कोई औपचारिक जांच आदेश जारी नहीं हुआ है।









