संजय सिंह राणा की रिपोर्ट
चित्रकूट। दीपावली अमावस्या जैसे विशेष अवसर पर जब स्वच्छता अभियान को लेकर प्रशासन ने ग्राम पंचायतों में विशेष ड्यूटी तैनाती की थी, उस समय कई सफाई कर्मियों की मनमानी और लापरवाही सामने आई है। रामनगर ब्लॉक की अनेक ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मी या तो ड्यूटी से नदारद रहे या फिर दारू और मुर्गा मीट के आनंद में व्यस्त दिखाई दिए। इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये से प्रशासन में हड़कंप मच गया है और जिला पंचायत राज अधिकारी ने संबंधित कर्मियों के खिलाफ नोटिस जारी कर जांच शुरू कर दी है।
अपर जिलाधिकारी की सूचना पर पहुंचा प्रशासनिक अमला
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अपर जिलाधिकारी को शिकायत मिली कि दीपावली अमावस्या के दिन कई ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अधिकतर सफाई कर्मी ड्यूटी स्थल से गायब थे। कुछ स्थानों पर यह तक जानकारी मिली कि ड्यूटी छोड़कर सफाई कर्मी दारू पीने और मुर्गा मीट खाने में व्यस्त हैं।
कई ग्राम पंचायतों में नहीं दिखे सफाई कर्मी
रामनगर ब्लॉक की जिन ग्राम पंचायतों में यह लापरवाही सामने आई, उनमें प्रमुख हैं — देऊंधा, रूपौली, बल्हौरा, रगौली और भखरवार। इन ग्राम पंचायतों में दीपावली की रात और अगले दिन भी सफाई कर्मी पूरी तरह नदारद रहे। गाँवों की गलियों और धर्मस्थलों के बाहर कूड़े-कचरे के ढेर लगे रहे, जिससे श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में रोष देखा गया।
दारू और मीट पार्टी में मस्त रहे कर्मी
वहीं ग्राम पंचायत नादिन कुर्मियान और रामपुर की स्थिति तो और भी शर्मनाक रही। यहाँ सफाई कर्मियों को धर्मस्थल के पास शराब पीते और मुर्गा मीट खाते देखा गया। दीपावली जैसे पवित्र अवसर पर सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की हरकत से ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इन कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
धर्मस्थल पर अपमानजनक कृत्य से भड़के ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि धार्मिक स्थल के निकट शराब पीना और मांसाहार करना आस्थाओं का खुला अपमान है। ग्रामीणों ने कहा कि सफाई कर्मी अपने दायित्व से तो मुंह मोड़ ही रहे हैं, बल्कि धर्मस्थलों की मर्यादा भंग कर समाज में गलत उदाहरण पेश कर रहे हैं। कई ग्रामवासियों ने इस मामले की शिकायत ब्लॉक प्रशासन और जिला अधिकारी कार्यालय में भी की है।
प्रशासन की सख्त प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही जिला पंचायत राज अधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी दोषी सफाई कर्मियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। डीपीआरओ ने स्पष्ट कहा कि ‘‘सरकारी ड्यूटी के दौरान लापरवाही, विशेषकर धार्मिक अवसरों पर, किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी सफाई कर्मी ड्यूटी से नदारद पाया गया है, या अनुशासनहीनता में लिप्त है, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।’’
सहायक विकास अधिकारी के खिलाफ साजिश की कोशिश
जानकारी यह भी मिली है कि ड्यूटी से गायब रहने वाले कुछ सफाई कर्मी अब अपने बचाव में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), रामनगर के खिलाफ फर्जी आरोप गढ़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि जब एडीओ (पंचायत) ने इन कर्मियों की लापरवाही पर सख्त टिप्पणी की, तो उन्होंने मिलकर अधिकारी को बदनाम करने की साजिश रची। सूत्रों के अनुसार, सफाई कर्मी अब अधिकारियों पर पक्षपात और दुर्व्यवहार के झूठे आरोप लगाकर अपनी गलती से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रशासन ने कहा — सच्चाई सामने लाएंगे
इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी का कहना है कि ‘‘जांच निष्पक्ष होगी। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है। चाहे वह सफाई कर्मी हो या कोई अधिकारी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।’’ अधिकारी ने बताया कि एक तथ्य-आधारित रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि दोषियों के विरुद्ध उचित अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकें।
ग्राम स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरी घटना ने ब्लॉक स्तर पर सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहाँ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री स्तर पर स्वच्छ भारत मिशन को लेकर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं जमीनी स्तर पर ड्यूटी पर तैनात कर्मी ही जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि अगर जिम्मेदार कर्मचारी ही अपनी ड्यूटी नहीं निभाएंगे, तो गाँवों में स्वच्छता अभियान कैसे सफल होगा?
लोगों में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
ग्राम पंचायतों के लोगों का कहना है कि दीपावली जैसे बड़े पर्व पर गाँव की सफाई की जिम्मेदारी इन्हीं कर्मियों पर थी। लेकिन उन्होंने ड्यूटी से गायब रहकर और धार्मिक स्थलों पर शराब-मांस पार्टी कर ग्राम पंचायत की छवि धूमिल की है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे कर्मचारियों को केवल नोटिस देकर नहीं छोड़ा जाना चाहिए, बल्कि निलंबन या सेवा समाप्ति जैसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या होगी आगे की कार्रवाई?
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिला पंचायत राज अधिकारी ने इस प्रकरण की पूरी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। दोषी सफाई कर्मियों से लिखित जवाब मांगा गया है। अगर उनका स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया गया, तो विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ वेतन रोकने और निलंबन जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
निष्कर्ष
दीपावली जैसे धार्मिक पर्व पर जब पूरा प्रशासन गाँवों को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में सक्रिय था, उस समय कुछ सफाई कर्मियों की गैरजिम्मेदाराना हरकत ने न केवल व्यवस्था की पोल खोली, बल्कि पूरे तंत्र की साख पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और कठोरता से कार्रवाई करता है, ताकि भविष्य में कोई भी कर्मचारी अपने कर्तव्यों से मुंह न मोड़े और स्वच्छता अभियान की सच्ची भावना धरातल पर उतर सके।









